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रविवार, 15 नवंबर 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

रविवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन छठ पूजा है। षष्ठी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर सप्तमी आरंभ होती है। चन्द्रमा उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र में रात तक है, फिर श्रवण में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:44 से 12:27 तक शुभ है; राहु काल 16:07 से 17:27 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

इस दिन के पर्व

रविवार, 15 नवंबर

छठ पूजा

सूर्य षष्ठी

संध्या अर्घ्य अस्त होते सूर्य को और उषा अर्घ्य अगले सूर्योदय को दिया जाता है; व्रत बीच में निरंतर चलता है।

बिहारझारखंडपूर्वांचल

सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित चार दिवसीय पर्व। भक्त कठोर उपवास रखते हैं और नदी या तालाब के तट पर अस्तगामी एवं उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल षष्ठी

      पिछले दिन 23:24 से अगले दिन 02:01 तक

    षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर आषाढ़ा

      पिछले दिन 20:24 से 23:29 तक

    • फिर

      श्रवण

      23:29 – अगले दिन 02:17

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • गण्ड

      06:22 से अगले दिन 07:16 तक

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • कौलव

      पिछले दिन 23:24 से 12:44 तक

    • फिर

      तैतिल

      12:44 – अगले दिन 02:01

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल षष्ठी · रवि

00061218उद्वेग · 06:43 – 08:04चल · 08:04 – 09:24लाभ · 09:24 – 10:45अमृत · 10:45 – 12:05काल · 12:05 – 13:26शुभ · 13:26 – 14:46रोग · 14:46 – 16:07उद्वेग · 16:07 – 17:27शुभ · 17:27 – 19:07अमृत · 19:07 – 20:46चल · 20:46 – 22:26रोग · 22:26 – 00:05काल · 00:05 – 01:45लाभ · 01:45 – 03:25उद्वेग · 03:25 – 05:04शुभ · 05:04 – 06:44उद्योग · 06:43 – 08:04अमृत · 08:04 – 09:24रोग · 09:24 – 10:45लाभ · 10:45 – 12:05धन · 12:05 – 13:26सुख · 13:26 – 14:46चोर · 14:46 – 16:07विष · 16:07 – 17:27धन · 17:27 – 19:07सुख · 19:07 – 20:46चोर · 20:46 – 22:26विष · 22:26 – 00:05उद्योग · 00:05 – 01:45अमृत · 01:45 – 03:25रोग · 03:25 – 05:04लाभ · 05:04 – 06:44ब्रह्म मुहूर्त · 04:57 – 05:50अभिजित मुहूर्त · 11:44 – 12:27अमृत काल · 16:15 – 18:04राहु काल · 16:07 – 17:27यमगण्ड काल · 12:05 – 13:26गुलिक काल · 14:46 – 16:07वर्ज्यम् · 05:26 – 07:14सूर्य · 06:43 – 07:37शुक्र · 07:37 – 08:30बुध · 08:30 – 09:24चंद्र · 09:24 – 10:18शनि · 10:18 – 11:11गुरु · 11:11 – 12:05मंगल · 12:05 – 12:59सूर्य · 12:59 – 13:52शुक्र · 13:52 – 14:46बुध · 14:46 – 15:40चंद्र · 15:40 – 16:33शनि · 16:33 – 17:27गुरु · 17:27 – 18:34मंगल · 18:34 – 19:40सूर्य · 19:40 – 20:46शुक्र · 20:46 – 21:53बुध · 21:53 – 22:59चंद्र · 22:59 – 00:05शनि · 00:05 – 01:12गुरु · 01:12 – 02:18मंगल · 02:18 – 03:25सूर्य · 03:25 – 04:31शुक्र · 04:31 – 05:37बुध · 05:37 – 06:44

15 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 21 मि
06:43
08:04
09:24
10:45
12:05
13:26
14:46
16:07

रात का चौघड़िया

8·1 घं 40 मि
17:27
19:07
20:46
22:26
00:05
01:45
03:25
05:04

दिन का गौरी

8·1 घं 21 मि
06:43
08:04
09:24
10:45
12:05
13:26
14:46
16:07

रात का गौरी

8·1 घं 40 मि
17:27
19:07
20:46
22:26
00:05
01:45
03:25
05:04
04:57–05:50
11:44–12:27
16:15–18:04
16:07–17:27
12:05–13:26
14:46–16:07
05:26–07:14

दिन के होरा

12·54 मि
06:43
07:37
08:30
09:24
10:18
11:11
12:05
12:59
13:52
14:46
15:40
16:33

रात के होरा

12·1 घं 6 मि
17:27
18:34
19:40
20:46
21:53
22:59
00:05
01:12
02:18
03:25
04:31
05:37

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 नवंबर 2026 की तिथि क्या है?
15 नवंबर 2026 को शुक्ल षष्ठी तिथि 16 नवंबर 02:01 तक है, फिर शुक्ल सप्तमी आरंभ होती है।
15 नवंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
15 नवंबर 2026 को नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग गण्ड है।
15 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 17:27 पर है।
15 नवंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:07 से 17:27 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।