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रविवार, 23 नवंबर 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

रविवार, शुक्ल पक्ष। तृतीया तिथि रात तक है, फिर चतुर्थी आरंभ होती है। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा मूल नक्षत्र में रात तक है, फिर पूर्व आषाढ़ा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:46 से 12:28 तक शुभ है; राहु काल 16:05 से 17:24 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल तृतीया

      पिछले दिन 17:11 से 19:25 तक

    • फिर

      शुक्ल चतुर्थी

      19:25 – अगले दिन 21:22

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • रविवार

    रविवार (स्वामी सूर्य) — तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • मूल

      पिछले दिन 16:47 से 19:27 तक

    • फिर

      पूर्व आषाढ़ा

      19:27 – अगले दिन 21:53

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • धृति

      पिछले दिन 11:29 से 12:08 तक

    • फिर

      शूल

      12:08 – अगले दिन 12:36

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      06:20 से 19:25 तक

    • फिर

      वणिज

      19:25 – अगले दिन 08:26

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल तृतीया · रवि

00061218उद्वेग · 06:50 – 08:09चल · 08:09 – 09:28लाभ · 09:28 – 10:48अमृत · 10:48 – 12:07काल · 12:07 – 13:26शुभ · 13:26 – 14:46रोग · 14:46 – 16:05उद्वेग · 16:05 – 17:24शुभ · 17:24 – 19:05अमृत · 19:05 – 20:46चल · 20:46 – 22:27रोग · 22:27 – 00:07काल · 00:07 – 01:48लाभ · 01:48 – 03:29उद्वेग · 03:29 – 05:10शुभ · 05:10 – 06:50उद्योग · 06:50 – 08:09अमृत · 08:09 – 09:28रोग · 09:28 – 10:48लाभ · 10:48 – 12:07धन · 12:07 – 13:26सुख · 13:26 – 14:46चोर · 14:46 – 16:05विष · 16:05 – 17:24धन · 17:24 – 19:05सुख · 19:05 – 20:46चोर · 20:46 – 22:27विष · 22:27 – 00:07उद्योग · 00:07 – 01:48अमृत · 01:48 – 03:29रोग · 03:29 – 05:10लाभ · 05:10 – 06:50ब्रह्म मुहूर्त · 05:02 – 05:56अभिजित मुहूर्त · 11:46 – 12:28अमृत काल · 12:21 – 14:07राहु काल · 16:05 – 17:24यमगण्ड काल · 12:07 – 13:26गुलिक काल · 14:46 – 16:05वर्ज्यम् · 17:41 – 19:27सूर्य · 06:50 – 07:42शुक्र · 07:42 – 08:35बुध · 08:35 – 09:28चंद्र · 09:28 – 10:21शनि · 10:21 – 11:14गुरु · 11:14 – 12:07मंगल · 12:07 – 13:00सूर्य · 13:00 – 13:53शुक्र · 13:53 – 14:46बुध · 14:46 – 15:39चंद्र · 15:39 – 16:31शनि · 16:31 – 17:24गुरु · 17:24 – 18:31मंगल · 18:31 – 19:39सूर्य · 19:39 – 20:46शुक्र · 20:46 – 21:53बुध · 21:53 – 23:00चंद्र · 23:00 – 00:07शनि · 00:07 – 01:15गुरु · 01:15 – 02:22मंगल · 02:22 – 03:29सूर्य · 03:29 – 04:36शुक्र · 04:36 – 05:43बुध · 05:43 – 06:50

23 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
06:50
08:09
09:28
10:48
12:07
13:26
14:46
16:05

रात का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
17:24
19:05
20:46
22:27
00:07
01:48
03:29
05:10

दिन का गौरी

8·1 घं 19 मि
06:50
08:09
09:28
10:48
12:07
13:26
14:46
16:05

रात का गौरी

8·1 घं 41 मि
17:24
19:05
20:46
22:27
00:07
01:48
03:29
05:10
05:02–05:56
11:46–12:28
12:21–14:07
16:05–17:24
12:07–13:26
14:46–16:05
17:41–19:27

दिन के होरा

12·53 मि
06:50
07:42
08:35
09:28
10:21
11:14
12:07
13:00
13:53
14:46
15:39
16:31

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:24
18:31
19:39
20:46
21:53
23:00
00:07
01:15
02:22
03:29
04:36
05:43

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

23 नवंबर 2025 की तिथि क्या है?
23 नवंबर 2025 को शुक्ल तृतीया तिथि 19:25 तक है, फिर शुक्ल चतुर्थी आरंभ होती है।
23 नवंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
23 नवंबर 2025 को नक्षत्र मूल और योग धृति है।
23 नवंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है।
23 नवंबर 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:05 से 17:24 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।