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मंगलवार, 6 जुलाई 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। तृतीया तिथि रात तक है, फिर चतुर्थी आरंभ होती है। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा पुष्य नक्षत्र में सुबह तक है, फिर आश्लेषा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:58 से 12:53 तक शुभ है; राहु काल 15:54 से 17:38 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल तृतीया

      01:13 से 21:48 तक

    • फिर

      शुक्ल चतुर्थी

      21:48 – अगले दिन 18:44

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • पुष्य

      पिछले दिन 09:19 से 06:34 तक

    • फिर

      आश्लेषा

      06:34 – अगले दिन 04:03

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • हर्षण

      पिछले दिन 11:16 से 07:15 तक

    • फिर

      वज्र

      07:15 – अगले दिन 03:27

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      01:13 से 11:29 तक

    • फिर

      गर

      11:29 – 21:48

    • फिर

      वणिज

      21:48 – अगले दिन 08:13

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल तृतीया · मंगल

00061218रोग · 05:28 – 07:13उद्वेग · 07:13 – 08:57चल · 08:57 – 10:41लाभ · 10:41 – 12:25अमृत · 12:25 – 14:10काल · 14:10 – 15:54शुभ · 15:54 – 17:38रोग · 17:38 – 19:22काल · 19:22 – 20:38लाभ · 20:38 – 21:54उद्वेग · 21:54 – 23:10शुभ · 23:10 – 00:26अमृत · 00:26 – 01:41चल · 01:41 – 02:57रोग · 02:57 – 04:13काल · 04:13 – 05:29रोग · 05:28 – 07:13लाभ · 07:13 – 08:57धन · 08:57 – 10:41सुख · 10:41 – 12:25चोर · 12:25 – 14:10उद्योग · 14:10 – 15:54विष · 15:54 – 17:38अमृत · 17:38 – 19:22चोर · 19:22 – 20:38उद्योग · 20:38 – 21:54विष · 21:54 – 23:10अमृत · 23:10 – 00:26रोग · 00:26 – 01:41लाभ · 01:41 – 02:57धन · 02:57 – 04:13सुख · 04:13 – 05:29ब्रह्म मुहूर्त · 04:08 – 04:48अभिजित मुहूर्त · 11:58 – 12:53अमृत काल · 02:37 – 04:03राहु काल · 15:54 – 17:38यमगण्ड काल · 08:57 – 10:41गुलिक काल · 12:25 – 14:10वर्ज्यम् · 18:01 – 19:27मंगल · 05:28 – 06:38सूर्य · 06:38 – 07:47शुक्र · 07:47 – 08:57बुध · 08:57 – 10:06चंद्र · 10:06 – 11:16शनि · 11:16 – 12:25गुरु · 12:25 – 13:35मंगल · 13:35 – 14:44सूर्य · 14:44 – 15:54शुक्र · 15:54 – 17:03बुध · 17:03 – 18:13चंद्र · 18:13 – 19:22शनि · 19:22 – 20:13गुरु · 20:13 – 21:03मंगल · 21:03 – 21:54सूर्य · 21:54 – 22:44शुक्र · 22:44 – 23:35बुध · 23:35 – 00:26चंद्र · 00:26 – 01:16शनि · 01:16 – 02:07गुरु · 02:07 – 02:57मंगल · 02:57 – 03:48सूर्य · 03:48 – 04:38शुक्र · 04:38 – 05:29

6 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:28
07:13
08:57
10:41
12:25
14:10
15:54
17:38

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:22
20:38
21:54
23:10
00:26
01:41
02:57
04:13

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:28
07:13
08:57
10:41
12:25
14:10
15:54
17:38

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:22
20:38
21:54
23:10
00:26
01:41
02:57
04:13
04:08–04:48
11:58–12:53
02:37–04:03
15:54–17:38
08:57–10:41
12:25–14:10
18:01–19:27

दिन के होरा

12·1 घं 10 मि
05:28
06:38
07:47
08:57
10:06
11:16
12:25
13:35
14:44
15:54
17:03
18:13

रात के होरा

12·51 मि
19:22
20:13
21:03
21:54
22:44
23:35
00:26
01:16
02:07
02:57
03:48
04:38

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 जुलाई 2027 की तिथि क्या है?
6 जुलाई 2027 को शुक्ल तृतीया तिथि 21:48 तक है, फिर शुक्ल चतुर्थी आरंभ होती है।
6 जुलाई 2027 का नक्षत्र क्या है?
6 जुलाई 2027 को नक्षत्र पुष्य और योग हर्षण है।
6 जुलाई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है।
6 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:54 से 17:38 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।