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शुक्रवार, 26 नवंबर 2027

दैनिक पंचांग

  • मासिक शिवरात्रि
कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत है। त्रयोदशी तिथि सुबह तक है, फिर चतुर्दशी आरंभ होती है। त्रयोदशी उत्साह की तिथि है, उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा स्वाति नक्षत्र में शाम तक है, फिर विशाखा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:47 से 12:29 तक शुभ है; राहु काल 10:49 से 12:08 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

इस दिन के पर्व

शुक्रवार, 26 नवंबर

मासिक शिवरात्रि

व्रत

निशीथ काल23:41 – 00:35, 27 नवंबर

पूजा निशीथ काल — मध्यरात्रि — में, चतुर्दशी रहते की जाती है।

हर कृष्ण चतुर्दशी को, जब तिथि मध्यरात्रि में हो, मनाई जाने वाली मासिक शिवरात्रि। भक्त दिन भर उपवास रखते हैं और निशीथ काल में शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करते हैं; माघ (उत्तर भारत में फाल्गुन) की शिवरात्रि ही महाशिवरात्रि है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण त्रयोदशी

      पिछले दिन 10:51 से 09:48 तक

    • फिर

      कृष्ण चतुर्दशी

      09:48 – अगले दिन 09:07

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • स्वाति

      पिछले दिन 18:17 से 17:59 तक

    • फिर

      विशाखा

      17:59 – अगले दिन 18:05

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • सौभाग्य

      पिछले दिन 09:23 से 07:19 तक

    • फिर

      शोभन

      07:19 – अगले दिन 05:32

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 22:17 से 09:48 तक

    • फिर

      विष्टि

      09:48 – 21:24

    • फिर

      शकुनि

      21:24 – अगले दिन 09:07

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण त्रयोदशी · शुक्र

00061218चल · 06:52 – 08:11लाभ · 08:11 – 09:30अमृत · 09:30 – 10:49काल · 10:49 – 12:08शुभ · 12:08 – 13:27रोग · 13:27 – 14:46उद्वेग · 14:46 – 16:05चल · 16:05 – 17:24रोग · 17:24 – 19:05काल · 19:05 – 20:46लाभ · 20:46 – 22:27उद्वेग · 22:27 – 00:08शुभ · 00:08 – 01:49अमृत · 01:49 – 03:30चल · 03:30 – 05:11रोग · 05:11 – 06:52सुख · 06:52 – 08:11चोर · 08:11 – 09:30उद्योग · 09:30 – 10:49विष · 10:49 – 12:08अमृत · 12:08 – 13:27रोग · 13:27 – 14:46लाभ · 14:46 – 16:05धन · 16:05 – 17:24रोग · 17:24 – 19:05लाभ · 19:05 – 20:46धन · 20:46 – 22:27सुख · 22:27 – 00:08चोर · 00:08 – 01:49उद्योग · 01:49 – 03:30विष · 03:30 – 05:11अमृत · 05:11 – 06:52ब्रह्म मुहूर्त · 05:04 – 05:58अभिजित मुहूर्त · 11:47 – 12:29अमृत काल · 09:18 – 10:52राहु काल · 10:49 – 12:08यमगण्ड काल · 14:46 – 16:05गुलिक काल · 08:11 – 09:30वर्ज्यम् · 23:37 – 01:13शुक्र · 06:52 – 07:44बुध · 07:44 – 08:37चंद्र · 08:37 – 09:30शनि · 09:30 – 10:22गुरु · 10:22 – 11:15मंगल · 11:15 – 12:08सूर्य · 12:08 – 13:00शुक्र · 13:00 – 13:53बुध · 13:53 – 14:46चंद्र · 14:46 – 15:38शनि · 15:38 – 16:31गुरु · 16:31 – 17:24मंगल · 17:24 – 18:31सूर्य · 18:31 – 19:39शुक्र · 19:39 – 20:46बुध · 20:46 – 21:53चंद्र · 21:53 – 23:01शनि · 23:01 – 00:08गुरु · 00:08 – 01:15मंगल · 01:15 – 02:23सूर्य · 02:23 – 03:30शुक्र · 03:30 – 04:38बुध · 04:38 – 05:45चंद्र · 05:45 – 06:52

26 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
06:52
08:11
09:30
10:49
12:08
13:27
14:46
16:05

रात का चौघड़िया

8·1 घं 41 मि
17:24
19:05
20:46
22:27
00:08
01:49
03:30
05:11

दिन का गौरी

8·1 घं 19 मि
06:52
08:11
09:30
10:49
12:08
13:27
14:46
16:05

रात का गौरी

8·1 घं 41 मि
17:24
19:05
20:46
22:27
00:08
01:49
03:30
05:11
05:04–05:58
11:47–12:29
09:18–10:52
10:49–12:08
14:46–16:05
08:11–09:30
23:37–01:13

दिन के होरा

12·53 मि
06:52
07:44
08:37
09:30
10:22
11:15
12:08
13:00
13:53
14:46
15:38
16:31

रात के होरा

12·1 घं 7 मि
17:24
18:31
19:39
20:46
21:53
23:01
00:08
01:15
02:23
03:30
04:38
05:45

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

26 नवंबर 2027 की तिथि क्या है?
26 नवंबर 2027 को कृष्ण त्रयोदशी तिथि 09:48 तक है, फिर कृष्ण चतुर्दशी आरंभ होती है।
26 नवंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
26 नवंबर 2027 को नक्षत्र स्वाति और योग सौभाग्य है।
26 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:52 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है।
26 नवंबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:49 से 12:08 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।