मुख्य सामग्री पर जाएँ

शुक्रवार, 25 जून 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। षष्ठी तिथि रात तक है, फिर सप्तमी आरंभ होती है। षष्ठी बल की तिथि है, कठिन काम पूरे करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा शतभिषा नक्षत्र में शाम तक है, फिर पूर्व भाद्रपदा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:55 से 12:51 तक शुभ है; राहु काल 10:39 से 12:23 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण षष्ठी

      पिछले दिन 18:10 से 20:17 तक

    • फिर

      कृष्ण सप्तमी

      20:17 – अगले दिन 21:52

    षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तआषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • शतभिषा

      पिछले दिन 14:21 से 17:07 तक

    • फिर

      पूर्व भाद्रपदा

      17:07 – अगले दिन 19:23

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • प्रीति

      पिछले दिन 11:06 से 11:56 तक

    • फिर

      आयुष्मान्

      11:56 – अगले दिन 12:24

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      पिछले दिन 18:10 से 07:17 तक

    • फिर

      वणिज

      07:17 – 20:17

    • फिर

      विष्टि

      20:17 – अगले दिन 09:09

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण षष्ठी · शुक्र

00061218चल · 05:24 – 07:09लाभ · 07:09 – 08:54अमृत · 08:54 – 10:39काल · 10:39 – 12:23शुभ · 12:23 – 14:08रोग · 14:08 – 15:53उद्वेग · 15:53 – 17:37चल · 17:37 – 19:22रोग · 19:22 – 20:37काल · 20:37 – 21:53लाभ · 21:53 – 23:08उद्वेग · 23:08 – 00:23शुभ · 00:23 – 01:39अमृत · 01:39 – 02:54चल · 02:54 – 04:09रोग · 04:09 – 05:25सुख · 05:24 – 07:09चोर · 07:09 – 08:54उद्योग · 08:54 – 10:39विष · 10:39 – 12:23अमृत · 12:23 – 14:08रोग · 14:08 – 15:53लाभ · 15:53 – 17:37धन · 17:37 – 19:22रोग · 19:22 – 20:37लाभ · 20:37 – 21:53धन · 21:53 – 23:08सुख · 23:08 – 00:23चोर · 00:23 – 01:39उद्योग · 01:39 – 02:54विष · 02:54 – 04:09अमृत · 04:09 – 05:25ब्रह्म मुहूर्त · 04:04 – 04:44अभिजित मुहूर्त · 11:55 – 12:51अमृत काल · 09:05 – 10:52राहु काल · 10:39 – 12:23यमगण्ड काल · 15:53 – 17:37गुलिक काल · 07:09 – 08:54वर्ज्यम् · 00:07 – 01:52शुक्र · 05:24 – 06:34बुध · 06:34 – 07:44चंद्र · 07:44 – 08:54शनि · 08:54 – 10:04गुरु · 10:04 – 11:13मंगल · 11:13 – 12:23सूर्य · 12:23 – 13:33शुक्र · 13:33 – 14:43बुध · 14:43 – 15:53चंद्र · 15:53 – 17:02शनि · 17:02 – 18:12गुरु · 18:12 – 19:22मंगल · 19:22 – 20:12सूर्य · 20:12 – 21:03शुक्र · 21:03 – 21:53बुध · 21:53 – 22:43चंद्र · 22:43 – 23:33शनि · 23:33 – 00:23गुरु · 00:23 – 01:14मंगल · 01:14 – 02:04सूर्य · 02:04 – 02:54शुक्र · 02:54 – 03:44बुध · 03:44 – 04:34चंद्र · 04:34 – 05:25

25 जून

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 45 मि
05:24
07:09
08:54
10:39
12:23
14:08
15:53
17:37

रात का चौघड़िया

8·1 घं 15 मि
19:22
20:37
21:53
23:08
00:23
01:39
02:54
04:09

दिन का गौरी

8·1 घं 45 मि
05:24
07:09
08:54
10:39
12:23
14:08
15:53
17:37

रात का गौरी

8·1 घं 15 मि
19:22
20:37
21:53
23:08
00:23
01:39
02:54
04:09
04:04–04:44
11:55–12:51
09:05–10:52
10:39–12:23
15:53–17:37
07:09–08:54
00:07–01:52

दिन के होरा

12·1 घं 10 मि
05:24
06:34
07:44
08:54
10:04
11:13
12:23
13:33
14:43
15:53
17:02
18:12

रात के होरा

12·50 मि
19:22
20:12
21:03
21:53
22:43
23:33
00:23
01:14
02:04
02:54
03:44
04:34

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

25 जून 2027 की तिथि क्या है?
25 जून 2027 को कृष्ण षष्ठी तिथि 20:17 तक है, फिर कृष्ण सप्तमी आरंभ होती है।
25 जून 2027 का नक्षत्र क्या है?
25 जून 2027 को नक्षत्र शतभिषा और योग प्रीति है।
25 जून 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है।
25 जून 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:39 से 12:23 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।