मंगलवार, 24 जून 2025
दैनिक पंचांग
मंगलवार, कृष्ण पक्ष। चतुर्दशी तिथि शाम तक है, फिर अमावस्या आरंभ होती है। चतुर्दशी तीव्र तिथि है। बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। चन्द्रमा रोहिणी नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर मृगशिरा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:55 से 12:51 तक शुभ है; राहु काल 15:53 से 17:37 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
-
कृष्ण चतुर्दशी
पिछले दिन 22:10 से 18:59 तक
-
फिर
अमावस्या
18:59 – अगले दिन 16:01
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
-
मंगलवार
मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तज्येष्ठपूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
-
रोहिणी
पिछले दिन 15:16 से 12:54 तक
-
फिर
मृगशिरा
12:54 – अगले दिन 10:40
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
-
-
शूल
पिछले दिन 13:17 से 09:35 तक
-
फिर
गण्ड
09:35 – अगले दिन 06:00
अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।
-
-
विष्टि
पिछले दिन 22:10 से 08:34 तक
-
फिर
शकुनि
08:34 – 18:59
-
फिर
चतुष्पाद
18:59 – अगले दिन 05:28
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
-
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्दशी · मंगल
24 जून
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 45 मि| 05:2407:09 | ||
| 07:0908:54 | ||
| 08:5410:38 | ||
| 10:3812:23 | ||
| 12:2314:08 | ||
| 14:0815:53 | ||
| 15:5317:37 | ||
| 17:3719:22 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 15 मि| 19:2220:37 | ||
| 20:3721:53 | ||
| 21:5323:08 | ||
| 23:0800:23 | ||
| 00:2301:39 | ||
| 01:3902:54 | ||
| 02:5404:09 | ||
| 04:0905:24 |
दिन का गौरी
8·1 घं 45 मि| 05:2407:09 | ||
| 07:0908:54 | ||
| 08:5410:38 | ||
| 10:3812:23 | ||
| 12:2314:08 | ||
| 14:0815:53 | ||
| 15:5317:37 | ||
| 17:3719:22 |
रात का गौरी
8·1 घं 15 मि| 19:2220:37 | ||
| 20:3721:53 | ||
| 21:5323:08 | ||
| 23:0800:23 | ||
| 00:2301:39 | ||
| 01:3902:54 | ||
| 02:5404:09 | ||
| 04:0905:24 |
| 04:04–04:44 | ||
| 11:55–12:51 | ||
| 10:01–11:27 | ||
| 15:53–17:37 | ||
| 08:54–10:38 | ||
| 12:23–14:08 | ||
| 05:41–07:08 |
दिन के होरा
12·1 घं 10 मि| 05:2406:34 | ||
| 06:3407:44 | ||
| 07:4408:54 | ||
| 08:5410:03 | ||
| 10:0311:13 | ||
| 11:1312:23 | ||
| 12:2313:33 | ||
| 13:3314:43 | ||
| 14:4315:53 | ||
| 15:5317:02 | ||
| 17:0218:12 | ||
| 18:1219:22 |
रात के होरा
12·50 मि| 19:2220:12 | ||
| 20:1221:02 | ||
| 21:0221:53 | ||
| 21:5322:43 | ||
| 22:4323:33 | ||
| 23:3300:23 | ||
| 00:2301:13 | ||
| 01:1302:04 | ||
| 02:0402:54 | ||
| 02:5403:44 | ||
| 03:4404:34 | ||
| 04:3405:24 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 24 जून 2025 की तिथि क्या है?
- 24 जून 2025 को कृष्ण चतुर्दशी तिथि 18:59 तक है, फिर अमावस्या आरंभ होती है।
- 24 जून 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 24 जून 2025 को नक्षत्र रोहिणी और योग शूल है।
- 24 जून 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है।
- 24 जून 2025 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 15:53 से 17:37 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



