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सोमवार, 22 नवंबर 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। नवमी तिथि दोपहर तक है, फिर दशमी आरंभ होती है। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में रात तक है, फिर उत्तर फाल्गुनी में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:45 से 12:28 तक शुभ है; राहु काल 08:08 से 09:27 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण नवमी

      पिछले दिन 17:20 से 15:28 तक

    • फिर

      कृष्ण दशमी

      15:28 – अगले दिन 13:45

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व फाल्गुनी

      पिछले दिन 21:52 से 20:43 तक

    • फिर

      उत्तर फाल्गुनी

      20:43 – अगले दिन 19:43

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • वैधृति

      पिछले दिन 19:25 से 16:43 तक

    • फिर

      विष्कुम्भ

      16:43 – अगले दिन 14:08

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • गर

      04:23 से 15:28 तक

    • फिर

      वणिज

      15:28 – अगले दिन 02:35

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण नवमी · सोम

00061218अमृत · 06:48 – 08:08काल · 08:08 – 09:27शुभ · 09:27 – 10:47रोग · 10:47 – 12:07उद्वेग · 12:07 – 13:26चल · 13:26 – 14:46लाभ · 14:46 – 16:05अमृत · 16:05 – 17:25चल · 17:25 – 19:05रोग · 19:05 – 20:46काल · 20:46 – 22:26लाभ · 22:26 – 00:07उद्वेग · 00:07 – 01:47शुभ · 01:47 – 03:28अमृत · 03:28 – 05:09चल · 05:09 – 06:49अमृत · 06:48 – 08:08विष · 08:08 – 09:27रोग · 09:27 – 10:47लाभ · 10:47 – 12:07धन · 12:07 – 13:26सुख · 13:26 – 14:46चोर · 14:46 – 16:05उद्योग · 16:05 – 17:25सुख · 17:25 – 19:05चोर · 19:05 – 20:46उद्योग · 20:46 – 22:26अमृत · 22:26 – 00:07विष · 00:07 – 01:47रोग · 01:47 – 03:28लाभ · 03:28 – 05:09धन · 05:09 – 06:49ब्रह्म मुहूर्त · 05:01 – 05:55अभिजित मुहूर्त · 11:45 – 12:28अमृत काल · 14:37 – 16:09राहु काल · 08:08 – 09:27यमगण्ड काल · 10:47 – 12:07गुलिक काल · 13:26 – 14:46वर्ज्यम् · 05:29 – 07:00चंद्र · 06:48 – 07:41शनि · 07:41 – 08:34गुरु · 08:34 – 09:27मंगल · 09:27 – 10:20सूर्य · 10:20 – 11:14शुक्र · 11:14 – 12:07बुध · 12:07 – 13:00चंद्र · 13:00 – 13:53शनि · 13:53 – 14:46गुरु · 14:46 – 15:39मंगल · 15:39 – 16:32सूर्य · 16:32 – 17:25शुक्र · 17:25 – 18:32बुध · 18:32 – 19:39चंद्र · 19:39 – 20:46शनि · 20:46 – 21:53गुरु · 21:53 – 23:00मंगल · 23:00 – 00:07सूर्य · 00:07 – 01:14शुक्र · 01:14 – 02:21बुध · 02:21 – 03:28चंद्र · 03:28 – 04:35शनि · 04:35 – 05:42गुरु · 05:42 – 06:49

22 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 20 मि
06:48
08:08
09:27
10:47
12:07
13:26
14:46
16:05

रात का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
17:25
19:05
20:46
22:26
00:07
01:47
03:28
05:09

दिन का गौरी

8·1 घं 20 मि
06:48
08:08
09:27
10:47
12:07
13:26
14:46
16:05

रात का गौरी

8·1 घं 41 मि
17:25
19:05
20:46
22:26
00:07
01:47
03:28
05:09
05:01–05:55
11:45–12:28
14:37–16:09
08:08–09:27
10:47–12:07
13:26–14:46
05:29–07:00

दिन के होरा

12·53 मि
06:48
07:41
08:34
09:27
10:20
11:14
12:07
13:00
13:53
14:46
15:39
16:32

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:25
18:32
19:39
20:46
21:53
23:00
00:07
01:14
02:21
03:28
04:35
05:42

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 नवंबर 2027 की तिथि क्या है?
22 नवंबर 2027 को कृष्ण नवमी तिथि 15:28 तक है, फिर कृष्ण दशमी आरंभ होती है।
22 नवंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
22 नवंबर 2027 को नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग वैधृति है।
22 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है।
22 नवंबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:08 से 09:27 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।