सोमवार, 4 नवंबर 2024
दैनिक पंचांग
सोमवार, शुक्ल पक्ष। तृतीया तिथि रात तक है, फिर चतुर्थी आरंभ होती है। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर ज्येष्ठा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:42 से 12:26 तक शुभ है; राहु काल 07:57 से 09:20 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक कार्तिक
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल तृतीया
पिछले दिन 22:05 से 23:24 तक
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फिर
शुक्ल चतुर्थी
23:24 – अगले दिन 00:17
तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।
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सोमवार
सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तकार्तिकपूर्णिमान्तकार्तिक
नक्षत्र · योग · करण
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अनुराधा
पिछले दिन 05:58 से 08:03 तक
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फिर
ज्येष्ठा
08:03 – अगले दिन 09:45
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
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शोभन
पिछले दिन 11:39 से 11:43 तक
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फिर
अतिगण्ड
11:43 – अगले दिन 11:27
शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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तैतिल
पिछले दिन 22:05 से 10:48 तक
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फिर
गर
10:48 – 23:24
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फिर
वणिज
23:24 – अगले दिन 11:54
चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल तृतीया · सोम
4 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 22 मि| 06:3507:57 | ||
| 07:5709:20 | ||
| 09:2010:42 | ||
| 10:4212:04 | ||
| 12:0413:26 | ||
| 13:2614:49 | ||
| 14:4916:11 | ||
| 16:1117:33 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 38 मि| 17:3319:11 | ||
| 19:1120:49 | ||
| 20:4922:27 | ||
| 22:2700:04 | ||
| 00:0401:42 | ||
| 01:4203:20 | ||
| 03:2004:58 | ||
| 04:5806:36 |
दिन का गौरी
8·1 घं 22 मि| 06:3507:57 | ||
| 07:5709:20 | ||
| 09:2010:42 | ||
| 10:4212:04 | ||
| 12:0413:26 | ||
| 13:2614:49 | ||
| 14:4916:11 | ||
| 16:1117:33 |
रात का गौरी
8·1 घं 38 मि| 17:3319:11 | ||
| 19:1120:49 | ||
| 20:4922:27 | ||
| 22:2700:04 | ||
| 00:0401:42 | ||
| 01:4203:20 | ||
| 03:2004:58 | ||
| 04:5806:36 |
| 04:51–05:43 | ||
| 11:42–12:26 | ||
| 00:20–02:02 | ||
| 07:57–09:20 | ||
| 10:42–12:04 | ||
| 13:26–14:49 | ||
| 14:03–15:46 |
दिन के होरा
12·55 मि| 06:3507:30 | ||
| 07:3008:25 | ||
| 08:2509:20 | ||
| 09:2010:14 | ||
| 10:1411:09 | ||
| 11:0912:04 | ||
| 12:0412:59 | ||
| 12:5913:54 | ||
| 13:5414:49 | ||
| 14:4915:43 | ||
| 15:4316:38 | ||
| 16:3817:33 |
रात के होरा
12·1 घं 5 मि| 17:3318:38 | ||
| 18:3819:44 | ||
| 19:4420:49 | ||
| 20:4921:54 | ||
| 21:5422:59 | ||
| 22:5900:04 | ||
| 00:0401:10 | ||
| 01:1002:15 | ||
| 02:1503:20 | ||
| 03:2004:25 | ||
| 04:2505:31 | ||
| 05:3106:36 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 4 नवंबर 2024 की तिथि क्या है?
- 4 नवंबर 2024 को शुक्ल तृतीया तिथि 23:24 तक है, फिर शुक्ल चतुर्थी आरंभ होती है।
- 4 नवंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 4 नवंबर 2024 को नक्षत्र अनुराधा और योग शोभन है।
- 4 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 17:33 पर है।
- 4 नवंबर 2024 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 07:57 से 09:20 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



