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रविवार, 17 मार्च 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

रविवार, शुक्ल पक्ष। अष्टमी तिथि रात तक है, फिर नवमी आरंभ होती है। अष्टमी तीव्र तिथि है। नए काम की शुरुआत परंपरा में टाली जाती है। चन्द्रमा मृगशिरा नक्षत्र में शाम तक है, फिर आर्द्रा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:05 से 12:53 तक शुभ है; राहु काल 17:00 से 18:30 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल अष्टमी

      पिछले दिन 21:38 से 21:53 तक

    • फिर

      शुक्ल नवमी

      21:53 – अगले दिन 22:49

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तफाल्गुन
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • मृगशिरा

      पिछले दिन 16:05 से 16:47 तक

    • फिर

      आर्द्रा

      16:47 – अगले दिन 18:10

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • आयुष्मान्

      पिछले दिन 18:07 से 17:05 तक

    • फिर

      सौभाग्य

      17:05 – अगले दिन 16:36

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 21:38 से 09:40 तक

    • फिर

      बव

      09:40 – 21:53

    • फिर

      बालव

      21:53 – अगले दिन 10:16

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल अष्टमी · रवि

00061218उद्वेग · 06:28 – 07:58चल · 07:58 – 09:28लाभ · 09:28 – 10:59अमृत · 10:59 – 12:29काल · 12:29 – 13:59शुभ · 13:59 – 15:30रोग · 15:30 – 17:00उद्वेग · 17:00 – 18:30शुभ · 18:30 – 20:00अमृत · 20:00 – 21:29चल · 21:29 – 22:59रोग · 22:59 – 00:29काल · 00:29 – 01:58लाभ · 01:58 – 03:28उद्वेग · 03:28 – 04:57शुभ · 04:57 – 06:27उद्योग · 06:28 – 07:58अमृत · 07:58 – 09:28रोग · 09:28 – 10:59लाभ · 10:59 – 12:29धन · 12:29 – 13:59सुख · 13:59 – 15:30चोर · 15:30 – 17:00विष · 17:00 – 18:30धन · 18:30 – 20:00सुख · 20:00 – 21:29चोर · 21:29 – 22:59विष · 22:59 – 00:29उद्योग · 00:29 – 01:58अमृत · 01:58 – 03:28रोग · 03:28 – 04:57लाभ · 04:57 – 06:27ब्रह्म मुहूर्त · 04:52 – 05:40अभिजित मुहूर्त · 12:05 – 12:53अमृत काल · 07:44 – 09:22राहु काल · 17:00 – 18:30यमगण्ड काल · 12:29 – 13:59गुलिक काल · 15:30 – 17:00वर्ज्यम् · 01:40 – 03:22सूर्य · 06:28 – 07:28शुक्र · 07:28 – 08:28बुध · 08:28 – 09:28चंद्र · 09:28 – 10:29शनि · 10:29 – 11:29गुरु · 11:29 – 12:29मंगल · 12:29 – 13:29सूर्य · 13:29 – 14:30शुक्र · 14:30 – 15:30बुध · 15:30 – 16:30चंद्र · 16:30 – 17:30शनि · 17:30 – 18:30गुरु · 18:30 – 19:30मंगल · 19:30 – 20:30सूर्य · 20:30 – 21:29शुक्र · 21:29 – 22:29बुध · 22:29 – 23:29चंद्र · 23:29 – 00:29शनि · 00:29 – 01:28गुरु · 01:28 – 02:28मंगल · 02:28 – 03:28सूर्य · 03:28 – 04:27शुक्र · 04:27 – 05:27बुध · 05:27 – 06:27

17 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 30 मि
06:28
07:58
09:28
10:59
12:29
13:59
15:30
17:00

रात का चौघड़िया

8·1 घं 30 मि
18:30
20:00
21:29
22:59
00:29
01:58
03:28
04:57

दिन का गौरी

8·1 घं 30 मि
06:28
07:58
09:28
10:59
12:29
13:59
15:30
17:00

रात का गौरी

8·1 घं 30 मि
18:30
20:00
21:29
22:59
00:29
01:58
03:28
04:57
04:52–05:40
12:05–12:53
07:44–09:22
17:00–18:30
12:29–13:59
15:30–17:00
01:40–03:22

दिन के होरा

12·1 घं
06:28
07:28
08:28
09:28
10:29
11:29
12:29
13:29
14:30
15:30
16:30
17:30

रात के होरा

12·1 घं
18:30
19:30
20:30
21:29
22:29
23:29
00:29
01:28
02:28
03:28
04:27
05:27

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 मार्च 2024 की तिथि क्या है?
17 मार्च 2024 को शुक्ल अष्टमी तिथि 21:53 तक है, फिर शुक्ल नवमी आरंभ होती है।
17 मार्च 2024 का नक्षत्र क्या है?
17 मार्च 2024 को नक्षत्र मृगशिरा और योग आयुष्मान् है।
17 मार्च 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है।
17 मार्च 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 17:00 से 18:30 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।