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मंगलवार, 7 मई 2024

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

मंगलवार, कृष्ण पक्ष। चतुर्दशी तिथि सुबह तक है, फिर अमावस्या आरंभ होती है। चतुर्दशी तीव्र तिथि है। बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। चन्द्रमा अश्विनी नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर भरणी में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:51 से 12:44 तक शुभ है; राहु काल 15:39 से 17:19 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों मेष राशि में हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्दशी

      पिछले दिन 14:40 से 11:41 तक

    • फिर

      अमावस्या

      11:41 – अगले दिन 08:51

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तचैत्र
    पूर्णिमान्तवैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी

      पिछले दिन 17:43 से 15:32 तक

    • फिर

      भरणी

      15:32 – अगले दिन 13:33

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • आयुष्मान्

      00:28 से 20:58 तक

    • फिर

      सौभाग्य

      20:58 – अगले दिन 17:40

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • शकुनि

      01:10 से 11:41 तक

    • फिर

      चतुष्पाद

      11:41 – 22:14

    • फिर

      नाग

      22:14 – अगले दिन 08:51

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्दशी · मंगल

00061218रोग · 05:35 – 07:16उद्वेग · 07:16 – 08:56चल · 08:56 – 10:37लाभ · 10:37 – 12:17अमृत · 12:17 – 13:58काल · 13:58 – 15:39शुभ · 15:39 – 17:19रोग · 17:19 – 19:00काल · 19:00 – 20:19लाभ · 20:19 – 21:38उद्वेग · 21:38 – 22:58शुभ · 22:58 – 00:17अमृत · 00:17 – 01:36चल · 01:36 – 02:56रोग · 02:56 – 04:15काल · 04:15 – 05:34रोग · 05:35 – 07:16लाभ · 07:16 – 08:56धन · 08:56 – 10:37सुख · 10:37 – 12:17चोर · 12:17 – 13:58उद्योग · 13:58 – 15:39विष · 15:39 – 17:19अमृत · 17:19 – 19:00चोर · 19:00 – 20:19उद्योग · 20:19 – 21:38विष · 21:38 – 22:58अमृत · 22:58 – 00:17रोग · 00:17 – 01:36लाभ · 01:36 – 02:56धन · 02:56 – 04:15सुख · 04:15 – 05:34ब्रह्म मुहूर्त · 04:10 – 04:53अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:44अमृत काल · 08:59 – 10:26राहु काल · 15:39 – 17:19यमगण्ड काल · 08:56 – 10:37गुलिक काल · 12:17 – 13:58वर्ज्यम् · 11:54 – 13:21मंगल · 05:35 – 06:42सूर्य · 06:42 – 07:49शुक्र · 07:49 – 08:56बुध · 08:56 – 10:03चंद्र · 10:03 – 11:10शनि · 11:10 – 12:17गुरु · 12:17 – 13:24मंगल · 13:24 – 14:31सूर्य · 14:31 – 15:39शुक्र · 15:39 – 16:46बुध · 16:46 – 17:53चंद्र · 17:53 – 19:00शनि · 19:00 – 19:53गुरु · 19:53 – 20:45मंगल · 20:45 – 21:38सूर्य · 21:38 – 22:31शुक्र · 22:31 – 23:24बुध · 23:24 – 00:17चंद्र · 00:17 – 01:10शनि · 01:10 – 02:03गुरु · 02:03 – 02:56मंगल · 02:56 – 03:49सूर्य · 03:49 – 04:41शुक्र · 04:41 – 05:34

7 मई

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
05:35
07:16
08:56
10:37
12:17
13:58
15:39
17:19

रात का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
19:00
20:19
21:38
22:58
00:17
01:36
02:56
04:15

दिन का गौरी

8·1 घं 41 मि
05:35
07:16
08:56
10:37
12:17
13:58
15:39
17:19

रात का गौरी

8·1 घं 19 मि
19:00
20:19
21:38
22:58
00:17
01:36
02:56
04:15
04:10–04:53
11:51–12:44
08:59–10:26
15:39–17:19
08:56–10:37
12:17–13:58
11:54–13:21

दिन के होरा

12·1 घं 7 मि
05:35
06:42
07:49
08:56
10:03
11:10
12:17
13:24
14:31
15:39
16:46
17:53

रात के होरा

12·53 मि
19:00
19:53
20:45
21:38
22:31
23:24
00:17
01:10
02:03
02:56
03:49
04:41

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 मई 2024 की तिथि क्या है?
7 मई 2024 को कृष्ण चतुर्दशी तिथि 11:41 तक है, फिर अमावस्या आरंभ होती है।
7 मई 2024 का नक्षत्र क्या है?
7 मई 2024 को नक्षत्र अश्विनी और योग आयुष्मान् है।
7 मई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:35 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है।
7 मई 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:39 से 17:19 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।