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गुरुवार, 8 जुलाई 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। पंचमी तिथि शाम तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर उत्तर फाल्गुनी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:58 से 12:53 तक शुभ है; राहु काल 14:10 से 15:54 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      पिछले दिन 18:44 से 16:07 तक

    • फिर

      शुक्ल षष्ठी

      16:07 – अगले दिन 14:04

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व फाल्गुनी · पाद 1

      01:56 से अगले दिन 00:18 तक

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • व्यतीपात

      पिछले दिन 23:58 से 20:53 तक

    • फिर

      वरीयान्

      20:53 – अगले दिन 18:16

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बालव

      05:22 से 16:07 तक

    • फिर

      कौलव

      16:07 – अगले दिन 03:01

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · गुरु

00061218शुभ · 05:29 – 07:13रोग · 07:13 – 08:57उद्वेग · 08:57 – 10:42चल · 10:42 – 12:26लाभ · 12:26 – 14:10अमृत · 14:10 – 15:54काल · 15:54 – 17:38शुभ · 17:38 – 19:22अमृत · 19:22 – 20:38चल · 20:38 – 21:54रोग · 21:54 – 23:10काल · 23:10 – 00:26लाभ · 00:26 – 01:42उद्वेग · 01:42 – 02:58शुभ · 02:58 – 04:14अमृत · 04:14 – 05:30धन · 05:29 – 07:13सुख · 07:13 – 08:57चोर · 08:57 – 10:42उद्योग · 10:42 – 12:26अमृत · 12:26 – 14:10विष · 14:10 – 15:54रोग · 15:54 – 17:38लाभ · 17:38 – 19:22अमृत · 19:22 – 20:38विष · 20:38 – 21:54रोग · 21:54 – 23:10लाभ · 23:10 – 00:26धन · 00:26 – 01:42सुख · 01:42 – 02:58चोर · 02:58 – 04:14उद्योग · 04:14 – 05:30ब्रह्म मुहूर्त · 04:08 – 04:49अभिजित मुहूर्त · 11:58 – 12:53अमृत काल · 18:20 – 19:50राहु काल · 14:10 – 15:54यमगण्ड काल · 05:29 – 07:13गुलिक काल · 08:57 – 10:42वर्ज्यम् · 09:23 – 10:53गुरु · 05:29 – 06:39मंगल · 06:39 – 07:48सूर्य · 07:48 – 08:57शुक्र · 08:57 – 10:07बुध · 10:07 – 11:16चंद्र · 11:16 – 12:26शनि · 12:26 – 13:35गुरु · 13:35 – 14:44मंगल · 14:44 – 15:54सूर्य · 15:54 – 17:03शुक्र · 17:03 – 18:13बुध · 18:13 – 19:22चंद्र · 19:22 – 20:13शनि · 20:13 – 21:03गुरु · 21:03 – 21:54मंगल · 21:54 – 22:45सूर्य · 22:45 – 23:35शुक्र · 23:35 – 00:26बुध · 00:26 – 01:16चंद्र · 01:16 – 02:07शनि · 02:07 – 02:58गुरु · 02:58 – 03:48मंगल · 03:48 – 04:39सूर्य · 04:39 – 05:30

8 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:29
07:13
08:57
10:42
12:26
14:10
15:54
17:38

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:22
20:38
21:54
23:10
00:26
01:42
02:58
04:14

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:29
07:13
08:57
10:42
12:26
14:10
15:54
17:38

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:22
20:38
21:54
23:10
00:26
01:42
02:58
04:14
04:08–04:49
11:58–12:53
18:20–19:50
14:10–15:54
05:29–07:13
08:57–10:42
09:23–10:53

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:29
06:39
07:48
08:57
10:07
11:16
12:26
13:35
14:44
15:54
17:03
18:13

रात के होरा

12·51 मि
19:22
20:13
21:03
21:54
22:45
23:35
00:26
01:16
02:07
02:58
03:48
04:39

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 जुलाई 2027 की तिथि क्या है?
8 जुलाई 2027 को शुक्ल पंचमी तिथि 16:07 तक है, फिर शुक्ल षष्ठी आरंभ होती है।
8 जुलाई 2027 का नक्षत्र क्या है?
8 जुलाई 2027 को नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग व्यतीपात है।
8 जुलाई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है।
8 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 14:10 से 15:54 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।