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गुरुवार, 17 अक्टूबर 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा तिथि शाम तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। पूर्णिमा पूर्ण चंद्र की तिथि है, भक्ति और काम पूरे करने का दिन। चन्द्रमा रेवती नक्षत्र में शाम तक है, फिर अश्विनी में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:43 से 12:29 तक शुभ है; राहु काल 13:31 से 14:57 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 20:40 से 16:56 तक

    • फिर

      कृष्ण प्रतिपदा

      16:56 – अगले दिन 13:15

    पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि। भक्ति, व्रत और आरंभ किए काम पूरे करने का दिन।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • रेवती

      पिछले दिन 19:17 से 16:20 तक

    • फिर

      अश्विनी

      16:20 – अगले दिन 13:26

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • हर्षण

      05:56 से अगले दिन 01:41 तक

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 20:40 से 06:48 तक

    • फिर

      बव

      06:48 – 16:56

    • फिर

      बालव

      16:56 – अगले दिन 03:04

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · गुरु

00061218शुभ · 06:23 – 07:49रोग · 07:49 – 09:14उद्वेग · 09:14 – 10:40चल · 10:40 – 12:06लाभ · 12:06 – 13:31अमृत · 13:31 – 14:57काल · 14:57 – 16:23शुभ · 16:23 – 17:49अमृत · 17:49 – 19:23चल · 19:23 – 20:57रोग · 20:57 – 22:32काल · 22:32 – 00:06लाभ · 00:06 – 01:40उद्वेग · 01:40 – 03:15शुभ · 03:15 – 04:49अमृत · 04:49 – 06:23धन · 06:23 – 07:49सुख · 07:49 – 09:14चोर · 09:14 – 10:40उद्योग · 10:40 – 12:06अमृत · 12:06 – 13:31विष · 13:31 – 14:57रोग · 14:57 – 16:23लाभ · 16:23 – 17:49अमृत · 17:49 – 19:23विष · 19:23 – 20:57रोग · 20:57 – 22:32लाभ · 22:32 – 00:06धन · 00:06 – 01:40सुख · 01:40 – 03:15चोर · 03:15 – 04:49उद्योग · 04:49 – 06:23ब्रह्म मुहूर्त · 04:42 – 05:33अभिजित मुहूर्त · 11:43 – 12:29अमृत काल · 14:14 – 15:38राहु काल · 13:31 – 14:57यमगण्ड काल · 06:23 – 07:49गुलिक काल · 09:14 – 10:40वर्ज्यम् · 05:49 – 07:13गुरु · 06:23 – 07:20मंगल · 07:20 – 08:17सूर्य · 08:17 – 09:14शुक्र · 09:14 – 10:11बुध · 10:11 – 11:09चंद्र · 11:09 – 12:06शनि · 12:06 – 13:03गुरु · 13:03 – 14:00मंगल · 14:00 – 14:57सूर्य · 14:57 – 15:54शुक्र · 15:54 – 16:52बुध · 16:52 – 17:49चंद्र · 17:49 – 18:52शनि · 18:52 – 19:54गुरु · 19:54 – 20:57मंगल · 20:57 – 22:00सूर्य · 22:00 – 23:03शुक्र · 23:03 – 00:06बुध · 00:06 – 01:09चंद्र · 01:09 – 02:12शनि · 02:12 – 03:15गुरु · 03:15 – 04:18मंगल · 04:18 – 05:21सूर्य · 05:21 – 06:23

17 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 26 मि
06:23
07:49
09:14
10:40
12:06
13:31
14:57
16:23

रात का चौघड़िया

8·1 घं 34 मि
17:49
19:23
20:57
22:32
00:06
01:40
03:15
04:49

दिन का गौरी

8·1 घं 26 मि
06:23
07:49
09:14
10:40
12:06
13:31
14:57
16:23

रात का गौरी

8·1 घं 34 मि
17:49
19:23
20:57
22:32
00:06
01:40
03:15
04:49
04:42–05:33
11:43–12:29
14:14–15:38
13:31–14:57
06:23–07:49
09:14–10:40
05:49–07:13

दिन के होरा

12·57 मि
06:23
07:20
08:17
09:14
10:11
11:09
12:06
13:03
14:00
14:57
15:54
16:52

रात के होरा

12·1 घं 3 मि
17:49
18:52
19:54
20:57
22:00
23:03
00:06
01:09
02:12
03:15
04:18
05:21

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 अक्टूबर 2024 की तिथि क्या है?
17 अक्टूबर 2024 को पूर्णिमा तिथि 16:56 तक है, फिर कृष्ण प्रतिपदा आरंभ होती है।
17 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
17 अक्टूबर 2024 को नक्षत्र रेवती और योग हर्षण है।
17 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है।
17 अक्टूबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:31 से 14:57 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।