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बुधवार, 6 नवंबर 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

बुधवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन लाभ पंचम है। पंचमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर षष्ठी आरंभ होती है। चन्द्रमा मूल नक्षत्र में सुबह तक है, फिर पूर्व आषाढ़ा में। राहु काल 12:04 से 13:26 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

इस दिन के पर्व

बुधवार, 6 नवंबर

लाभ पंचम

लाभ पंचमी

जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि हो, उसी दिन पर्व — पूरे दिन मनाया जाता है।

गुजरात

दीपावली के बाद का पाँचवाँ दिन, गुजराती व्यापार परंपरा में 'लाभ' का दिन — दुकानें पुनः खुलती हैं, नए बही-खातों का शुभारंभ होता है और व्यापार नववर्ष की पहली प्रविष्टियाँ करते हैं।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      00:17 से अगले दिन 00:41 तक

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • बुधवार

    बुधवार (स्वामी बुध) — संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • मूल

      पिछले दिन 09:45 से 11:00 तक

    • फिर

      पूर्व आषाढ़ा

      11:00 – अगले दिन 11:46

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • सुकर्मा

      पिछले दिन 11:27 से 10:50 तक

    • फिर

      धृति

      10:50 – अगले दिन 09:51

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      00:17 से 12:33 तक

    • फिर

      बालव

      12:33 – अगले दिन 00:41

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · बुध

00061218लाभ · 06:36 – 07:58अमृत · 07:58 – 09:20काल · 09:20 – 10:42शुभ · 10:42 – 12:04रोग · 12:04 – 13:26उद्वेग · 13:26 – 14:48चल · 14:48 – 16:10लाभ · 16:10 – 17:32उद्वेग · 17:32 – 19:10शुभ · 19:10 – 20:48अमृत · 20:48 – 22:26चल · 22:26 – 00:05रोग · 00:05 – 01:43काल · 01:43 – 03:21लाभ · 03:21 – 04:59उद्वेग · 04:59 – 06:37लाभ · 06:36 – 07:58धन · 07:58 – 09:20सुख · 09:20 – 10:42चोर · 10:42 – 12:04विष · 12:04 – 13:26उद्योग · 13:26 – 14:48अमृत · 14:48 – 16:10रोग · 16:10 – 17:32उद्योग · 17:32 – 19:10अमृत · 19:10 – 20:48रोग · 20:48 – 22:26लाभ · 22:26 – 00:05धन · 00:05 – 01:43सुख · 01:43 – 03:21चोर · 03:21 – 04:59विष · 04:59 – 06:37ब्रह्म मुहूर्त · 04:52 – 05:44राहु काल · 12:04 – 13:26यमगण्ड काल · 07:58 – 09:20गुलिक काल · 10:42 – 12:04वर्ज्यम् · 09:19 – 11:00बुध · 06:36 – 07:31चंद्र · 07:31 – 08:26शनि · 08:26 – 09:20गुरु · 09:20 – 10:15मंगल · 10:15 – 11:10सूर्य · 11:10 – 12:04शुक्र · 12:04 – 12:59बुध · 12:59 – 13:53चंद्र · 13:53 – 14:48शनि · 14:48 – 15:43गुरु · 15:43 – 16:37मंगल · 16:37 – 17:32सूर्य · 17:32 – 18:37शुक्र · 18:37 – 19:43बुध · 19:43 – 20:48चंद्र · 20:48 – 21:54शनि · 21:54 – 22:59गुरु · 22:59 – 00:05मंगल · 00:05 – 01:10सूर्य · 01:10 – 02:15शुक्र · 02:15 – 03:21बुध · 03:21 – 04:26चंद्र · 04:26 – 05:32शनि · 05:32 – 06:37

6 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 22 मि
06:36
07:58
09:20
10:42
12:04
13:26
14:48
16:10

रात का चौघड़िया

8·1 घं 38 मि
17:32
19:10
20:48
22:26
00:05
01:43
03:21
04:59

दिन का गौरी

8·1 घं 22 मि
06:36
07:58
09:20
10:42
12:04
13:26
14:48
16:10

रात का गौरी

8·1 घं 38 मि
17:32
19:10
20:48
22:26
00:05
01:43
03:21
04:59
04:52–05:44
12:04–13:26
07:58–09:20
10:42–12:04
09:19–11:00

दिन के होरा

12·55 मि
06:36
07:31
08:26
09:20
10:15
11:10
12:04
12:59
13:53
14:48
15:43
16:37

रात के होरा

12·1 घं 5 मि
17:32
18:37
19:43
20:48
21:54
22:59
00:05
01:10
02:15
03:21
04:26
05:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 नवंबर 2024 की तिथि क्या है?
6 नवंबर 2024 को शुक्ल पंचमी तिथि 7 नवंबर 00:41 तक है, फिर शुक्ल षष्ठी आरंभ होती है।
6 नवंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
6 नवंबर 2024 को नक्षत्र मूल और योग सुकर्मा है।
6 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है।
6 नवंबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 12:04 से 13:26 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।