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सोमवार, 8 जून 2026

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। अष्टमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर नवमी आरंभ होती है। अष्टमी तीव्र तिथि है। नए काम की शुरुआत परंपरा में टाली जाती है। चन्द्रमा शतभिषा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर पूर्व भाद्रपदा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:52 से 12:48 तक शुभ है; राहु काल 07:07 से 08:51 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

पुरुषोत्तम मास

अधिक ज्येष्ठ

17 मई से 15 जून, 2026 तक

पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण अष्टमी

      03:24 से अगले दिन 03:24 तक

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तअधिक ज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तअधिक ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • शतभिषा

      पिछले दिन 07:55 से 09:09 तक

    • फिर

      पूर्व भाद्रपदा

      09:09 – अगले दिन 09:39

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • विष्कुम्भ

      पिछले दिन 10:01 से 09:28 तक

    • फिर

      प्रीति

      09:28 – अगले दिन 08:18

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बालव

      03:24 से 15:30 तक

    • फिर

      कौलव

      15:30 – अगले दिन 03:24

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण अष्टमी · सोम

00061218अमृत · 05:22 – 07:07काल · 07:07 – 08:51शुभ · 08:51 – 10:35रोग · 10:35 – 12:20उद्वेग · 12:20 – 14:04चल · 14:04 – 15:48लाभ · 15:48 – 17:33अमृत · 17:33 – 19:17चल · 19:17 – 20:33रोग · 20:33 – 21:48काल · 21:48 – 23:04लाभ · 23:04 – 00:20उद्वेग · 00:20 – 01:35शुभ · 01:35 – 02:51अमृत · 02:51 – 04:07चल · 04:07 – 05:22अमृत · 05:22 – 07:07विष · 07:07 – 08:51रोग · 08:51 – 10:35लाभ · 10:35 – 12:20धन · 12:20 – 14:04सुख · 14:04 – 15:48चोर · 15:48 – 17:33उद्योग · 17:33 – 19:17सुख · 19:17 – 20:33चोर · 20:33 – 21:48उद्योग · 21:48 – 23:04अमृत · 23:04 – 00:20विष · 00:20 – 01:35रोग · 01:35 – 02:51लाभ · 02:51 – 04:07धन · 04:07 – 05:22ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:42अभिजित मुहूर्त · 11:52 – 12:48अमृत काल · 01:29 – 03:07राहु काल · 07:07 – 08:51यमगण्ड काल · 10:35 – 12:20गुलिक काल · 14:04 – 15:48वर्ज्यम् · 15:41 – 17:19चंद्र · 05:22 – 06:32शनि · 06:32 – 07:41गुरु · 07:41 – 08:51मंगल · 08:51 – 10:01सूर्य · 10:01 – 11:10शुक्र · 11:10 – 12:20बुध · 12:20 – 13:29चंद्र · 13:29 – 14:39शनि · 14:39 – 15:48गुरु · 15:48 – 16:58मंगल · 16:58 – 18:08सूर्य · 18:08 – 19:17शुक्र · 19:17 – 20:08बुध · 20:08 – 20:58चंद्र · 20:58 – 21:48शनि · 21:48 – 22:39गुरु · 22:39 – 23:29मंगल · 23:29 – 00:20सूर्य · 00:20 – 01:10शुक्र · 01:10 – 02:01बुध · 02:01 – 02:51चंद्र · 02:51 – 03:41शनि · 03:41 – 04:32गुरु · 04:32 – 05:22

8 जून

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 44 मि
05:22
07:07
08:51
10:35
12:20
14:04
15:48
17:33

रात का चौघड़िया

8·1 घं 16 मि
19:17
20:33
21:48
23:04
00:20
01:35
02:51
04:07

दिन का गौरी

8·1 घं 44 मि
05:22
07:07
08:51
10:35
12:20
14:04
15:48
17:33

रात का गौरी

8·1 घं 16 मि
19:17
20:33
21:48
23:04
00:20
01:35
02:51
04:07
04:02–04:42
11:52–12:48
01:29–03:07
07:07–08:51
10:35–12:20
14:04–15:48
15:41–17:19

दिन के होरा

12·1 घं 10 मि
05:22
06:32
07:41
08:51
10:01
11:10
12:20
13:29
14:39
15:48
16:58
18:08

रात के होरा

12·50 मि
19:17
20:08
20:58
21:48
22:39
23:29
00:20
01:10
02:01
02:51
03:41
04:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 जून 2026 की तिथि क्या है?
8 जून 2026 को कृष्ण अष्टमी तिथि 9 जून 03:24 तक है, फिर कृष्ण नवमी आरंभ होती है।
8 जून 2026 का नक्षत्र क्या है?
8 जून 2026 को नक्षत्र शतभिषा और योग विष्कुम्भ है।
8 जून 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 19:17 पर है।
8 जून 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:07 से 08:51 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।