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गुरुवार, 5 नवंबर 2026

दैनिक पंचांग

  • गोवत्स द्वादशी
कृष्ण पक्ष

गुरुवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन गोवत्स द्वादशी है। रमा एकादशी तिथि सुबह तक है, फिर द्वादशी आरंभ होती है। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर हस्त में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:42 से 12:26 तक शुभ है; राहु काल 13:26 से 14:48 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

इस दिन के पर्व

गुरुवार, 5 नवंबर

गोवत्स द्वादशी

प्रदोष काल17:33 – 20:09

गौ और बछड़े का पूजन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में।

महाराष्ट्रगुजरातअन्य नाम: वसु बारस

धनतेरस से एक दिन पहले, आश्विन कृष्ण द्वादशी के प्रदोष काल में गाय और बछड़े को स्नान कराकर, सजाकर समस्त धन की दात्री के रूप में पूजा जाता है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • रमा एकादशी

      पिछले दिन 11:03 से 10:36 तक

    • फिर

      कृष्ण द्वादशी

      10:36 – अगले दिन 10:31

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर फाल्गुनी · पाद 1

      03:30 से अगले दिन 03:56 तक

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • वैधृति

      06:26 से अगले दिन 05:09 तक

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बालव

      पिछले दिन 22:46 से 10:36 तक

    • फिर

      कौलव

      10:36 – 22:30

    • फिर

      तैतिल

      22:30 – अगले दिन 10:31

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · गुरु

00061218शुभ · 06:35 – 07:58रोग · 07:58 – 09:20उद्वेग · 09:20 – 10:42चल · 10:42 – 12:04लाभ · 12:04 – 13:26अमृत · 13:26 – 14:48काल · 14:48 – 16:11शुभ · 16:11 – 17:33अमृत · 17:33 – 19:11चल · 19:11 – 20:49रोग · 20:49 – 22:27काल · 22:27 – 00:04लाभ · 00:04 – 01:42उद्वेग · 01:42 – 03:20शुभ · 03:20 – 04:58अमृत · 04:58 – 06:36धन · 06:35 – 07:58सुख · 07:58 – 09:20चोर · 09:20 – 10:42उद्योग · 10:42 – 12:04अमृत · 12:04 – 13:26विष · 13:26 – 14:48रोग · 14:48 – 16:11लाभ · 16:11 – 17:33अमृत · 17:33 – 19:11विष · 19:11 – 20:49रोग · 20:49 – 22:27लाभ · 22:27 – 00:04धन · 00:04 – 01:42सुख · 01:42 – 03:20चोर · 03:20 – 04:58उद्योग · 04:58 – 06:36ब्रह्म मुहूर्त · 04:51 – 05:43अभिजित मुहूर्त · 11:42 – 12:26अमृत काल · 20:36 – 22:14राहु काल · 13:26 – 14:48यमगण्ड काल · 06:35 – 07:58गुलिक काल · 09:20 – 10:42वर्ज्यम् · 10:50 – 12:27गुरु · 06:35 – 07:30मंगल · 07:30 – 08:25सूर्य · 08:25 – 09:20शुक्र · 09:20 – 10:15बुध · 10:15 – 11:09चंद्र · 11:09 – 12:04शनि · 12:04 – 12:59गुरु · 12:59 – 13:54मंगल · 13:54 – 14:48सूर्य · 14:48 – 15:43शुक्र · 15:43 – 16:38बुध · 16:38 – 17:33चंद्र · 17:33 – 18:38शनि · 18:38 – 19:43गुरु · 19:43 – 20:49मंगल · 20:49 – 21:54सूर्य · 21:54 – 22:59शुक्र · 22:59 – 00:04बुध · 00:04 – 01:10चंद्र · 01:10 – 02:15शनि · 02:15 – 03:20गुरु · 03:20 – 04:26मंगल · 04:26 – 05:31सूर्य · 05:31 – 06:36

5 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 22 मि
06:35
07:58
09:20
10:42
12:04
13:26
14:48
16:11

रात का चौघड़िया

8·1 घं 38 मि
17:33
19:11
20:49
22:27
00:04
01:42
03:20
04:58

दिन का गौरी

8·1 घं 22 मि
06:35
07:58
09:20
10:42
12:04
13:26
14:48
16:11

रात का गौरी

8·1 घं 38 मि
17:33
19:11
20:49
22:27
00:04
01:42
03:20
04:58
04:51–05:43
11:42–12:26
20:36–22:14
13:26–14:48
06:35–07:58
09:20–10:42
10:50–12:27

दिन के होरा

12·55 मि
06:35
07:30
08:25
09:20
10:15
11:09
12:04
12:59
13:54
14:48
15:43
16:38

रात के होरा

12·1 घं 5 मि
17:33
18:38
19:43
20:49
21:54
22:59
00:04
01:10
02:15
03:20
04:26
05:31

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 नवंबर 2026 की तिथि क्या है?
5 नवंबर 2026 को रमा एकादशी तिथि 10:36 तक है, फिर कृष्ण द्वादशी आरंभ होती है।
5 नवंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
5 नवंबर 2026 को नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग वैधृति है।
5 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 17:33 पर है।
5 नवंबर 2026 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:26 से 14:48 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।