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रविवार, 18 जुलाई 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

रविवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन गुरु पूर्णिमा है। पूर्णिमा तिथि रात तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। चन्द्रमा पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर उत्तर आषाढ़ा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:59 से 12:54 तक शुभ है; राहु काल 17:36 से 19:19 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

इस दिन के पर्व

रविवार, 18 जुलाई

गुरु पूर्णिमा

व्यास पूर्णिमा

जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।

गुरु और शिक्षकों के सम्मान का दिन। भक्त अपने गुरुजनों को प्रणाम करते हैं और वेदव्यास का स्मरण करते हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 18:48 से 21:14 तक

    • फिर

      कृष्ण प्रतिपदा

      21:14 – अगले दिन 23:48

    पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि। भक्ति, व्रत और आरंभ किए काम पूरे करने का दिन।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन 08:21 से 11:18 तक

    • फिर

      उत्तर आषाढ़ा

      11:18 – अगले दिन 14:23

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • वैधृति

      पिछले दिन 14:23 से 15:21 तक

    • फिर

      विष्कुम्भ

      15:21 – अगले दिन 16:26

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      पिछले दिन 18:48 से 08:00 तक

    • फिर

      बव

      08:00 – 21:14

    • फिर

      बालव

      21:14 – अगले दिन 10:31

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · रवि

00061218उद्वेग · 05:34 – 07:17चल · 07:17 – 09:00लाभ · 09:00 – 10:44अमृत · 10:44 – 12:27काल · 12:27 – 14:10शुभ · 14:10 – 15:53रोग · 15:53 – 17:36उद्वेग · 17:36 – 19:19शुभ · 19:19 – 20:36अमृत · 20:36 – 21:53चल · 21:53 – 23:10रोग · 23:10 – 00:27काल · 00:27 – 01:44लाभ · 01:44 – 03:01उद्वेग · 03:01 – 04:18शुभ · 04:18 – 05:35उद्योग · 05:34 – 07:17अमृत · 07:17 – 09:00रोग · 09:00 – 10:44लाभ · 10:44 – 12:27धन · 12:27 – 14:10सुख · 14:10 – 15:53चोर · 15:53 – 17:36विष · 17:36 – 19:19धन · 19:19 – 20:36सुख · 20:36 – 21:53चोर · 21:53 – 23:10विष · 23:10 – 00:27उद्योग · 00:27 – 01:44अमृत · 01:44 – 03:01रोग · 03:01 – 04:18लाभ · 04:18 – 05:35ब्रह्म मुहूर्त · 04:12 – 04:53अभिजित मुहूर्त · 11:59 – 12:54अमृत काल · 05:54 – 07:42राहु काल · 17:36 – 19:19यमगण्ड काल · 12:27 – 14:10गुलिक काल · 15:53 – 17:36वर्ज्यम् · 20:20 – 22:08सूर्य · 05:34 – 06:43शुक्र · 06:43 – 07:52बुध · 07:52 – 09:00चंद्र · 09:00 – 10:09शनि · 10:09 – 11:18गुरु · 11:18 – 12:27मंगल · 12:27 – 13:36सूर्य · 13:36 – 14:44शुक्र · 14:44 – 15:53बुध · 15:53 – 17:02चंद्र · 17:02 – 18:11शनि · 18:11 – 19:19गुरु · 19:19 – 20:11मंगल · 20:11 – 21:02सूर्य · 21:02 – 21:53शुक्र · 21:53 – 22:44बुध · 22:44 – 23:36चंद्र · 23:36 – 00:27शनि · 00:27 – 01:18गुरु · 01:18 – 02:10मंगल · 02:10 – 03:01सूर्य · 03:01 – 03:52शुक्र · 03:52 – 04:43बुध · 04:43 – 05:35

18 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
05:34
07:17
09:00
10:44
12:27
14:10
15:53
17:36

रात का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
19:19
20:36
21:53
23:10
00:27
01:44
03:01
04:18

दिन का गौरी

8·1 घं 43 मि
05:34
07:17
09:00
10:44
12:27
14:10
15:53
17:36

रात का गौरी

8·1 घं 17 मि
19:19
20:36
21:53
23:10
00:27
01:44
03:01
04:18
04:12–04:53
11:59–12:54
05:54–07:42
17:36–19:19
12:27–14:10
15:53–17:36
20:20–22:08

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:34
06:43
07:52
09:00
10:09
11:18
12:27
13:36
14:44
15:53
17:02
18:11

रात के होरा

12·51 मि
19:19
20:11
21:02
21:53
22:44
23:36
00:27
01:18
02:10
03:01
03:52
04:43

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 जुलाई 2027 की तिथि क्या है?
18 जुलाई 2027 को पूर्णिमा तिथि 21:14 तक है, फिर कृष्ण प्रतिपदा आरंभ होती है।
18 जुलाई 2027 का नक्षत्र क्या है?
18 जुलाई 2027 को नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग वैधृति है।
18 जुलाई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 19:19 पर है।
18 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 17:36 से 19:19 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।