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मंगलवार, 22 जून 2027

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज मंगलवार है। तृतीया तिथि 13:07 बजे तक, फिर चतुर्थी 15:43 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र 08:07 बजे तक, उसके बाद श्रवण 11:16 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ऐन्द्र 08:53 बजे तक, फिर वैधृति योग 10:01 (कल) बजे तक। विष्टि करण 13:07 बजे तक, उसके बाद बव 02:25 (कल) बजे तक, फिर बालव 15:43 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:52 से 17:37) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण तृतीया

      पिछले दिन 10:35 उसी दिन 13:07

    • कृष्ण चतुर्थी

      उसी दिन 13:07 अगले दिन 15:43

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • आषाढ़ · श्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर आषाढ़ा

      पिछले दिन 05:03 उसी दिन 08:07

    • श्रवण

      उसी दिन 08:07 अगले दिन 11:16

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • ऐन्द्र

      पिछले दिन 07:50 उसी दिन 08:53

    • वैधृति

      उसी दिन 08:53 अगले दिन 10:01

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 23:50 उसी दिन 13:07

    • बव

      उसी दिन 13:07 अगले दिन 02:25

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण तृतीया · मंगल

00 06 12 18 रोग · 05:24 – 07:08 उद्वेग · 07:08 – 08:53 चल · 08:53 – 10:38 लाभ · 10:38 – 12:23 अमृत · 12:23 – 14:07 काल · 14:07 – 15:52 शुभ · 15:52 – 17:37 रोग · 17:37 – 19:22 लाभ · 19:22 – 20:37 उद्वेग · 20:37 – 21:52 शुभ · 21:52 – 23:07 अमृत · 23:07 – 00:23 चल · 00:23 – 01:38 रोग · 01:38 – 02:53 काल · 02:53 – 04:09 लाभ · 04:09 – 05:24 रोग · 05:24 – 07:08 काल · 07:08 – 08:53 लाभ · 08:53 – 10:38 उद्योग · 10:38 – 12:23 चल · 12:23 – 14:07 अमृत · 14:07 – 15:52 शून्य · 15:52 – 17:37 शुभ · 17:37 – 19:22 काल · 19:22 – 20:37 शून्य · 20:37 – 21:52 रोग · 21:52 – 23:07 लाभ · 23:07 – 00:23 अमृत · 00:23 – 01:38 उद्योग · 01:38 – 02:53 चल · 02:53 – 04:09 शुभ · 04:09 – 05:24 ब्रह्म मुहूर्त · 04:03 – 04:43 अभिजित मुहूर्त · 11:55 – 12:51 अमृत काल · 00:54 – 02:42 राहु काल · 15:52 – 17:37 यमगण्ड काल · 08:53 – 10:38 गुलिक काल · 12:23 – 14:07 वर्ज्यम् · 14:04 – 15:52 मंगल · 05:24 – 06:33 सूर्य · 06:33 – 07:43 शुक्र · 07:43 – 08:53 बुध · 08:53 – 10:03 चंद्र · 10:03 – 11:13 शनि · 11:13 – 12:23 गुरु · 12:23 – 13:32 मंगल · 13:32 – 14:42 सूर्य · 14:42 – 15:52 शुक्र · 15:52 – 17:02 बुध · 17:02 – 18:12 चंद्र · 18:12 – 19:22 शनि · 19:22 – 20:12 गुरु · 20:12 – 21:02 मंगल · 21:02 – 21:52 सूर्य · 21:52 – 22:42 शुक्र · 22:42 – 23:33 बुध · 23:33 – 00:23 चंद्र · 00:23 – 01:13 शनि · 01:13 – 02:03 गुरु · 02:03 – 02:53 मंगल · 02:53 – 03:43 सूर्य · 03:43 – 04:34 शुक्र · 04:34 – 05:24

22 जून

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 45 मि
05:24
07:08
08:53
10:38
12:23
14:07
15:52
17:37

रात के समय

8 · 1 घं 15 मि
19:22
20:37
21:52
23:07
00:23
01:38
02:53
04:09

दिन के समय

8 · 1 घं 45 मि
05:24
07:08
08:53
10:38
12:23
14:07
15:52
17:37

रात के समय

8 · 1 घं 15 मि
19:22
20:37
21:52
23:07
00:23
01:38
02:53
04:09
04:03 04:43
11:55 12:51
00:54 02:42
15:52 17:37
08:53 10:38
12:23 14:07
14:04 15:52

दिन के घंटे

12 · 1 घं 10 मि
05:24
06:33
07:43
08:53
10:03
11:13
12:23
13:32
14:42
15:52
17:02
18:12

रात के घंटे

12 · 50 मि
19:22
20:12
21:02
21:52
22:42
23:33
00:23
01:13
02:03
02:53
03:43
04:34

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 जून 2027 की तिथि क्या है?
22 जून 2027 की तिथि कृष्ण तृतीया है।
22 जून 2027 का नक्षत्र क्या है?
22 जून 2027 का नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग ऐन्द्र है।
22 जून 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:24 पर तथा सूर्यास्त 19:22 पर होगा।
22 जून 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:52–17:37 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।