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मंगलवार, 18 मई 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। त्रयोदशी तिथि शाम तक है, फिर चतुर्दशी आरंभ होती है। त्रयोदशी उत्साह की तिथि है, उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा चित्रा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर स्वाति में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 15:42 से 17:24 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल त्रयोदशी

      पिछले दिन 16:28 से 16:04 तक

    • फिर

      शुक्ल चतुर्दशी

      16:04 – अगले दिन 16:03

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • चित्रा

      पिछले दिन 11:29 से 11:43 तक

    • फिर

      स्वाति

      11:43 – अगले दिन 12:19

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • व्यतीपात

      01:10 से 23:55 तक

    • फिर

      वरीयान्

      23:55 – अगले दिन 23:00

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • तैतिल

      04:13 से 16:04 तक

    • फिर

      गर

      16:04 – अगले दिन 04:00

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल त्रयोदशी · मंगल

00061218रोग · 05:29 – 07:11उद्वेग · 07:11 – 08:53चल · 08:53 – 10:35लाभ · 10:35 – 12:17अमृत · 12:17 – 13:59काल · 13:59 – 15:42शुभ · 15:42 – 17:24रोग · 17:24 – 19:06काल · 19:06 – 20:24लाभ · 20:24 – 21:41उद्वेग · 21:41 – 22:59शुभ · 22:59 – 00:17अमृत · 00:17 – 01:35चल · 01:35 – 02:53रोग · 02:53 – 04:10काल · 04:10 – 05:28रोग · 05:29 – 07:11लाभ · 07:11 – 08:53धन · 08:53 – 10:35सुख · 10:35 – 12:17चोर · 12:17 – 13:59उद्योग · 13:59 – 15:42विष · 15:42 – 17:24अमृत · 17:24 – 19:06चोर · 19:06 – 20:24उद्योग · 20:24 – 21:41विष · 21:41 – 22:59अमृत · 22:59 – 00:17रोग · 00:17 – 01:35लाभ · 01:35 – 02:53धन · 02:53 – 04:10सुख · 04:10 – 05:28ब्रह्म मुहूर्त · 04:05 – 04:47अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:45अमृत काल · 05:15 – 06:52राहु काल · 15:42 – 17:24यमगण्ड काल · 08:53 – 10:35गुलिक काल · 12:17 – 13:59वर्ज्यम् · 17:27 – 19:05मंगल · 05:29 – 06:37सूर्य · 06:37 – 07:45शुक्र · 07:45 – 08:53बुध · 08:53 – 10:01चंद्र · 10:01 – 11:09शनि · 11:09 – 12:17गुरु · 12:17 – 13:25मंगल · 13:25 – 14:33सूर्य · 14:33 – 15:42शुक्र · 15:42 – 16:50बुध · 16:50 – 17:58चंद्र · 17:58 – 19:06शनि · 19:06 – 19:58गुरु · 19:58 – 20:50मंगल · 20:50 – 21:41सूर्य · 21:41 – 22:33शुक्र · 22:33 – 23:25बुध · 23:25 – 00:17चंद्र · 00:17 – 01:09शनि · 01:09 – 02:01गुरु · 02:01 – 02:53मंगल · 02:53 – 03:44सूर्य · 03:44 – 04:36शुक्र · 04:36 – 05:28

18 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
05:29
07:11
08:53
10:35
12:17
13:59
15:42
17:24

रात का चौघड़िया

8·1 घं 18 मि
19:06
20:24
21:41
22:59
00:17
01:35
02:53
04:10

दिन का गौरी

8·1 घं 42 मि
05:29
07:11
08:53
10:35
12:17
13:59
15:42
17:24

रात का गौरी

8·1 घं 18 मि
19:06
20:24
21:41
22:59
00:17
01:35
02:53
04:10
04:05–04:47
11:50–12:45
05:15–06:52
15:42–17:24
08:53–10:35
12:17–13:59
17:27–19:05

दिन के होरा

12·1 घं 8 मि
05:29
06:37
07:45
08:53
10:01
11:09
12:17
13:25
14:33
15:42
16:50
17:58

रात के होरा

12·52 मि
19:06
19:58
20:50
21:41
22:33
23:25
00:17
01:09
02:01
02:53
03:44
04:36

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 मई 2027 की तिथि क्या है?
18 मई 2027 को शुक्ल त्रयोदशी तिथि 16:04 तक है, फिर शुक्ल चतुर्दशी आरंभ होती है।
18 मई 2027 का नक्षत्र क्या है?
18 मई 2027 को नक्षत्र चित्रा और योग व्यतीपात है।
18 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 19:06 पर है।
18 मई 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:42 से 17:24 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।