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मंगलवार, 10 नवंबर 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन गोवर्धन पूजा है। प्रतिपदा तिथि दोपहर तक है, फिर द्वितीया आरंभ होती है। चन्द्रमा विशाखा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर अनुराधा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:43 से 12:26 तक शुभ है; राहु काल 14:47 से 16:08 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

इस दिन के पर्व

मंगलवार, 10 नवंबर

गोवर्धन पूजा

अन्नकूट

जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।

दीपावली के बाद, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा की सुबह — ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाने वाले श्रीकृष्ण को अन्नकूट अर्पित किया जाता है। यही दिन बलि प्रतिपदा और गुजराती नववर्ष (बेस्तु वरस) भी है।

इस दिन के अन्य पर्व

  • बलि प्रतिपदा

    महाराष्ट्रकर्नाटकगोवाअन्य नाम: बलि पाड्यमी · पाडवा

    दीपावली के बाद कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को राजा बलि की स्मृति, जिन्हें वामन रूपी विष्णु ने वर्ष में एक बार अपनी प्रजा के पास लौटने का वरदान दिया। महाराष्ट्र में यह पाडवा है, जब पत्नियाँ पति को तिलक करती हैं।

  • बेस्तु वरस

    गुजरातअन्य नाम: गुजराती नववर्ष · नूतन वर्ष

    कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से गुजराती नववर्ष आरंभ होता है: परिवार प्रातः मंदिर जाते हैं, 'साल मुबारक' कहकर मिलते हैं और दुकानें चोपड़ा पूजन में पूजे गए नए खातों से काम शुरू करती हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल प्रतिपदा

      पिछले दिन 12:31 से 14:00 तक

    • फिर

      शुक्ल द्वितीया

      14:00 – अगले दिन 15:53

    प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • विशाखा

      पिछले दिन 07:24 से 09:19 तक

    • फिर

      अनुराधा

      09:19 – अगले दिन 11:38

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • शोभन

      02:57 से अगले दिन 03:09 तक

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      01:13 से 14:00 तक

    • फिर

      बालव

      14:00 – अगले दिन 02:54

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल प्रतिपदा · मंगल

00061218रोग · 06:39 – 08:00उद्वेग · 08:00 – 09:22चल · 09:22 – 10:43लाभ · 10:43 – 12:04अमृत · 12:04 – 13:26काल · 13:26 – 14:47शुभ · 14:47 – 16:08रोग · 16:08 – 17:30काल · 17:30 – 19:08लाभ · 19:08 – 20:47उद्वेग · 20:47 – 22:26शुभ · 22:26 – 00:05अमृत · 00:05 – 01:44चल · 01:44 – 03:22रोग · 03:22 – 05:01काल · 05:01 – 06:40रोग · 06:39 – 08:00लाभ · 08:00 – 09:22धन · 09:22 – 10:43सुख · 10:43 – 12:04चोर · 12:04 – 13:26उद्योग · 13:26 – 14:47विष · 14:47 – 16:08अमृत · 16:08 – 17:30चोर · 17:30 – 19:08उद्योग · 19:08 – 20:47विष · 20:47 – 22:26अमृत · 22:26 – 00:05रोग · 00:05 – 01:44लाभ · 01:44 – 03:22धन · 03:22 – 05:01सुख · 05:01 – 06:40ब्रह्म मुहूर्त · 04:54 – 05:47अभिजित मुहूर्त · 11:43 – 12:26अमृत काल · 00:14 – 01:59राहु काल · 14:47 – 16:08यमगण्ड काल · 09:22 – 10:43गुलिक काल · 12:04 – 13:26वर्ज्यम् · 13:42 – 15:27मंगल · 06:39 – 07:33सूर्य · 07:33 – 08:28शुक्र · 08:28 – 09:22बुध · 09:22 – 10:16चंद्र · 10:16 – 11:10शनि · 11:10 – 12:04गुरु · 12:04 – 12:59मंगल · 12:59 – 13:53सूर्य · 13:53 – 14:47शुक्र · 14:47 – 15:41बुध · 15:41 – 16:35चंद्र · 16:35 – 17:30शनि · 17:30 – 18:36गुरु · 18:36 – 19:41मंगल · 19:41 – 20:47सूर्य · 20:47 – 21:53शुक्र · 21:53 – 22:59बुध · 22:59 – 00:05चंद्र · 00:05 – 01:11शनि · 01:11 – 02:16गुरु · 02:16 – 03:22मंगल · 03:22 – 04:28सूर्य · 04:28 – 05:34शुक्र · 05:34 – 06:40

10 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 21 मि
06:39
08:00
09:22
10:43
12:04
13:26
14:47
16:08

रात का चौघड़िया

8·1 घं 39 मि
17:30
19:08
20:47
22:26
00:05
01:44
03:22
05:01

दिन का गौरी

8·1 घं 21 मि
06:39
08:00
09:22
10:43
12:04
13:26
14:47
16:08

रात का गौरी

8·1 घं 39 मि
17:30
19:08
20:47
22:26
00:05
01:44
03:22
05:01
04:54–05:47
11:43–12:26
00:14–01:59
14:47–16:08
09:22–10:43
12:04–13:26
13:42–15:27

दिन के होरा

12·54 मि
06:39
07:33
08:28
09:22
10:16
11:10
12:04
12:59
13:53
14:47
15:41
16:35

रात के होरा

12·1 घं 6 मि
17:30
18:36
19:41
20:47
21:53
22:59
00:05
01:11
02:16
03:22
04:28
05:34

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

10 नवंबर 2026 की तिथि क्या है?
10 नवंबर 2026 को शुक्ल प्रतिपदा तिथि 14:00 तक है, फिर शुक्ल द्वितीया आरंभ होती है।
10 नवंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
10 नवंबर 2026 को नक्षत्र विशाखा और योग शोभन है।
10 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 17:30 पर है।
10 नवंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 14:47 से 16:08 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।