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मंगलवार, 12 नवंबर 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। देवउठनी एकादशी तिथि शाम तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर उत्तर भाद्रपदा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:43 से 12:26 तक शुभ है; राहु काल 14:46 से 16:07 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • देवउठनी एकादशी

      पिछले दिन 18:47 से 16:05 तक

    • फिर

      शुक्ल द्वादशी

      16:05 – अगले दिन 13:01

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व भाद्रपदा

      पिछले दिन 09:40 से 07:52 तक

    • फिर

      उत्तर भाद्रपदा

      07:52 – अगले दिन 05:40

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • हर्षण

      पिछले दिन 22:36 से 19:09 तक

    • फिर

      वज्र

      19:09 – अगले दिन 15:25

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      05:29 से 16:05 तक

    • फिर

      बव

      16:05 – अगले दिन 02:35

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल एकादशी · मंगल

00061218रोग · 06:41 – 08:02उद्वेग · 08:02 – 09:23चल · 09:23 – 10:44लाभ · 10:44 – 12:05अमृत · 12:05 – 13:26काल · 13:26 – 14:46शुभ · 14:46 – 16:07रोग · 16:07 – 17:28काल · 17:28 – 19:08लाभ · 19:08 – 20:47उद्वेग · 20:47 – 22:26शुभ · 22:26 – 00:05अमृत · 00:05 – 01:44चल · 01:44 – 03:23रोग · 03:23 – 05:03काल · 05:03 – 06:42रोग · 06:41 – 08:02लाभ · 08:02 – 09:23धन · 09:23 – 10:44सुख · 10:44 – 12:05चोर · 12:05 – 13:26उद्योग · 13:26 – 14:46विष · 14:46 – 16:07अमृत · 16:07 – 17:28चोर · 17:28 – 19:08उद्योग · 19:08 – 20:47विष · 20:47 – 22:26अमृत · 22:26 – 00:05रोग · 00:05 – 01:44लाभ · 01:44 – 03:23धन · 03:23 – 05:03सुख · 05:03 – 06:42ब्रह्म मुहूर्त · 04:55 – 05:48अभिजित मुहूर्त · 11:43 – 12:26अमृत काल · 01:18 – 02:45राहु काल · 14:46 – 16:07यमगण्ड काल · 09:23 – 10:44गुलिक काल · 12:05 – 13:26वर्ज्यम् · 16:35 – 18:02मंगल · 06:41 – 07:35सूर्य · 07:35 – 08:29शुक्र · 08:29 – 09:23बुध · 09:23 – 10:17चंद्र · 10:17 – 11:11शनि · 11:11 – 12:05गुरु · 12:05 – 12:59मंगल · 12:59 – 13:53सूर्य · 13:53 – 14:46शुक्र · 14:46 – 15:40बुध · 15:40 – 16:34चंद्र · 16:34 – 17:28शनि · 17:28 – 18:34गुरु · 18:34 – 19:41मंगल · 19:41 – 20:47सूर्य · 20:47 – 21:53शुक्र · 21:53 – 22:59बुध · 22:59 – 00:05चंद्र · 00:05 – 01:11शनि · 01:11 – 02:17गुरु · 02:17 – 03:23मंगल · 03:23 – 04:30सूर्य · 04:30 – 05:36शुक्र · 05:36 – 06:42

12 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 21 मि
06:41
08:02
09:23
10:44
12:05
13:26
14:46
16:07

रात का चौघड़िया

8·1 घं 39 मि
17:28
19:08
20:47
22:26
00:05
01:44
03:23
05:03

दिन का गौरी

8·1 घं 21 मि
06:41
08:02
09:23
10:44
12:05
13:26
14:46
16:07

रात का गौरी

8·1 घं 39 मि
17:28
19:08
20:47
22:26
00:05
01:44
03:23
05:03
04:55–05:48
11:43–12:26
01:18–02:45
14:46–16:07
09:23–10:44
12:05–13:26
16:35–18:02

दिन के होरा

12·54 मि
06:41
07:35
08:29
09:23
10:17
11:11
12:05
12:59
13:53
14:46
15:40
16:34

रात के होरा

12·1 घं 6 मि
17:28
18:34
19:41
20:47
21:53
22:59
00:05
01:11
02:17
03:23
04:30
05:36

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12 नवंबर 2024 की तिथि क्या है?
12 नवंबर 2024 को देवउठनी एकादशी तिथि 16:05 तक है, फिर शुक्ल द्वादशी आरंभ होती है।
12 नवंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
12 नवंबर 2024 को नक्षत्र पूर्व भाद्रपदा और योग हर्षण है।
12 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 17:28 पर है।
12 नवंबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 14:46 से 16:07 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।