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शनिवार, 26 जुलाई 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। द्वितीया तिथि रात तक है, फिर तृतीया आरंभ होती है। द्वितीया स्थिर तिथि है, साथ मिलकर काम करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा आश्लेषा नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर मघा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:00 से 12:54 तक शुभ है; राहु काल 09:03 से 10:45 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों कर्क राशि में हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वितीया

      पिछले दिन 23:23 से 22:42 तक

    • फिर

      शुक्ल तृतीया

      22:42 – अगले दिन 22:42

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तश्रावण
    पूर्णिमान्तश्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा

      पिछले दिन 16:00 से 15:52 तक

    • फिर

      मघा

      15:52 – अगले दिन 16:23

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • व्यतीपात

      05:31 से अगले दिन 04:05 तक

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बालव

      पिछले दिन 23:23 से 10:57 तक

    • फिर

      कौलव

      10:57 – 22:42

    • फिर

      तैतिल

      22:42 – अगले दिन 10:37

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वितीया · शनि

00061218काल · 05:39 – 07:21शुभ · 07:21 – 09:03रोग · 09:03 – 10:45उद्वेग · 10:45 – 12:27चल · 12:27 – 14:09लाभ · 14:09 – 15:51अमृत · 15:51 – 17:33काल · 17:33 – 19:15लाभ · 19:15 – 20:33उद्वेग · 20:33 – 21:51शुभ · 21:51 – 23:09अमृत · 23:09 – 00:27चल · 00:27 – 01:45रोग · 01:45 – 03:03काल · 03:03 – 04:21लाभ · 04:21 – 05:39चोर · 05:39 – 07:21उद्योग · 07:21 – 09:03विष · 09:03 – 10:45अमृत · 10:45 – 12:27रोग · 12:27 – 14:09लाभ · 14:09 – 15:51धन · 15:51 – 17:33सुख · 17:33 – 19:15लाभ · 19:15 – 20:33धन · 20:33 – 21:51सुख · 21:51 – 23:09चोर · 23:09 – 00:27उद्योग · 00:27 – 01:45विष · 01:45 – 03:03अमृत · 03:03 – 04:21रोग · 04:21 – 05:39ब्रह्म मुहूर्त · 04:16 – 04:57अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:54अमृत काल · 14:16 – 15:52राहु काल · 09:03 – 10:45यमगण्ड काल · 14:09 – 15:51गुलिक काल · 05:39 – 07:21वर्ज्यम् · 04:44 – 06:19शनि · 05:39 – 06:47गुरु · 06:47 – 07:55मंगल · 07:55 – 09:03सूर्य · 09:03 – 10:11शुक्र · 10:11 – 11:19बुध · 11:19 – 12:27चंद्र · 12:27 – 13:35शनि · 13:35 – 14:43गुरु · 14:43 – 15:51मंगल · 15:51 – 16:59सूर्य · 16:59 – 18:07शुक्र · 18:07 – 19:15बुध · 19:15 – 20:07चंद्र · 20:07 – 20:59शनि · 20:59 – 21:51गुरु · 21:51 – 22:43मंगल · 22:43 – 23:35सूर्य · 23:35 – 00:27शुक्र · 00:27 – 01:19बुध · 01:19 – 02:11चंद्र · 02:11 – 03:03शनि · 03:03 – 03:55गुरु · 03:55 – 04:47मंगल · 04:47 – 05:39

26 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
05:39
07:21
09:03
10:45
12:27
14:09
15:51
17:33

रात का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
19:15
20:33
21:51
23:09
00:27
01:45
03:03
04:21

दिन का गौरी

8·1 घं 42 मि
05:39
07:21
09:03
10:45
12:27
14:09
15:51
17:33

रात का गौरी

8·1 घं 18 मि
19:15
20:33
21:51
23:09
00:27
01:45
03:03
04:21
04:16–04:57
12:00–12:54
14:16–15:52
09:03–10:45
14:09–15:51
05:39–07:21
04:44–06:19

दिन के होरा

12·1 घं 8 मि
05:39
06:47
07:55
09:03
10:11
11:19
12:27
13:35
14:43
15:51
16:59
18:07

रात के होरा

12·52 मि
19:15
20:07
20:59
21:51
22:43
23:35
00:27
01:19
02:11
03:03
03:55
04:47

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

26 जुलाई 2025 की तिथि क्या है?
26 जुलाई 2025 को शुक्ल द्वितीया तिथि 22:42 तक है, फिर शुक्ल तृतीया आरंभ होती है।
26 जुलाई 2025 का नक्षत्र क्या है?
26 जुलाई 2025 को नक्षत्र आश्लेषा और योग व्यतीपात है।
26 जुलाई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 19:15 पर है।
26 जुलाई 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:03 से 10:45 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।