मुख्य सामग्री पर जाएँ

शुक्रवार, 24 जुलाई 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शुक्रवार, शुक्ल पक्ष। दशमी तिथि सुबह तक है, फिर देवशयनी एकादशी आरंभ होती है। दशमी स्थिर तिथि है, अधिकतर कामों के लिए शुभ। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर ज्येष्ठा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:00 से 12:54 तक शुभ है; राहु काल 10:45 से 12:27 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल दशमी

      पिछले दिन 07:03 से 09:13 तक

    • फिर

      देवशयनी एकादशी

      09:13 – अगले दिन 11:34

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • अनुराधा · पाद 1

      01:42 से अगले दिन 04:36 तक

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • शुक्ल

      पिछले दिन 19:20 से 20:11 तक

    • फिर

      ब्रह्म

      20:11 – अगले दिन 21:08

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      पिछले दिन 20:06 से 09:13 तक

    • फिर

      वणिज

      09:13 – 22:23

    • फिर

      विष्टि

      22:23 – अगले दिन 11:34

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल दशमी · शुक्र

00061218चल · 05:38 – 07:20लाभ · 07:20 – 09:02अमृत · 09:02 – 10:45काल · 10:45 – 12:27शुभ · 12:27 – 14:09रोग · 14:09 – 15:52उद्वेग · 15:52 – 17:34चल · 17:34 – 19:17रोग · 19:17 – 20:34काल · 20:34 – 21:52लाभ · 21:52 – 23:10उद्वेग · 23:10 – 00:27शुभ · 00:27 – 01:45अमृत · 01:45 – 03:03चल · 03:03 – 04:20रोग · 04:20 – 05:38सुख · 05:38 – 07:20चोर · 07:20 – 09:02उद्योग · 09:02 – 10:45विष · 10:45 – 12:27अमृत · 12:27 – 14:09रोग · 14:09 – 15:52लाभ · 15:52 – 17:34धन · 17:34 – 19:17रोग · 19:17 – 20:34लाभ · 20:34 – 21:52धन · 21:52 – 23:10सुख · 23:10 – 00:27चोर · 00:27 – 01:45उद्योग · 01:45 – 03:03विष · 03:03 – 04:20अमृत · 04:20 – 05:38ब्रह्म मुहूर्त · 04:15 – 04:56अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:54अमृत काल · 16:57 – 18:44राहु काल · 10:45 – 12:27यमगण्ड काल · 15:52 – 17:34गुलिक काल · 07:20 – 09:02वर्ज्यम् · 06:11 – 07:59शुक्र · 05:38 – 06:46बुध · 06:46 – 07:54चंद्र · 07:54 – 09:02शनि · 09:02 – 10:11गुरु · 10:11 – 11:19मंगल · 11:19 – 12:27सूर्य · 12:27 – 13:35शुक्र · 13:35 – 14:44बुध · 14:44 – 15:52चंद्र · 15:52 – 17:00शनि · 17:00 – 18:08गुरु · 18:08 – 19:17मंगल · 19:17 – 20:08सूर्य · 20:08 – 21:00शुक्र · 21:00 – 21:52बुध · 21:52 – 22:44चंद्र · 22:44 – 23:36शनि · 23:36 – 00:27गुरु · 00:27 – 01:19मंगल · 01:19 – 02:11सूर्य · 02:11 – 03:03शुक्र · 03:03 – 03:55बुध · 03:55 – 04:46चंद्र · 04:46 – 05:38

24 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
05:38
07:20
09:02
10:45
12:27
14:09
15:52
17:34

रात का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
19:17
20:34
21:52
23:10
00:27
01:45
03:03
04:20

दिन का गौरी

8·1 घं 42 मि
05:38
07:20
09:02
10:45
12:27
14:09
15:52
17:34

रात का गौरी

8·1 घं 18 मि
19:17
20:34
21:52
23:10
00:27
01:45
03:03
04:20
04:15–04:56
12:00–12:54
16:57–18:44
10:45–12:27
15:52–17:34
07:20–09:02
06:11–07:59

दिन के होरा

12·1 घं 8 मि
05:38
06:46
07:54
09:02
10:11
11:19
12:27
13:35
14:44
15:52
17:00
18:08

रात के होरा

12·52 मि
19:17
20:08
21:00
21:52
22:44
23:36
00:27
01:19
02:11
03:03
03:55
04:46

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

24 जुलाई 2026 की तिथि क्या है?
24 जुलाई 2026 को शुक्ल दशमी तिथि 09:13 तक है, फिर देवशयनी एकादशी आरंभ होती है।
24 जुलाई 2026 का नक्षत्र क्या है?
24 जुलाई 2026 को नक्षत्र अनुराधा और योग शुक्ल है।
24 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 19:17 पर है।
24 जुलाई 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:45 से 12:27 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।