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शनिवार, 21 जून 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शनिवार, कृष्ण पक्ष। दशमी तिथि सुबह तक है, फिर योगिनी एकादशी आरंभ होती है। दशमी स्थिर तिथि है, अधिकतर कामों के लिए शुभ। चन्द्रमा अश्विनी नक्षत्र में रात तक है, फिर भरणी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:55 से 12:50 तक शुभ है; राहु काल 08:53 से 10:38 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण दशमी

      पिछले दिन 09:49 से 07:19 तक

    • फिर

      योगिनी एकादशी

      07:19 – अगले दिन 04:28

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी

      पिछले दिन 21:44 से 19:50 तक

    • फिर

      भरणी

      19:50 – अगले दिन 17:38

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • अतिगण्ड

      पिछले दिन 23:46 से 20:29 तक

    • फिर

      सुकर्मा

      20:29 – अगले दिन 16:57

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      पिछले दिन 20:37 से 07:19 तक

    • फिर

      बव

      07:19 – 17:55

    • फिर

      बालव

      17:55 – अगले दिन 04:28

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण दशमी · शनि

00061218काल · 05:23 – 07:08शुभ · 07:08 – 08:53रोग · 08:53 – 10:38उद्वेग · 10:38 – 12:22चल · 12:22 – 14:07लाभ · 14:07 – 15:52अमृत · 15:52 – 17:37काल · 17:37 – 19:21लाभ · 19:21 – 20:37उद्वेग · 20:37 – 21:52शुभ · 21:52 – 23:07अमृत · 23:07 – 00:23चल · 00:23 – 01:38रोग · 01:38 – 02:53काल · 02:53 – 04:08लाभ · 04:08 – 05:24चोर · 05:23 – 07:08उद्योग · 07:08 – 08:53विष · 08:53 – 10:38अमृत · 10:38 – 12:22रोग · 12:22 – 14:07लाभ · 14:07 – 15:52धन · 15:52 – 17:37सुख · 17:37 – 19:21लाभ · 19:21 – 20:37धन · 20:37 – 21:52सुख · 21:52 – 23:07चोर · 23:07 – 00:23उद्योग · 00:23 – 01:38विष · 01:38 – 02:53अमृत · 02:53 – 04:08रोग · 04:08 – 05:24ब्रह्म मुहूर्त · 04:03 – 04:43अभिजित मुहूर्त · 11:55 – 12:50अमृत काल · 13:12 – 14:41राहु काल · 08:53 – 10:38यमगण्ड काल · 14:07 – 15:52गुलिक काल · 05:23 – 07:08वर्ज्यम् · 16:09 – 17:37शनि · 05:23 – 06:33गुरु · 06:33 – 07:43मंगल · 07:43 – 08:53सूर्य · 08:53 – 10:03शुक्र · 10:03 – 11:13बुध · 11:13 – 12:22चंद्र · 12:22 – 13:32शनि · 13:32 – 14:42गुरु · 14:42 – 15:52मंगल · 15:52 – 17:02सूर्य · 17:02 – 18:12शुक्र · 18:12 – 19:21बुध · 19:21 – 20:12चंद्र · 20:12 – 21:02शनि · 21:02 – 21:52गुरु · 21:52 – 22:42मंगल · 22:42 – 23:32सूर्य · 23:32 – 00:23शुक्र · 00:23 – 01:13बुध · 01:13 – 02:03चंद्र · 02:03 – 02:53शनि · 02:53 – 03:43गुरु · 03:43 – 04:33मंगल · 04:33 – 05:24

21 जून

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 45 मि
05:23
07:08
08:53
10:38
12:22
14:07
15:52
17:37

रात का चौघड़िया

8·1 घं 15 मि
19:21
20:37
21:52
23:07
00:23
01:38
02:53
04:08

दिन का गौरी

8·1 घं 45 मि
05:23
07:08
08:53
10:38
12:22
14:07
15:52
17:37

रात का गौरी

8·1 घं 15 मि
19:21
20:37
21:52
23:07
00:23
01:38
02:53
04:08
04:03–04:43
11:55–12:50
13:12–14:41
08:53–10:38
14:07–15:52
05:23–07:08
16:09–17:37

दिन के होरा

12·1 घं 10 मि
05:23
06:33
07:43
08:53
10:03
11:13
12:22
13:32
14:42
15:52
17:02
18:12

रात के होरा

12·50 मि
19:21
20:12
21:02
21:52
22:42
23:32
00:23
01:13
02:03
02:53
03:43
04:33

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 जून 2025 की तिथि क्या है?
21 जून 2025 को कृष्ण दशमी तिथि 07:19 तक है, फिर योगिनी एकादशी आरंभ होती है।
21 जून 2025 का नक्षत्र क्या है?
21 जून 2025 को नक्षत्र अश्विनी और योग अतिगण्ड है।
21 जून 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 19:21 पर है।
21 जून 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:53 से 10:38 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।