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शनिवार, 30 नवंबर 2024

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शनिवार, कृष्ण पक्ष। चतुर्दशी तिथि सुबह तक है, फिर अमावस्या आरंभ होती है। चतुर्दशी तीव्र तिथि है। बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। चन्द्रमा विशाखा नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर अनुराधा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:48 से 12:30 तक शुभ है; राहु काल 09:32 से 10:51 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों वृश्चिक राशि में हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्दशी

      पिछले दिन 08:40 से 10:30 तक

    • फिर

      अमावस्या

      10:30 – अगले दिन 11:51

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • विशाखा

      पिछले दिन 10:17 से 12:34 तक

    • फिर

      अनुराधा

      12:34 – अगले दिन 14:23

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • अतिगण्ड

      पिछले दिन 16:33 से 16:44 तक

    • फिर

      सुकर्मा

      16:44 – अगले दिन 16:33

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • शकुनि

      पिछले दिन 21:38 से 10:30 तक

    • फिर

      चतुष्पाद

      10:30 – 23:14

    • फिर

      नाग

      23:14 – अगले दिन 11:51

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्दशी · शनि

00061218काल · 06:55 – 08:14शुभ · 08:14 – 09:32रोग · 09:32 – 10:51उद्वेग · 10:51 – 12:09चल · 12:09 – 13:28लाभ · 13:28 – 14:46अमृत · 14:46 – 16:05काल · 16:05 – 17:23लाभ · 17:23 – 19:05उद्वेग · 19:05 – 20:47शुभ · 20:47 – 22:28अमृत · 22:28 – 00:10चल · 00:10 – 01:51रोग · 01:51 – 03:33काल · 03:33 – 05:14लाभ · 05:14 – 06:56चोर · 06:55 – 08:14उद्योग · 08:14 – 09:32विष · 09:32 – 10:51अमृत · 10:51 – 12:09रोग · 12:09 – 13:28लाभ · 13:28 – 14:46धन · 14:46 – 16:05सुख · 16:05 – 17:23लाभ · 17:23 – 19:05धन · 19:05 – 20:47सुख · 20:47 – 22:28चोर · 22:28 – 00:10उद्योग · 00:10 – 01:51विष · 01:51 – 03:33अमृत · 03:33 – 05:14रोग · 05:14 – 06:56ब्रह्म मुहूर्त · 05:07 – 06:01अभिजित मुहूर्त · 11:48 – 12:30अमृत काल · 03:12 – 04:55राहु काल · 09:32 – 10:51यमगण्ड काल · 13:28 – 14:46गुलिक काल · 06:55 – 08:14वर्ज्यम् · 16:52 – 18:36शनि · 06:55 – 07:48गुरु · 07:48 – 08:40मंगल · 08:40 – 09:32सूर्य · 09:32 – 10:25शुक्र · 10:25 – 11:17बुध · 11:17 – 12:09चंद्र · 12:09 – 13:02शनि · 13:02 – 13:54गुरु · 13:54 – 14:46मंगल · 14:46 – 15:39सूर्य · 15:39 – 16:31शुक्र · 16:31 – 17:23बुध · 17:23 – 18:31चंद्र · 18:31 – 19:39शनि · 19:39 – 20:47गुरु · 20:47 – 21:54मंगल · 21:54 – 23:02सूर्य · 23:02 – 00:10शुक्र · 00:10 – 01:17बुध · 01:17 – 02:25चंद्र · 02:25 – 03:33शनि · 03:33 – 04:41गुरु · 04:41 – 05:48मंगल · 05:48 – 06:56

30 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 19 मि
06:55
08:14
09:32
10:51
12:09
13:28
14:46
16:05

रात का चौघड़िया

8·1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:28
00:10
01:51
03:33
05:14

दिन का गौरी

8·1 घं 19 मि
06:55
08:14
09:32
10:51
12:09
13:28
14:46
16:05

रात का गौरी

8·1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:28
00:10
01:51
03:33
05:14
05:07–06:01
11:48–12:30
03:12–04:55
09:32–10:51
13:28–14:46
06:55–08:14
16:52–18:36

दिन के होरा

12·52 मि
06:55
07:48
08:40
09:32
10:25
11:17
12:09
13:02
13:54
14:46
15:39
16:31

रात के होरा

12·1 घं 8 मि
17:23
18:31
19:39
20:47
21:54
23:02
00:10
01:17
02:25
03:33
04:41
05:48

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

30 नवंबर 2024 की तिथि क्या है?
30 नवंबर 2024 को कृष्ण चतुर्दशी तिथि 10:30 तक है, फिर अमावस्या आरंभ होती है।
30 नवंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
30 नवंबर 2024 को नक्षत्र विशाखा और योग अतिगण्ड है।
30 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है।
30 नवंबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:32 से 10:51 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।