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रविवार, 14 नवंबर 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

रविवार, शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा तिथि सुबह तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। पूर्णिमा पूर्ण चंद्र की तिथि है, भक्ति और काम पूरे करने का दिन। चन्द्रमा भरणी नक्षत्र में सुबह तक है, फिर कृत्तिका में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:43 से 12:26 तक शुभ है; राहु काल 16:07 से 17:28 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 09:55 से 08:55 तक

    • फिर

      कृष्ण प्रतिपदा

      08:55 – अगले दिन 07:28

    पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि। भक्ति, व्रत और आरंभ किए काम पूरे करने का दिन।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • भरणी

      पिछले दिन 08:10 से 07:52 तक

    • फिर

      कृत्तिका

      07:52 – अगले दिन 07:06

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • वरीयान्

      पिछले दिन 19:58 से 17:49 तक

    • फिर

      परिघ

      17:49 – अगले दिन 15:21

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      पिछले दिन 21:29 से 08:55 तक

    • फिर

      बालव

      08:55 – 20:15

    • फिर

      कौलव

      20:15 – अगले दिन 07:28

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · रवि

00061218उद्वेग · 06:42 – 08:03चल · 08:03 – 09:23लाभ · 09:23 – 10:44अमृत · 10:44 – 12:05काल · 12:05 – 13:26शुभ · 13:26 – 14:46रोग · 14:46 – 16:07उद्वेग · 16:07 – 17:28शुभ · 17:28 – 19:07अमृत · 19:07 – 20:46चल · 20:46 – 22:26रोग · 22:26 – 00:05काल · 00:05 – 01:45लाभ · 01:45 – 03:24उद्वेग · 03:24 – 05:03शुभ · 05:03 – 06:43उद्योग · 06:42 – 08:03अमृत · 08:03 – 09:23रोग · 09:23 – 10:44लाभ · 10:44 – 12:05धन · 12:05 – 13:26सुख · 13:26 – 14:46चोर · 14:46 – 16:07विष · 16:07 – 17:28धन · 17:28 – 19:07सुख · 19:07 – 20:46चोर · 20:46 – 22:26विष · 22:26 – 00:05उद्योग · 00:05 – 01:45अमृत · 01:45 – 03:24रोग · 03:24 – 05:03लाभ · 05:03 – 06:43ब्रह्म मुहूर्त · 04:56 – 05:49अभिजित मुहूर्त · 11:43 – 12:26अमृत काल · 04:46 – 06:19राहु काल · 16:07 – 17:28यमगण्ड काल · 12:05 – 13:26गुलिक काल · 14:46 – 16:07वर्ज्यम् · 19:29 – 21:02सूर्य · 06:42 – 07:36शुक्र · 07:36 – 08:30बुध · 08:30 – 09:23चंद्र · 09:23 – 10:17शनि · 10:17 – 11:11गुरु · 11:11 – 12:05मंगल · 12:05 – 12:59सूर्य · 12:59 – 13:52शुक्र · 13:52 – 14:46बुध · 14:46 – 15:40चंद्र · 15:40 – 16:34शनि · 16:34 – 17:28गुरु · 17:28 – 18:34मंगल · 18:34 – 19:40सूर्य · 19:40 – 20:46शुक्र · 20:46 – 21:53बुध · 21:53 – 22:59चंद्र · 22:59 – 00:05शनि · 00:05 – 01:12गुरु · 01:12 – 02:18मंगल · 02:18 – 03:24सूर्य · 03:24 – 04:30शुक्र · 04:30 – 05:37बुध · 05:37 – 06:43

14 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 21 मि
06:42
08:03
09:23
10:44
12:05
13:26
14:46
16:07

रात का चौघड़िया

8·1 घं 39 मि
17:28
19:07
20:46
22:26
00:05
01:45
03:24
05:03

दिन का गौरी

8·1 घं 21 मि
06:42
08:03
09:23
10:44
12:05
13:26
14:46
16:07

रात का गौरी

8·1 घं 39 मि
17:28
19:07
20:46
22:26
00:05
01:45
03:24
05:03
04:56–05:49
11:43–12:26
04:46–06:19
16:07–17:28
12:05–13:26
14:46–16:07
19:29–21:02

दिन के होरा

12·54 मि
06:42
07:36
08:30
09:23
10:17
11:11
12:05
12:59
13:52
14:46
15:40
16:34

रात के होरा

12·1 घं 6 मि
17:28
18:34
19:40
20:46
21:53
22:59
00:05
01:12
02:18
03:24
04:30
05:37

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14 नवंबर 2027 की तिथि क्या है?
14 नवंबर 2027 को पूर्णिमा तिथि 08:55 तक है, फिर कृष्ण प्रतिपदा आरंभ होती है।
14 नवंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
14 नवंबर 2027 को नक्षत्र भरणी और योग वरीयान् है।
14 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 17:28 पर है।
14 नवंबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:07 से 17:28 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।