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मंगलवार, 24 नवंबर 2026

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा तिथि रात तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। पूर्णिमा पूर्ण चंद्र की तिथि है, भक्ति और काम पूरे करने का दिन। चन्द्रमा कृत्तिका नक्षत्र में रात तक है, फिर रोहिणी में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:46 से 12:28 तक शुभ है; राहु काल 14:46 से 16:05 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 23:42 से 20:23 तक

    • फिर

      कृष्ण प्रतिपदा

      20:23 – अगले दिन 16:50

    पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि। भक्ति, व्रत और आरंभ किए काम पूरे करने का दिन।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • कृत्तिका

      02:02 से 23:25 तक

    • फिर

      रोहिणी

      23:25 – अगले दिन 20:36

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • परिघ

      पिछले दिन 19:58 से 16:05 तक

    • फिर

      शिव

      16:05 – अगले दिन 11:59

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      पिछले दिन 23:42 से 10:05 तक

    • फिर

      बव

      10:05 – 20:23

    • फिर

      बालव

      20:23 – अगले दिन 06:38

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · मंगल

00061218रोग · 06:50 – 08:09उद्वेग · 08:09 – 09:29चल · 09:29 – 10:48लाभ · 10:48 – 12:07अमृत · 12:07 – 13:26काल · 13:26 – 14:46शुभ · 14:46 – 16:05रोग · 16:05 – 17:24काल · 17:24 – 19:05लाभ · 19:05 – 20:46उद्वेग · 20:46 – 22:27शुभ · 22:27 – 00:08अमृत · 00:08 – 01:48चल · 01:48 – 03:29रोग · 03:29 – 05:10काल · 05:10 – 06:51रोग · 06:50 – 08:09लाभ · 08:09 – 09:29धन · 09:29 – 10:48सुख · 10:48 – 12:07चोर · 12:07 – 13:26उद्योग · 13:26 – 14:46विष · 14:46 – 16:05अमृत · 16:05 – 17:24चोर · 17:24 – 19:05उद्योग · 19:05 – 20:46विष · 20:46 – 22:27अमृत · 22:27 – 00:08रोग · 00:08 – 01:48लाभ · 01:48 – 03:29धन · 03:29 – 05:10सुख · 05:10 – 06:51ब्रह्म मुहूर्त · 05:03 – 05:56अभिजित मुहूर्त · 11:46 – 12:28अमृत काल · 21:16 – 22:42राहु काल · 14:46 – 16:05यमगण्ड काल · 09:29 – 10:48गुलिक काल · 12:07 – 13:26वर्ज्यम् · 12:43 – 14:09मंगल · 06:50 – 07:43सूर्य · 07:43 – 08:36शुक्र · 08:36 – 09:29बुध · 09:29 – 10:22चंद्र · 10:22 – 11:14शनि · 11:14 – 12:07गुरु · 12:07 – 13:00मंगल · 13:00 – 13:53सूर्य · 13:53 – 14:46शुक्र · 14:46 – 15:38बुध · 15:38 – 16:31चंद्र · 16:31 – 17:24शनि · 17:24 – 18:31गुरु · 18:31 – 19:39मंगल · 19:39 – 20:46सूर्य · 20:46 – 21:53शुक्र · 21:53 – 23:00बुध · 23:00 – 00:08चंद्र · 00:08 – 01:15शनि · 01:15 – 02:22गुरु · 02:22 – 03:29मंगल · 03:29 – 04:37सूर्य · 04:37 – 05:44शुक्र · 05:44 – 06:51

24 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
06:50
08:09
09:29
10:48
12:07
13:26
14:46
16:05

रात का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
17:24
19:05
20:46
22:27
00:08
01:48
03:29
05:10

दिन का गौरी

8·1 घं 19 मि
06:50
08:09
09:29
10:48
12:07
13:26
14:46
16:05

रात का गौरी

8·1 घं 41 मि
17:24
19:05
20:46
22:27
00:08
01:48
03:29
05:10
05:03–05:56
11:46–12:28
21:16–22:42
14:46–16:05
09:29–10:48
12:07–13:26
12:43–14:09

दिन के होरा

12·53 मि
06:50
07:43
08:36
09:29
10:22
11:14
12:07
13:00
13:53
14:46
15:38
16:31

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:24
18:31
19:39
20:46
21:53
23:00
00:08
01:15
02:22
03:29
04:37
05:44

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

24 नवंबर 2026 की तिथि क्या है?
24 नवंबर 2026 को पूर्णिमा तिथि 20:23 तक है, फिर कृष्ण प्रतिपदा आरंभ होती है।
24 नवंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
24 नवंबर 2026 को नक्षत्र कृत्तिका और योग परिघ है।
24 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है।
24 नवंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 14:46 से 16:05 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।