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सोमवार, 12 मई 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

सोमवार, शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा तिथि रात तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। पूर्णिमा पूर्ण चंद्र की तिथि है, भक्ति और काम पूरे करने का दिन। चन्द्रमा स्वाति नक्षत्र में सुबह तक है, फिर विशाखा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:44 तक शुभ है; राहु काल 07:13 से 08:54 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 20:02 से 22:25 तक

    • फिर

      कृष्ण प्रतिपदा

      22:25 – अगले दिन 00:36

    पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि। भक्ति, व्रत और आरंभ किए काम पूरे करने का दिन।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • स्वाति

      पिछले दिन 03:15 से 06:17 तक

    • फिर

      विशाखा

      06:17 – अगले दिन 09:09

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • वरीयान्

      05:00 से अगले दिन 05:52 तक

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 20:02 से 09:15 तक

    • फिर

      बव

      09:15 – 22:25

    • फिर

      बालव

      22:25 – अगले दिन 11:32

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · सोम

00061218अमृत · 05:32 – 07:13काल · 07:13 – 08:54शुभ · 08:54 – 10:36रोग · 10:36 – 12:17उद्वेग · 12:17 – 13:59चल · 13:59 – 15:40लाभ · 15:40 – 17:21अमृत · 17:21 – 19:03चल · 19:03 – 20:21रोग · 20:21 – 21:40काल · 21:40 – 22:58लाभ · 22:58 – 00:17उद्वेग · 00:17 – 01:35शुभ · 01:35 – 02:54अमृत · 02:54 – 04:13चल · 04:13 – 05:31अमृत · 05:32 – 07:13विष · 07:13 – 08:54रोग · 08:54 – 10:36लाभ · 10:36 – 12:17धन · 12:17 – 13:59सुख · 13:59 – 15:40चोर · 15:40 – 17:21उद्योग · 17:21 – 19:03सुख · 19:03 – 20:21चोर · 20:21 – 21:40उद्योग · 21:40 – 22:58अमृत · 22:58 – 00:17विष · 00:17 – 01:35रोग · 01:35 – 02:54लाभ · 02:54 – 04:13धन · 04:13 – 05:31ब्रह्म मुहूर्त · 04:08 – 04:50अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:44अमृत काल · 23:18 – 01:05राहु काल · 07:13 – 08:54यमगण्ड काल · 10:36 – 12:17गुलिक काल · 13:59 – 15:40वर्ज्यम् · 12:33 – 14:20चंद्र · 05:32 – 06:39शनि · 06:39 – 07:47गुरु · 07:47 – 08:54मंगल · 08:54 – 10:02सूर्य · 10:02 – 11:10शुक्र · 11:10 – 12:17बुध · 12:17 – 13:25चंद्र · 13:25 – 14:32शनि · 14:32 – 15:40गुरु · 15:40 – 16:47मंगल · 16:47 – 17:55सूर्य · 17:55 – 19:03शुक्र · 19:03 – 19:55बुध · 19:55 – 20:47चंद्र · 20:47 – 21:40शनि · 21:40 – 22:32गुरु · 22:32 – 23:24मंगल · 23:24 – 00:17सूर्य · 00:17 – 01:09शुक्र · 01:09 – 02:02बुध · 02:02 – 02:54चंद्र · 02:54 – 03:46शनि · 03:46 – 04:39गुरु · 04:39 – 05:31

12 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
05:32
07:13
08:54
10:36
12:17
13:59
15:40
17:21

रात का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
19:03
20:21
21:40
22:58
00:17
01:35
02:54
04:13

दिन का गौरी

8·1 घं 41 मि
05:32
07:13
08:54
10:36
12:17
13:59
15:40
17:21

रात का गौरी

8·1 घं 19 मि
19:03
20:21
21:40
22:58
00:17
01:35
02:54
04:13
04:08–04:50
11:50–12:44
23:18–01:05
07:13–08:54
10:36–12:17
13:59–15:40
12:33–14:20

दिन के होरा

12·1 घं 8 मि
05:32
06:39
07:47
08:54
10:02
11:10
12:17
13:25
14:32
15:40
16:47
17:55

रात के होरा

12·52 मि
19:03
19:55
20:47
21:40
22:32
23:24
00:17
01:09
02:02
02:54
03:46
04:39

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12 मई 2025 की तिथि क्या है?
12 मई 2025 को पूर्णिमा तिथि 22:25 तक है, फिर कृष्ण प्रतिपदा आरंभ होती है।
12 मई 2025 का नक्षत्र क्या है?
12 मई 2025 को नक्षत्र स्वाति और योग वरीयान् है।
12 मई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 19:03 पर है।
12 मई 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:13 से 08:54 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।