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शुक्रवार, 21 मार्च 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। सप्तमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर अष्टमी आरंभ होती है। सप्तमी सहज तिथि है, रोज़ के काम और यात्रा के लिए अच्छी। चन्द्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर मूल में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:04 से 12:52 तक शुभ है; राहु काल 10:57 से 12:28 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण सप्तमी

      02:45 से अगले दिन 04:24 तक

    सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तफाल्गुन
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • ज्येष्ठा · पाद 2

      पिछले दिन 23:31 से अगले दिन 01:45 तक

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • सिद्धि

      पिछले दिन 18:19 से 18:41 तक

    • फिर

      व्यतीपात

      18:41 – अगले दिन 18:36

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      02:45 से 15:39 तक

    • फिर

      बव

      15:39 – अगले दिन 04:24

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण सप्तमी · शुक्र

00061218चल · 06:24 – 07:55लाभ · 07:55 – 09:26अमृत · 09:26 – 10:57काल · 10:57 – 12:28शुभ · 12:28 – 13:59रोग · 13:59 – 15:30उद्वेग · 15:30 – 17:01चल · 17:01 – 18:33रोग · 18:33 – 20:01काल · 20:01 – 21:30लाभ · 21:30 – 22:59उद्वेग · 22:59 – 00:27शुभ · 00:27 – 01:56अमृत · 01:56 – 03:25चल · 03:25 – 04:54रोग · 04:54 – 06:22सुख · 06:24 – 07:55चोर · 07:55 – 09:26उद्योग · 09:26 – 10:57विष · 10:57 – 12:28अमृत · 12:28 – 13:59रोग · 13:59 – 15:30लाभ · 15:30 – 17:01धन · 17:01 – 18:33रोग · 18:33 – 20:01लाभ · 20:01 – 21:30धन · 21:30 – 22:59सुख · 22:59 – 00:27चोर · 00:27 – 01:56उद्योग · 01:56 – 03:25विष · 03:25 – 04:54अमृत · 04:54 – 06:22ब्रह्म मुहूर्त · 04:49 – 05:36अभिजित मुहूर्त · 12:04 – 12:52अमृत काल · 16:08 – 17:53राहु काल · 10:57 – 12:28यमगण्ड काल · 15:30 – 17:01गुलिक काल · 07:55 – 09:26वर्ज्यम् · 05:39 – 07:23शुक्र · 06:24 – 07:24बुध · 07:24 – 08:25चंद्र · 08:25 – 09:26शनि · 09:26 – 10:27गुरु · 10:27 – 11:27मंगल · 11:27 – 12:28सूर्य · 12:28 – 13:29शुक्र · 13:29 – 14:30बुध · 14:30 – 15:30चंद्र · 15:30 – 16:31शनि · 16:31 – 17:32गुरु · 17:32 – 18:33मंगल · 18:33 – 19:32सूर्य · 19:32 – 20:31शुक्र · 20:31 – 21:30बुध · 21:30 – 22:29चंद्र · 22:29 – 23:28शनि · 23:28 – 00:27गुरु · 00:27 – 01:27मंगल · 01:27 – 02:26सूर्य · 02:26 – 03:25शुक्र · 03:25 – 04:24बुध · 04:24 – 05:23चंद्र · 05:23 – 06:22

21 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 31 मि
06:24
07:55
09:26
10:57
12:28
13:59
15:30
17:01

रात का चौघड़िया

8·1 घं 29 मि
18:33
20:01
21:30
22:59
00:27
01:56
03:25
04:54

दिन का गौरी

8·1 घं 31 मि
06:24
07:55
09:26
10:57
12:28
13:59
15:30
17:01

रात का गौरी

8·1 घं 29 मि
18:33
20:01
21:30
22:59
00:27
01:56
03:25
04:54
04:49–05:36
12:04–12:52
16:08–17:53
10:57–12:28
15:30–17:01
07:55–09:26
05:39–07:23

दिन के होरा

12·1 घं 1 मि
06:24
07:24
08:25
09:26
10:27
11:27
12:28
13:29
14:30
15:30
16:31
17:32

रात के होरा

12·59 मि
18:33
19:32
20:31
21:30
22:29
23:28
00:27
01:27
02:26
03:25
04:24
05:23

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 मार्च 2025 की तिथि क्या है?
21 मार्च 2025 को कृष्ण सप्तमी तिथि 22 मार्च 04:24 तक है, फिर कृष्ण अष्टमी आरंभ होती है।
21 मार्च 2025 का नक्षत्र क्या है?
21 मार्च 2025 को नक्षत्र ज्येष्ठा और योग सिद्धि है।
21 मार्च 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है।
21 मार्च 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:57 से 12:28 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।