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मंगलवार, 12 अक्टूबर 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। द्वादशी तिथि शाम तक है, फिर त्रयोदशी आरंभ होती है। द्वादशी पर एकादशी का व्रत खोला जाता है। यह शांत और विश्राम की तिथि है। चन्द्रमा शतभिषा नक्षत्र में शाम तक है, फिर पूर्व भाद्रपदा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:44 से 12:30 तक शुभ है; राहु काल 15:01 से 16:28 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वादशी

      पिछले दिन 14:08 से 16:14 तक

    • फिर

      शुक्ल त्रयोदशी

      16:14 – अगले दिन 17:48

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • शतभिषा

      पिछले दिन 16:21 से 18:55 तक

    • फिर

      पूर्व भाद्रपदा

      18:55 – अगले दिन 20:59

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • गण्ड

      पिछले दिन 15:45 से 16:20 तक

    • फिर

      वृद्धि

      16:20 – अगले दिन 16:31

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • बालव

      03:14 से 16:14 तक

    • फिर

      कौलव

      16:14 – अगले दिन 05:05

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वादशी · मंगल

00061218रोग · 06:19 – 07:46उद्वेग · 07:46 – 09:13चल · 09:13 – 10:40लाभ · 10:40 – 12:07अमृत · 12:07 – 13:34काल · 13:34 – 15:01शुभ · 15:01 – 16:28रोग · 16:28 – 17:55काल · 17:55 – 19:28लाभ · 19:28 – 21:01उद्वेग · 21:01 – 22:34शुभ · 22:34 – 00:07अमृत · 00:07 – 01:41चल · 01:41 – 03:14रोग · 03:14 – 04:47काल · 04:47 – 06:20रोग · 06:19 – 07:46लाभ · 07:46 – 09:13धन · 09:13 – 10:40सुख · 10:40 – 12:07चोर · 12:07 – 13:34उद्योग · 13:34 – 15:01विष · 15:01 – 16:28अमृत · 16:28 – 17:55चोर · 17:55 – 19:28उद्योग · 19:28 – 21:01विष · 21:01 – 22:34अमृत · 22:34 – 00:07रोग · 00:07 – 01:41लाभ · 01:41 – 03:14धन · 03:14 – 04:47सुख · 04:47 – 06:20ब्रह्म मुहूर्त · 04:40 – 05:30अभिजित मुहूर्त · 11:44 – 12:30अमृत काल · 10:57 – 12:43राहु काल · 15:01 – 16:28यमगण्ड काल · 09:13 – 10:40गुलिक काल · 12:07 – 13:34वर्ज्यम् · 01:52 – 03:36मंगल · 06:19 – 07:17सूर्य · 07:17 – 08:15शुक्र · 08:15 – 09:13बुध · 09:13 – 10:11चंद्र · 10:11 – 11:09शनि · 11:09 – 12:07गुरु · 12:07 – 13:05मंगल · 13:05 – 14:03सूर्य · 14:03 – 15:01शुक्र · 15:01 – 15:59बुध · 15:59 – 16:57चंद्र · 16:57 – 17:55शनि · 17:55 – 18:57गुरु · 18:57 – 19:59मंगल · 19:59 – 21:01सूर्य · 21:01 – 22:03शुक्र · 22:03 – 23:05बुध · 23:05 – 00:07चंद्र · 00:07 – 01:09शनि · 01:09 – 02:12गुरु · 02:12 – 03:14मंगल · 03:14 – 04:16सूर्य · 04:16 – 05:18शुक्र · 05:18 – 06:20

12 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 27 मि
06:19
07:46
09:13
10:40
12:07
13:34
15:01
16:28

रात का चौघड़िया

8·1 घं 33 मि
17:55
19:28
21:01
22:34
00:07
01:41
03:14
04:47

दिन का गौरी

8·1 घं 27 मि
06:19
07:46
09:13
10:40
12:07
13:34
15:01
16:28

रात का गौरी

8·1 घं 33 मि
17:55
19:28
21:01
22:34
00:07
01:41
03:14
04:47
04:40–05:30
11:44–12:30
10:57–12:43
15:01–16:28
09:13–10:40
12:07–13:34
01:52–03:36

दिन के होरा

12·58 मि
06:19
07:17
08:15
09:13
10:11
11:09
12:07
13:05
14:03
15:01
15:59
16:57

रात के होरा

12·1 घं 2 मि
17:55
18:57
19:59
21:01
22:03
23:05
00:07
01:09
02:12
03:14
04:16
05:18

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12 अक्टूबर 2027 की तिथि क्या है?
12 अक्टूबर 2027 को शुक्ल द्वादशी तिथि 16:14 तक है, फिर शुक्ल त्रयोदशी आरंभ होती है।
12 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
12 अक्टूबर 2027 को नक्षत्र शतभिषा और योग गण्ड है।
12 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है।
12 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:01 से 16:28 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।