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शनिवार, 11 मई 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। चतुर्थी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर पंचमी आरंभ होती है। चतुर्थी गणेश जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, बड़े नए काम के लिए नहीं। चन्द्रमा मृगशिरा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर आर्द्रा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:44 तक शुभ है; राहु काल 08:55 से 10:36 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्थी

      02:50 से अगले दिन 02:04 तक

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • मृगशिरा

      पिछले दिन 10:46 से 10:15 तक

    • फिर

      आर्द्रा

      10:15 – अगले दिन 10:26

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • सुकर्मा

      पिछले दिन 12:06 से 10:02 तक

    • फिर

      धृति

      10:02 – अगले दिन 08:33

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      02:50 से 14:21 तक

    • फिर

      विष्टि

      14:21 – अगले दिन 02:04

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्थी · शनि

00061218काल · 05:32 – 07:14शुभ · 07:14 – 08:55रोग · 08:55 – 10:36उद्वेग · 10:36 – 12:17चल · 12:17 – 13:58लाभ · 13:58 – 15:40अमृत · 15:40 – 17:21काल · 17:21 – 19:02लाभ · 19:02 – 20:21उद्वेग · 20:21 – 21:40शुभ · 21:40 – 22:58अमृत · 22:58 – 00:17चल · 00:17 – 01:36रोग · 01:36 – 02:54काल · 02:54 – 04:13लाभ · 04:13 – 05:32चोर · 05:32 – 07:14उद्योग · 07:14 – 08:55विष · 08:55 – 10:36अमृत · 10:36 – 12:17रोग · 12:17 – 13:58लाभ · 13:58 – 15:40धन · 15:40 – 17:21सुख · 17:21 – 19:02लाभ · 19:02 – 20:21धन · 20:21 – 21:40सुख · 21:40 – 22:58चोर · 22:58 – 00:17उद्योग · 00:17 – 01:36विष · 01:36 – 02:54अमृत · 02:54 – 04:13रोग · 04:13 – 05:32ब्रह्म मुहूर्त · 04:08 – 04:50अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:44अमृत काल · 00:21 – 01:58राहु काल · 08:55 – 10:36यमगण्ड काल · 13:58 – 15:40गुलिक काल · 05:32 – 07:14वर्ज्यम् · 18:43 – 20:20शनि · 05:32 – 06:40गुरु · 06:40 – 07:47मंगल · 07:47 – 08:55सूर्य · 08:55 – 10:02शुक्र · 10:02 – 11:10बुध · 11:10 – 12:17चंद्र · 12:17 – 13:25शनि · 13:25 – 14:32गुरु · 14:32 – 15:40मंगल · 15:40 – 16:47सूर्य · 16:47 – 17:55शुक्र · 17:55 – 19:02बुध · 19:02 – 19:55चंद्र · 19:55 – 20:47शनि · 20:47 – 21:40गुरु · 21:40 – 22:32मंगल · 22:32 – 23:24सूर्य · 23:24 – 00:17शुक्र · 00:17 – 01:09बुध · 01:09 – 02:02चंद्र · 02:02 – 02:54शनि · 02:54 – 03:47गुरु · 03:47 – 04:39मंगल · 04:39 – 05:32

11 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
05:32
07:14
08:55
10:36
12:17
13:58
15:40
17:21

रात का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
19:02
20:21
21:40
22:58
00:17
01:36
02:54
04:13

दिन का गौरी

8·1 घं 41 मि
05:32
07:14
08:55
10:36
12:17
13:58
15:40
17:21

रात का गौरी

8·1 घं 19 मि
19:02
20:21
21:40
22:58
00:17
01:36
02:54
04:13
04:08–04:50
11:50–12:44
00:21–01:58
08:55–10:36
13:58–15:40
05:32–07:14
18:43–20:20

दिन के होरा

12·1 घं 7 मि
05:32
06:40
07:47
08:55
10:02
11:10
12:17
13:25
14:32
15:40
16:47
17:55

रात के होरा

12·52 मि
19:02
19:55
20:47
21:40
22:32
23:24
00:17
01:09
02:02
02:54
03:47
04:39

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11 मई 2024 की तिथि क्या है?
11 मई 2024 को शुक्ल चतुर्थी तिथि 12 मई 02:04 तक है, फिर शुक्ल पंचमी आरंभ होती है।
11 मई 2024 का नक्षत्र क्या है?
11 मई 2024 को नक्षत्र मृगशिरा और योग सुकर्मा है।
11 मई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 19:02 पर है।
11 मई 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:55 से 10:36 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।