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सोमवार, 20 मई 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

सोमवार, शुक्ल पक्ष। द्वादशी तिथि दोपहर तक है, फिर त्रयोदशी आरंभ होती है। द्वादशी पर एकादशी का व्रत खोला जाता है। यह शांत और विश्राम की तिथि है। चन्द्रमा चित्रा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर स्वाति में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 07:10 से 08:52 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वादशी

      पिछले दिन 13:50 से 15:59 तक

    • फिर

      शुक्ल त्रयोदशी

      15:59 – अगले दिन 17:40

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • चित्रा · पाद 1

      03:16 से अगले दिन 05:46 तक

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • सिद्धि

      पिछले दिन 11:23 से 12:09 तक

    • फिर

      व्यतीपात

      12:09 – अगले दिन 12:35

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      02:57 से 15:59 तक

    • फिर

      कौलव

      15:59 – अगले दिन 04:53

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वादशी · सोम

00061218अमृत · 05:27 – 07:10काल · 07:10 – 08:52शुभ · 08:52 – 10:35रोग · 10:35 – 12:17उद्वेग · 12:17 – 14:00चल · 14:00 – 15:42लाभ · 15:42 – 17:25अमृत · 17:25 – 19:08चल · 19:08 – 20:25रोग · 20:25 – 21:42काल · 21:42 – 23:00लाभ · 23:00 – 00:17उद्वेग · 00:17 – 01:35शुभ · 01:35 – 02:52अमृत · 02:52 – 04:09चल · 04:09 – 05:27अमृत · 05:27 – 07:10विष · 07:10 – 08:52रोग · 08:52 – 10:35लाभ · 10:35 – 12:17धन · 12:17 – 14:00सुख · 14:00 – 15:42चोर · 15:42 – 17:25उद्योग · 17:25 – 19:08सुख · 19:08 – 20:25चोर · 20:25 – 21:42उद्योग · 21:42 – 23:00अमृत · 23:00 – 00:17विष · 00:17 – 01:35रोग · 01:35 – 02:52लाभ · 02:52 – 04:09धन · 04:09 – 05:27ब्रह्म मुहूर्त · 04:04 – 04:46अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:45अमृत काल · 22:42 – 00:28राहु काल · 07:10 – 08:52यमगण्ड काल · 10:35 – 12:17गुलिक काल · 14:00 – 15:42वर्ज्यम् · 12:06 – 13:52चंद्र · 05:27 – 06:36शनि · 06:36 – 07:44गुरु · 07:44 – 08:52मंगल · 08:52 – 10:01सूर्य · 10:01 – 11:09शुक्र · 11:09 – 12:17बुध · 12:17 – 13:26चंद्र · 13:26 – 14:34शनि · 14:34 – 15:42गुरु · 15:42 – 16:51मंगल · 16:51 – 17:59सूर्य · 17:59 – 19:08शुक्र · 19:08 – 19:59बुध · 19:59 – 20:51चंद्र · 20:51 – 21:42शनि · 21:42 – 22:34गुरु · 22:34 – 23:26मंगल · 23:26 – 00:17सूर्य · 00:17 – 01:09शुक्र · 01:09 – 02:00बुध · 02:00 – 02:52चंद्र · 02:52 – 03:44शनि · 03:44 – 04:35गुरु · 04:35 – 05:27

20 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
05:27
07:10
08:52
10:35
12:17
14:00
15:42
17:25

रात का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
19:08
20:25
21:42
23:00
00:17
01:35
02:52
04:09

दिन का गौरी

8·1 घं 43 मि
05:27
07:10
08:52
10:35
12:17
14:00
15:42
17:25

रात का गौरी

8·1 घं 17 मि
19:08
20:25
21:42
23:00
00:17
01:35
02:52
04:09
04:04–04:46
11:50–12:45
22:42–00:28
07:10–08:52
10:35–12:17
14:00–15:42
12:06–13:52

दिन के होरा

12·1 घं 8 मि
05:27
06:36
07:44
08:52
10:01
11:09
12:17
13:26
14:34
15:42
16:51
17:59

रात के होरा

12·52 मि
19:08
19:59
20:51
21:42
22:34
23:26
00:17
01:09
02:00
02:52
03:44
04:35

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 मई 2024 की तिथि क्या है?
20 मई 2024 को शुक्ल द्वादशी तिथि 15:59 तक है, फिर शुक्ल त्रयोदशी आरंभ होती है।
20 मई 2024 का नक्षत्र क्या है?
20 मई 2024 को नक्षत्र चित्रा और योग सिद्धि है।
20 मई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 19:08 पर है।
20 मई 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:10 से 08:52 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।