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सोमवार, 21 जुलाई 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। कामिका एकादशी तिथि सुबह तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा रोहिणी नक्षत्र में रात तक है, फिर मृगशिरा में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:00 से 12:54 तक शुभ है; राहु काल 07:19 से 09:01 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कामिका एकादशी

      पिछले दिन 12:13 से 09:39 तक

    • फिर

      कृष्ण द्वादशी

      09:39 – अगले दिन 07:05

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तश्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • रोहिणी

      पिछले दिन 22:53 से 21:07 तक

    • फिर

      मृगशिरा

      21:07 – अगले दिन 19:24

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • वृद्धि

      पिछले दिन 21:48 से 18:38 तक

    • फिर

      ध्रुव

      18:38 – अगले दिन 15:32

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      पिछले दिन 22:56 से 09:39 तक

    • फिर

      कौलव

      09:39 – 20:22

    • फिर

      तैतिल

      20:22 – अगले दिन 07:05

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · सोम

00061218अमृत · 05:36 – 07:19काल · 07:19 – 09:01शुभ · 09:01 – 10:44रोग · 10:44 – 12:27उद्वेग · 12:27 – 14:10चल · 14:10 – 15:52लाभ · 15:52 – 17:35अमृत · 17:35 – 19:18चल · 19:18 – 20:35रोग · 20:35 – 21:53काल · 21:53 – 23:10लाभ · 23:10 – 00:27उद्वेग · 00:27 – 01:45शुभ · 01:45 – 03:02अमृत · 03:02 – 04:19चल · 04:19 – 05:37अमृत · 05:36 – 07:19विष · 07:19 – 09:01रोग · 09:01 – 10:44लाभ · 10:44 – 12:27धन · 12:27 – 14:10सुख · 14:10 – 15:52चोर · 15:52 – 17:35उद्योग · 17:35 – 19:18सुख · 19:18 – 20:35चोर · 20:35 – 21:53उद्योग · 21:53 – 23:10अमृत · 23:10 – 00:27विष · 00:27 – 01:45रोग · 01:45 – 03:02लाभ · 03:02 – 04:19धन · 04:19 – 05:37ब्रह्म मुहूर्त · 04:14 – 04:55अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:54अमृत काल · 18:09 – 19:38राहु काल · 07:19 – 09:01यमगण्ड काल · 10:44 – 12:27गुलिक काल · 14:10 – 15:52वर्ज्यम् · 13:42 – 15:11चंद्र · 05:36 – 06:45शनि · 06:45 – 07:53गुरु · 07:53 – 09:01मंगल · 09:01 – 10:10सूर्य · 10:10 – 11:18शुक्र · 11:18 – 12:27बुध · 12:27 – 13:35चंद्र · 13:35 – 14:44शनि · 14:44 – 15:52गुरु · 15:52 – 17:01मंगल · 17:01 – 18:09सूर्य · 18:09 – 19:18शुक्र · 19:18 – 20:09बुध · 20:09 – 21:01चंद्र · 21:01 – 21:53शनि · 21:53 – 22:44गुरु · 22:44 – 23:36मंगल · 23:36 – 00:27सूर्य · 00:27 – 01:19शुक्र · 01:19 – 02:10बुध · 02:10 – 03:02चंद्र · 03:02 – 03:53शनि · 03:53 – 04:45गुरु · 04:45 – 05:37

21 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
05:36
07:19
09:01
10:44
12:27
14:10
15:52
17:35

रात का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
19:18
20:35
21:53
23:10
00:27
01:45
03:02
04:19

दिन का गौरी

8·1 घं 43 मि
05:36
07:19
09:01
10:44
12:27
14:10
15:52
17:35

रात का गौरी

8·1 घं 17 मि
19:18
20:35
21:53
23:10
00:27
01:45
03:02
04:19
04:14–04:55
12:00–12:54
18:09–19:38
07:19–09:01
10:44–12:27
14:10–15:52
13:42–15:11

दिन के होरा

12·1 घं 8 मि
05:36
06:45
07:53
09:01
10:10
11:18
12:27
13:35
14:44
15:52
17:01
18:09

रात के होरा

12·52 मि
19:18
20:09
21:01
21:53
22:44
23:36
00:27
01:19
02:10
03:02
03:53
04:45

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 जुलाई 2025 की तिथि क्या है?
21 जुलाई 2025 को कामिका एकादशी तिथि 09:39 तक है, फिर कृष्ण द्वादशी आरंभ होती है।
21 जुलाई 2025 का नक्षत्र क्या है?
21 जुलाई 2025 को नक्षत्र रोहिणी और योग वृद्धि है।
21 जुलाई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:36 पर और सूर्यास्त 19:18 पर है।
21 जुलाई 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:19 से 09:01 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।