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गुरुवार, 20 मई 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा तिथि शाम तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। पूर्णिमा पूर्ण चंद्र की तिथि है, भक्ति और काम पूरे करने का दिन। चन्द्रमा विशाखा नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर अनुराधा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 14:00 से 15:42 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 16:03 से 16:28 तक

    • फिर

      कृष्ण प्रतिपदा

      16:28 – अगले दिन 17:23

    पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि। भक्ति, व्रत और आरंभ किए काम पूरे करने का दिन।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • विशाखा

      पिछले दिन 12:19 से 13:21 तक

    • फिर

      अनुराधा

      13:21 – अगले दिन 14:51

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • परिघ

      पिछले दिन 23:00 से 22:26 तक

    • फिर

      शिव

      22:26 – अगले दिन 22:15

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बव

      04:12 से 16:28 तक

    • फिर

      बालव

      16:28 – अगले दिन 04:52

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · गुरु

00061218शुभ · 05:28 – 07:10रोग · 07:10 – 08:52उद्वेग · 08:52 – 10:35चल · 10:35 – 12:17लाभ · 12:17 – 14:00अमृत · 14:00 – 15:42काल · 15:42 – 17:25शुभ · 17:25 – 19:07अमृत · 19:07 – 20:25चल · 20:25 – 21:42रोग · 21:42 – 23:00काल · 23:00 – 00:17लाभ · 00:17 – 01:35उद्वेग · 01:35 – 02:52शुभ · 02:52 – 04:10अमृत · 04:10 – 05:27धन · 05:28 – 07:10सुख · 07:10 – 08:52चोर · 08:52 – 10:35उद्योग · 10:35 – 12:17अमृत · 12:17 – 14:00विष · 14:00 – 15:42रोग · 15:42 – 17:25लाभ · 17:25 – 19:07अमृत · 19:07 – 20:25विष · 20:25 – 21:42रोग · 21:42 – 23:00लाभ · 23:00 – 00:17धन · 00:17 – 01:35सुख · 01:35 – 02:52चोर · 02:52 – 04:10उद्योग · 04:10 – 05:27ब्रह्म मुहूर्त · 04:05 – 04:46अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:45अमृत काल · 04:10 – 05:50राहु काल · 14:00 – 15:42यमगण्ड काल · 05:28 – 07:10गुलिक काल · 08:52 – 10:35वर्ज्यम् · 17:36 – 19:18गुरु · 05:28 – 06:36मंगल · 06:36 – 07:44सूर्य · 07:44 – 08:52शुक्र · 08:52 – 10:01बुध · 10:01 – 11:09चंद्र · 11:09 – 12:17शनि · 12:17 – 13:26गुरु · 13:26 – 14:34मंगल · 14:34 – 15:42सूर्य · 15:42 – 16:51शुक्र · 16:51 – 17:59बुध · 17:59 – 19:07चंद्र · 19:07 – 19:59शनि · 19:59 – 20:50गुरु · 20:50 – 21:42मंगल · 21:42 – 22:34सूर्य · 22:34 – 23:25शुक्र · 23:25 – 00:17बुध · 00:17 – 01:09चंद्र · 01:09 – 02:00शनि · 02:00 – 02:52गुरु · 02:52 – 03:44मंगल · 03:44 – 04:35सूर्य · 04:35 – 05:27

20 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
05:28
07:10
08:52
10:35
12:17
14:00
15:42
17:25

रात का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
19:07
20:25
21:42
23:00
00:17
01:35
02:52
04:10

दिन का गौरी

8·1 घं 42 मि
05:28
07:10
08:52
10:35
12:17
14:00
15:42
17:25

रात का गौरी

8·1 घं 17 मि
19:07
20:25
21:42
23:00
00:17
01:35
02:52
04:10
04:05–04:46
11:50–12:45
04:10–05:50
14:00–15:42
05:28–07:10
08:52–10:35
17:36–19:18

दिन के होरा

12·1 घं 8 मि
05:28
06:36
07:44
08:52
10:01
11:09
12:17
13:26
14:34
15:42
16:51
17:59

रात के होरा

12·52 मि
19:07
19:59
20:50
21:42
22:34
23:25
00:17
01:09
02:00
02:52
03:44
04:35

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 मई 2027 की तिथि क्या है?
20 मई 2027 को पूर्णिमा तिथि 16:28 तक है, फिर कृष्ण प्रतिपदा आरंभ होती है।
20 मई 2027 का नक्षत्र क्या है?
20 मई 2027 को नक्षत्र विशाखा और योग परिघ है।
20 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 19:07 पर है।
20 मई 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 14:00 से 15:42 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।