मुख्य सामग्री पर जाएँ

मंगलवार, 17 नवंबर 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। अष्टमी तिथि अगले दिन सुबह तक है, फिर नवमी आरंभ होती है। अष्टमी तीव्र तिथि है। नए काम की शुरुआत परंपरा में टाली जाती है। चन्द्रमा धनिष्ठा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर शतभिषा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:44 से 12:27 तक शुभ है; राहु काल 14:46 से 16:06 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल अष्टमी

      04:20 से अगले दिन 06:05 तक

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • धनिष्ठा · पाद 1

      02:17 से अगले दिन 04:34 तक

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • वृद्धि

      पिछले दिन 07:16 से 07:54 तक

    • फिर

      ध्रुव

      07:54 – अगले दिन 08:05

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      04:20 से 17:17 तक

    • फिर

      बव

      17:17 – अगले दिन 06:05

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल अष्टमी · मंगल

00061218रोग · 06:45 – 08:05उद्वेग · 08:05 – 09:25चल · 09:25 – 10:45लाभ · 10:45 – 12:05अमृत · 12:05 – 13:26काल · 13:26 – 14:46शुभ · 14:46 – 16:06रोग · 16:06 – 17:26काल · 17:26 – 19:06लाभ · 19:06 – 20:46उद्वेग · 20:46 – 22:26शुभ · 22:26 – 00:06अमृत · 00:06 – 01:46चल · 01:46 – 03:26रोग · 03:26 – 05:06काल · 05:06 – 06:45रोग · 06:45 – 08:05लाभ · 08:05 – 09:25धन · 09:25 – 10:45सुख · 10:45 – 12:05चोर · 12:05 – 13:26उद्योग · 13:26 – 14:46विष · 14:46 – 16:06अमृत · 16:06 – 17:26चोर · 17:26 – 19:06उद्योग · 19:06 – 20:46विष · 20:46 – 22:26अमृत · 22:26 – 00:06रोग · 00:06 – 01:46लाभ · 01:46 – 03:26धन · 03:26 – 05:06सुख · 05:06 – 06:45ब्रह्म मुहूर्त · 04:58 – 05:51अभिजित मुहूर्त · 11:44 – 12:27अमृत काल · 17:11 – 18:56राहु काल · 14:46 – 16:06यमगण्ड काल · 09:25 – 10:45गुलिक काल · 12:05 – 13:26वर्ज्यम् · 06:40 – 08:25मंगल · 06:45 – 07:38सूर्य · 07:38 – 08:32शुक्र · 08:32 – 09:25बुध · 09:25 – 10:19चंद्र · 10:19 – 11:12शनि · 11:12 – 12:05गुरु · 12:05 – 12:59मंगल · 12:59 – 13:52सूर्य · 13:52 – 14:46शुक्र · 14:46 – 15:39बुध · 15:39 – 16:33चंद्र · 16:33 – 17:26शनि · 17:26 – 18:33गुरु · 18:33 – 19:39मंगल · 19:39 – 20:46सूर्य · 20:46 – 21:53शुक्र · 21:53 – 22:59बुध · 22:59 – 00:06चंद्र · 00:06 – 01:12शनि · 01:12 – 02:19गुरु · 02:19 – 03:26मंगल · 03:26 – 04:32सूर्य · 04:32 – 05:39शुक्र · 05:39 – 06:45

17 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 20 मि
06:45
08:05
09:25
10:45
12:05
13:26
14:46
16:06

रात का चौघड़िया

8·1 घं 40 मि
17:26
19:06
20:46
22:26
00:06
01:46
03:26
05:06

दिन का गौरी

8·1 घं 20 मि
06:45
08:05
09:25
10:45
12:05
13:26
14:46
16:06

रात का गौरी

8·1 घं 40 मि
17:26
19:06
20:46
22:26
00:06
01:46
03:26
05:06
04:58–05:51
11:44–12:27
17:11–18:56
14:46–16:06
09:25–10:45
12:05–13:26
06:40–08:25

दिन के होरा

12·53 मि
06:45
07:38
08:32
09:25
10:19
11:12
12:05
12:59
13:52
14:46
15:39
16:33

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:26
18:33
19:39
20:46
21:53
22:59
00:06
01:12
02:19
03:26
04:32
05:39

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 नवंबर 2026 की तिथि क्या है?
17 नवंबर 2026 को शुक्ल अष्टमी तिथि 18 नवंबर 06:05 तक है, फिर शुक्ल नवमी आरंभ होती है।
17 नवंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
17 नवंबर 2026 को नक्षत्र धनिष्ठा और योग वृद्धि है।
17 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 17:26 पर है।
17 नवंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 14:46 से 16:06 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।