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शुक्रवार, 26 मार्च 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। चतुर्थी तिथि दोपहर तक है, फिर पंचमी आरंभ होती है। चतुर्थी गणेश जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, बड़े नए काम के लिए नहीं। चन्द्रमा विशाखा नक्षत्र में रात तक है, फिर अनुराधा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:02 से 12:51 तक शुभ है; राहु काल 10:55 से 12:27 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्थी

      पिछले दिन 12:38 से 12:43 तक

    • फिर

      कृष्ण पंचमी

      12:43 – अगले दिन 13:33

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तफाल्गुन
    पूर्णिमान्तचैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • विशाखा

      पिछले दिन 19:39 से 20:36 तक

    • फिर

      अनुराधा

      20:36 – अगले दिन 22:14

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • हर्षण

      पिछले दिन 07:32 से 06:21 तक

    • फिर

      वज्र

      06:21 – अगले दिन 05:45

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      00:35 से 12:43 तक

    • फिर

      कौलव

      12:43 – अगले दिन 01:03

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्थी · शुक्र

00061218चल · 06:18 – 07:50लाभ · 07:50 – 09:22अमृत · 09:22 – 10:55काल · 10:55 – 12:27शुभ · 12:27 – 13:59रोग · 13:59 – 15:31उद्वेग · 15:31 – 17:03चल · 17:03 – 18:35रोग · 18:35 – 20:03काल · 20:03 – 21:31लाभ · 21:31 – 22:58उद्वेग · 22:58 – 00:26शुभ · 00:26 – 01:54अमृत · 01:54 – 03:22चल · 03:22 – 04:49रोग · 04:49 – 06:17सुख · 06:18 – 07:50चोर · 07:50 – 09:22उद्योग · 09:22 – 10:55विष · 10:55 – 12:27अमृत · 12:27 – 13:59रोग · 13:59 – 15:31लाभ · 15:31 – 17:03धन · 17:03 – 18:35रोग · 18:35 – 20:03लाभ · 20:03 – 21:31धन · 21:31 – 22:58सुख · 22:58 – 00:26चोर · 00:26 – 01:54उद्योग · 01:54 – 03:22विष · 03:22 – 04:49अमृत · 04:49 – 06:17ब्रह्म मुहूर्त · 04:44 – 05:31अभिजित मुहूर्त · 12:02 – 12:51अमृत काल · 11:27 – 13:07राहु काल · 10:55 – 12:27यमगण्ड काल · 15:31 – 17:03गुलिक काल · 07:50 – 09:22वर्ज्यम् · 00:52 – 02:35शुक्र · 06:18 – 07:20बुध · 07:20 – 08:21चंद्र · 08:21 – 09:22शनि · 09:22 – 10:24गुरु · 10:24 – 11:25मंगल · 11:25 – 12:27सूर्य · 12:27 – 13:28शुक्र · 13:28 – 14:29बुध · 14:29 – 15:31चंद्र · 15:31 – 16:32शनि · 16:32 – 17:34गुरु · 17:34 – 18:35मंगल · 18:35 – 19:34सूर्य · 19:34 – 20:32शुक्र · 20:32 – 21:31बुध · 21:31 – 22:29चंद्र · 22:29 – 23:28शनि · 23:28 – 00:26गुरु · 00:26 – 01:25मंगल · 01:25 – 02:23सूर्य · 02:23 – 03:22शुक्र · 03:22 – 04:20बुध · 04:20 – 05:19चंद्र · 05:19 – 06:17

26 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 32 मि
06:18
07:50
09:22
10:55
12:27
13:59
15:31
17:03

रात का चौघड़िया

8·1 घं 28 मि
18:35
20:03
21:31
22:58
00:26
01:54
03:22
04:49

दिन का गौरी

8·1 घं 32 मि
06:18
07:50
09:22
10:55
12:27
13:59
15:31
17:03

रात का गौरी

8·1 घं 28 मि
18:35
20:03
21:31
22:58
00:26
01:54
03:22
04:49
04:44–05:31
12:02–12:51
11:27–13:07
10:55–12:27
15:31–17:03
07:50–09:22
00:52–02:35

दिन के होरा

12·1 घं 1 मि
06:18
07:20
08:21
09:22
10:24
11:25
12:27
13:28
14:29
15:31
16:32
17:34

रात के होरा

12·59 मि
18:35
19:34
20:32
21:31
22:29
23:28
00:26
01:25
02:23
03:22
04:20
05:19

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

26 मार्च 2027 की तिथि क्या है?
26 मार्च 2027 को कृष्ण चतुर्थी तिथि 12:43 तक है, फिर कृष्ण पंचमी आरंभ होती है।
26 मार्च 2027 का नक्षत्र क्या है?
26 मार्च 2027 को नक्षत्र विशाखा और योग हर्षण है।
26 मार्च 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 18:35 पर है।
26 मार्च 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:55 से 12:27 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।