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रविवार, 6 जुलाई 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

रविवार, शुक्ल पक्ष। देवशयनी एकादशी तिथि रात तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा विशाखा नक्षत्र में रात तक है, फिर अनुराधा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:58 से 12:53 तक शुभ है; राहु काल 17:38 से 19:22 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • देवशयनी एकादशी

      पिछले दिन 18:59 से 21:15 तक

    • फिर

      शुक्ल द्वादशी

      21:15 – अगले दिन 23:10

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • विशाखा

      पिछले दिन 19:51 से 22:41 तक

    • फिर

      अनुराधा

      22:41 – अगले दिन 01:11

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • साध्य

      पिछले दिन 20:35 से 21:27 तक

    • फिर

      शुभ

      21:27 – अगले दिन 22:02

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 18:59 से 08:09 तक

    • फिर

      विष्टि

      08:09 – 21:15

    • फिर

      बव

      21:15 – अगले दिन 10:16

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल एकादशी · रवि

00061218उद्वेग · 05:29 – 07:13चल · 07:13 – 08:57लाभ · 08:57 – 10:41अमृत · 10:41 – 12:25काल · 12:25 – 14:10शुभ · 14:10 – 15:54रोग · 15:54 – 17:38उद्वेग · 17:38 – 19:22शुभ · 19:22 – 20:38अमृत · 20:38 – 21:54चल · 21:54 – 23:10रोग · 23:10 – 00:26काल · 00:26 – 01:41लाभ · 01:41 – 02:57उद्वेग · 02:57 – 04:13शुभ · 04:13 – 05:29उद्योग · 05:29 – 07:13अमृत · 07:13 – 08:57रोग · 08:57 – 10:41लाभ · 10:41 – 12:25धन · 12:25 – 14:10सुख · 14:10 – 15:54चोर · 15:54 – 17:38विष · 17:38 – 19:22धन · 19:22 – 20:38सुख · 20:38 – 21:54चोर · 21:54 – 23:10विष · 23:10 – 00:26उद्योग · 00:26 – 01:41अमृत · 01:41 – 02:57रोग · 02:57 – 04:13लाभ · 04:13 – 05:29ब्रह्म मुहूर्त · 04:08 – 04:48अभिजित मुहूर्त · 11:58 – 12:53अमृत काल · 12:51 – 14:38राहु काल · 17:38 – 19:22यमगण्ड काल · 12:25 – 14:10गुलिक काल · 15:54 – 17:38वर्ज्यम् · 03:06 – 04:52सूर्य · 05:29 – 06:38शुक्र · 06:38 – 07:47बुध · 07:47 – 08:57चंद्र · 08:57 – 10:06शनि · 10:06 – 11:16गुरु · 11:16 – 12:25मंगल · 12:25 – 13:35सूर्य · 13:35 – 14:44शुक्र · 14:44 – 15:54बुध · 15:54 – 17:03चंद्र · 17:03 – 18:13शनि · 18:13 – 19:22गुरु · 19:22 – 20:13मंगल · 20:13 – 21:03सूर्य · 21:03 – 21:54शुक्र · 21:54 – 22:45बुध · 22:45 – 23:35चंद्र · 23:35 – 00:26शनि · 00:26 – 01:16गुरु · 01:16 – 02:07मंगल · 02:07 – 02:57सूर्य · 02:57 – 03:48शुक्र · 03:48 – 04:38बुध · 04:38 – 05:29

6 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:29
07:13
08:57
10:41
12:25
14:10
15:54
17:38

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:22
20:38
21:54
23:10
00:26
01:41
02:57
04:13

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:29
07:13
08:57
10:41
12:25
14:10
15:54
17:38

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:22
20:38
21:54
23:10
00:26
01:41
02:57
04:13
04:08–04:48
11:58–12:53
12:51–14:38
17:38–19:22
12:25–14:10
15:54–17:38
03:06–04:52

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:29
06:38
07:47
08:57
10:06
11:16
12:25
13:35
14:44
15:54
17:03
18:13

रात के होरा

12·51 मि
19:22
20:13
21:03
21:54
22:45
23:35
00:26
01:16
02:07
02:57
03:48
04:38

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 जुलाई 2025 की तिथि क्या है?
6 जुलाई 2025 को देवशयनी एकादशी तिथि 21:15 तक है, फिर शुक्ल द्वादशी आरंभ होती है।
6 जुलाई 2025 का नक्षत्र क्या है?
6 जुलाई 2025 को नक्षत्र विशाखा और योग साध्य है।
6 जुलाई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है।
6 जुलाई 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 17:38 से 19:22 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।