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रविवार, 25 मई 2025

दैनिक पंचांग

  • मासिक शिवरात्रि
कृष्ण पक्ष

रविवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत है। त्रयोदशी तिथि दोपहर तक है, फिर चतुर्दशी आरंभ होती है। त्रयोदशी उत्साह की तिथि है, उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा अश्विनी नक्षत्र में सुबह तक है, फिर भरणी में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:45 तक शुभ है; राहु काल 17:27 से 19:10 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

इस दिन के पर्व

रविवार, 25 मई

मासिक शिवरात्रि

व्रत

निशीथ काल23:57 – 00:38, 26 मई

पूजा निशीथ काल — मध्यरात्रि — में, चतुर्दशी रहते की जाती है।

हर कृष्ण चतुर्दशी को, जब तिथि मध्यरात्रि में हो, मनाई जाने वाली मासिक शिवरात्रि। भक्त दिन भर उपवास रखते हैं और निशीथ काल में शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करते हैं; माघ (उत्तर भारत में फाल्गुन) की शिवरात्रि ही महाशिवरात्रि है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण त्रयोदशी

      पिछले दिन 19:20 से 15:51 तक

    • फिर

      कृष्ण चतुर्दशी

      15:51 – अगले दिन 12:12

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी

      पिछले दिन 13:48 से 11:12 तक

    • फिर

      भरणी

      11:12 – अगले दिन 08:23

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • सौभाग्य

      पिछले दिन 15:00 से 11:06 तक

    • फिर

      शोभन

      11:06 – अगले दिन 07:01

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      पिछले दिन 19:20 से 05:38 तक

    • फिर

      वणिज

      05:38 – 15:51

    • फिर

      विष्टि

      15:51 – अगले दिन 02:02

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण त्रयोदशी · रवि

00061218उद्वेग · 05:25 – 07:08चल · 07:08 – 08:51लाभ · 08:51 – 10:35अमृत · 10:35 – 12:18काल · 12:18 – 14:01शुभ · 14:01 – 15:44रोग · 15:44 – 17:27उद्वेग · 17:27 – 19:10शुभ · 19:10 – 20:27अमृत · 20:27 – 21:44चल · 21:44 – 23:01रोग · 23:01 – 00:18काल · 00:18 – 01:34लाभ · 01:34 – 02:51उद्वेग · 02:51 – 04:08शुभ · 04:08 – 05:25उद्योग · 05:25 – 07:08अमृत · 07:08 – 08:51रोग · 08:51 – 10:35लाभ · 10:35 – 12:18धन · 12:18 – 14:01सुख · 14:01 – 15:44चोर · 15:44 – 17:27विष · 17:27 – 19:10धन · 19:10 – 20:27सुख · 20:27 – 21:44चोर · 21:44 – 23:01विष · 23:01 – 00:18उद्योग · 00:18 – 01:34अमृत · 01:34 – 02:51रोग · 02:51 – 04:08लाभ · 04:08 – 05:25ब्रह्म मुहूर्त · 04:03 – 04:44अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:45अमृत काल · 04:47 – 06:12राहु काल · 17:27 – 19:10यमगण्ड काल · 12:18 – 14:01गुलिक काल · 15:44 – 17:27वर्ज्यम् · 07:38 – 09:04सूर्य · 05:25 – 06:34शुक्र · 06:34 – 07:43बुध · 07:43 – 08:51चंद्र · 08:51 – 10:00शनि · 10:00 – 11:09गुरु · 11:09 – 12:18मंगल · 12:18 – 13:26सूर्य · 13:26 – 14:35शुक्र · 14:35 – 15:44बुध · 15:44 – 16:53चंद्र · 16:53 – 18:02शनि · 18:02 – 19:10गुरु · 19:10 – 20:01मंगल · 20:01 – 20:53सूर्य · 20:53 – 21:44शुक्र · 21:44 – 22:35बुध · 22:35 – 23:26चंद्र · 23:26 – 00:18शनि · 00:18 – 01:09गुरु · 01:09 – 02:00मंगल · 02:00 – 02:51सूर्य · 02:51 – 03:42शुक्र · 03:42 – 04:34बुध · 04:34 – 05:25

25 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 43 मि
05:25
07:08
08:51
10:35
12:18
14:01
15:44
17:27

रात का चौघड़िया

8·1 घं 17 मि
19:10
20:27
21:44
23:01
00:18
01:34
02:51
04:08

दिन का गौरी

8·1 घं 43 मि
05:25
07:08
08:51
10:35
12:18
14:01
15:44
17:27

रात का गौरी

8·1 घं 17 मि
19:10
20:27
21:44
23:01
00:18
01:34
02:51
04:08
04:03–04:44
11:50–12:45
04:47–06:12
17:27–19:10
12:18–14:01
15:44–17:27
07:38–09:04

दिन के होरा

12·1 घं 9 मि
05:25
06:34
07:43
08:51
10:00
11:09
12:18
13:26
14:35
15:44
16:53
18:02

रात के होरा

12·51 मि
19:10
20:01
20:53
21:44
22:35
23:26
00:18
01:09
02:00
02:51
03:42
04:34

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

25 मई 2025 की तिथि क्या है?
25 मई 2025 को कृष्ण त्रयोदशी तिथि 15:51 तक है, फिर कृष्ण चतुर्दशी आरंभ होती है।
25 मई 2025 का नक्षत्र क्या है?
25 मई 2025 को नक्षत्र अश्विनी और योग सौभाग्य है।
25 मई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:25 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है।
25 मई 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 17:27 से 19:10 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।