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बुधवार, 30 जून 2027

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज बुधवार है। एकादशी तिथि 20:31 बजे तक, फिर द्वादशी 18:15 (कल) बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 21:00 बजे तक, उसके बाद कृत्तिका 19:30 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 08:30 बजे तक, फिर धृति योग 05:56 (कल) बजे तक। बव करण 09:23 बजे तक, उसके बाद बालव 20:31 बजे तक, फिर कौलव 07:28 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:24 से 14:09) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कामिका एकादशी

      पिछले दिन 22:04 उसी दिन 20:31

    • कृष्ण द्वादशी

      उसी दिन 20:31 अगले दिन 18:15

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • आषाढ़ · श्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • भरणी

      पिछले दिन 21:48 उसी दिन 21:00

    • कृत्तिका

      उसी दिन 21:00 अगले दिन 19:30

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • सुकर्मा

      पिछले दिन 10:27 उसी दिन 08:30

    • धृति

      उसी दिन 08:30 अगले दिन 05:56

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      पिछले दिन 22:04 उसी दिन 09:23

    • बालव

      उसी दिन 09:23 उसी दिन 20:31

    • कौलव

      उसी दिन 20:31 अगले दिन 07:28

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · बुध

00 06 12 18 लाभ · 05:26 – 07:11 अमृत · 07:11 – 08:55 काल · 08:55 – 10:40 शुभ · 10:40 – 12:24 रोग · 12:24 – 14:09 उद्वेग · 14:09 – 15:53 चल · 15:53 – 17:38 लाभ · 17:38 – 19:23 उद्वेग · 19:23 – 20:38 शुभ · 20:38 – 21:53 अमृत · 21:53 – 23:09 चल · 23:09 – 00:24 रोग · 00:24 – 01:40 काल · 01:40 – 02:55 लाभ · 02:55 – 04:11 उद्वेग · 04:11 – 05:26 लाभ · 05:26 – 07:11 शुभ · 07:11 – 08:55 अमृत · 08:55 – 10:40 चल · 10:40 – 12:24 उद्योग · 12:24 – 14:09 शून्य · 14:09 – 15:53 रोग · 15:53 – 17:38 काल · 17:38 – 19:23 शून्य · 19:23 – 20:38 रोग · 20:38 – 21:53 काल · 21:53 – 23:09 शुभ · 23:09 – 00:24 चल · 00:24 – 01:40 अमृत · 01:40 – 02:55 उद्योग · 02:55 – 04:11 लाभ · 04:11 – 05:26 ब्रह्म मुहूर्त · 04:05 – 04:46 अमृत काल · 16:22 – 17:54 राहु काल · 12:24 – 14:09 यमगण्ड काल · 07:11 – 08:55 गुलिक काल · 10:40 – 12:24 वर्ज्यम् · 07:05 – 08:37 बुध · 05:26 – 06:36 चंद्र · 06:36 – 07:45 शनि · 07:45 – 08:55 गुरु · 08:55 – 10:05 मंगल · 10:05 – 11:15 सूर्य · 11:15 – 12:24 शुक्र · 12:24 – 13:34 बुध · 13:34 – 14:44 चंद्र · 14:44 – 15:53 शनि · 15:53 – 17:03 गुरु · 17:03 – 18:13 मंगल · 18:13 – 19:23 सूर्य · 19:23 – 20:13 शुक्र · 20:13 – 21:03 बुध · 21:03 – 21:53 चंद्र · 21:53 – 22:44 शनि · 22:44 – 23:34 गुरु · 23:34 – 00:24 मंगल · 00:24 – 01:15 सूर्य · 01:15 – 02:05 शुक्र · 02:05 – 02:55 बुध · 02:55 – 03:46 चंद्र · 03:46 – 04:36 शनि · 04:36 – 05:26

30 जून

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 45 मि
05:26
07:11
08:55
10:40
12:24
14:09
15:53
17:38

रात के समय

8 · 1 घं 15 मि
19:23
20:38
21:53
23:09
00:24
01:40
02:55
04:11

दिन के समय

8 · 1 घं 45 मि
05:26
07:11
08:55
10:40
12:24
14:09
15:53
17:38

रात के समय

8 · 1 घं 15 मि
19:23
20:38
21:53
23:09
00:24
01:40
02:55
04:11
04:05 04:46
16:22 17:54
12:24 14:09
07:11 08:55
10:40 12:24
07:05 08:37

दिन के घंटे

12 · 1 घं 10 मि
05:26
06:36
07:45
08:55
10:05
11:15
12:24
13:34
14:44
15:53
17:03
18:13

रात के घंटे

12 · 50 मि
19:23
20:13
21:03
21:53
22:44
23:34
00:24
01:15
02:05
02:55
03:46
04:36

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

30 जून 2027 की तिथि क्या है?
30 जून 2027 की तिथि कृष्ण एकादशी है।
30 जून 2027 का नक्षत्र क्या है?
30 जून 2027 का नक्षत्र भरणी और योग सुकर्मा है।
30 जून 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:26 पर तथा सूर्यास्त 19:23 पर होगा।
30 जून 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 12:24–14:09 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।