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शनिवार, 6 मार्च 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शनिवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन महाशिवरात्रि है। त्रयोदशी तिथि दोपहर तक है, फिर चतुर्दशी आरंभ होती है। त्रयोदशी उत्साह की तिथि है, उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा धनिष्ठा नक्षत्र में अगले दिन सुबह तक है, फिर शतभिषा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 12:09 से 12:56 तक शुभ है; राहु काल 09:37 से 11:04 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

इस दिन के पर्व

शनिवार, 6 मार्च

महाशिवरात्रि

निशीथ काल00:07 – 00:56, 7 मार्च

जागरण रात भर चलता है; मुख्य पूजा निशीथ काल — मध्यरात्रि — में होती है। चार प्रहर की पूजा सूर्यास्त के बाद आरंभ होती है।

शिव की महा रात्रि। भक्त उपवास रखते हैं, रात भर जागरण करते हैं, और शिवलिंग पर बेलपत्र व जल अर्पित करते हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण त्रयोदशी

      पिछले दिन 09:54 से 12:03 तक

    • फिर

      कृष्ण चतुर्दशी

      12:03 – अगले दिन 13:46

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • धनिष्ठा · पाद 1

      04:20 से अगले दिन 06:42 तक

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • शिव

      02:42 से अगले दिन 03:05 तक

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 23:02 से 12:03 तक

    • फिर

      विष्टि

      12:03 – अगले दिन 00:58

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण त्रयोदशी · शनि

00061218काल · 06:41 – 08:09शुभ · 08:09 – 09:37रोग · 09:37 – 11:04उद्वेग · 11:04 – 12:32चल · 12:32 – 14:00लाभ · 14:00 – 15:28अमृत · 15:28 – 16:56काल · 16:56 – 18:23लाभ · 18:23 – 19:55उद्वेग · 19:55 – 21:28शुभ · 21:28 – 23:00अमृत · 23:00 – 00:32चल · 00:32 – 02:04रोग · 02:04 – 03:36काल · 03:36 – 05:08लाभ · 05:08 – 06:40चोर · 06:41 – 08:09उद्योग · 08:09 – 09:37विष · 09:37 – 11:04अमृत · 11:04 – 12:32रोग · 12:32 – 14:00लाभ · 14:00 – 15:28धन · 15:28 – 16:56सुख · 16:56 – 18:23लाभ · 18:23 – 19:55धन · 19:55 – 21:28सुख · 21:28 – 23:00चोर · 23:00 – 00:32उद्योग · 00:32 – 02:04विष · 02:04 – 03:36अमृत · 03:36 – 05:08रोग · 05:08 – 06:40ब्रह्म मुहूर्त · 05:03 – 05:52अभिजित मुहूर्त · 12:09 – 12:56अमृत काल · 19:16 – 21:02राहु काल · 09:37 – 11:04यमगण्ड काल · 14:00 – 15:28गुलिक काल · 06:41 – 08:09वर्ज्यम् · 08:44 – 10:29शनि · 06:41 – 07:40गुरु · 07:40 – 08:38मंगल · 08:38 – 09:37सूर्य · 09:37 – 10:35शुक्र · 10:35 – 11:34बुध · 11:34 – 12:32चंद्र · 12:32 – 13:31शनि · 13:31 – 14:29गुरु · 14:29 – 15:28मंगल · 15:28 – 16:26सूर्य · 16:26 – 17:25शुक्र · 17:25 – 18:23बुध · 18:23 – 19:25चंद्र · 19:25 – 20:26शनि · 20:26 – 21:28गुरु · 21:28 – 22:29मंगल · 22:29 – 23:30सूर्य · 23:30 – 00:32शुक्र · 00:32 – 01:33बुध · 01:33 – 02:34चंद्र · 02:34 – 03:36शनि · 03:36 – 04:37गुरु · 04:37 – 05:39मंगल · 05:39 – 06:40

6 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 28 मि
06:41
08:09
09:37
11:04
12:32
14:00
15:28
16:56

रात का चौघड़िया

8·1 घं 32 मि
18:23
19:55
21:28
23:00
00:32
02:04
03:36
05:08

दिन का गौरी

8·1 घं 28 मि
06:41
08:09
09:37
11:04
12:32
14:00
15:28
16:56

रात का गौरी

8·1 घं 32 मि
18:23
19:55
21:28
23:00
00:32
02:04
03:36
05:08
05:03–05:52
12:09–12:56
19:16–21:02
09:37–11:04
14:00–15:28
06:41–08:09
08:44–10:29

दिन के होरा

12·59 मि
06:41
07:40
08:38
09:37
10:35
11:34
12:32
13:31
14:29
15:28
16:26
17:25

रात के होरा

12·1 घं 1 मि
18:23
19:25
20:26
21:28
22:29
23:30
00:32
01:33
02:34
03:36
04:37
05:39

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 मार्च 2027 की तिथि क्या है?
6 मार्च 2027 को कृष्ण त्रयोदशी तिथि 12:03 तक है, फिर कृष्ण चतुर्दशी आरंभ होती है।
6 मार्च 2027 का नक्षत्र क्या है?
6 मार्च 2027 को नक्षत्र धनिष्ठा और योग शिव है।
6 मार्च 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है।
6 मार्च 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:37 से 11:04 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।