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सोमवार, 18 अक्टूबर 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

सोमवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन करवा चौथ है। तृतीया तिथि शाम तक है, फिर चतुर्थी आरंभ होती है। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा कृत्तिका नक्षत्र में रात तक है, फिर रोहिणी में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:43 से 12:29 तक शुभ है; राहु काल 07:49 से 09:14 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

इस दिन के पर्व

सोमवार, 18 अक्टूबर

करवा चौथ

करक चतुर्थी

चंद्रोदय19:30

चंद्रोदय पर चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है।

विवाहित स्त्रियाँ सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखकर पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। छलनी से चंद्र दर्शन के बाद व्रत पूर्ण होता है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण तृतीया

      पिछले दिन 18:43 से 17:51 तक

    • फिर

      कृष्ण चतुर्थी

      17:51 – अगले दिन 16:42

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • सोमवार

    सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • कृत्तिका

      00:03 से 23:48 तक

    • फिर

      रोहिणी

      23:48 – अगले दिन 23:15

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • सिद्धि

      पिछले दिन 13:02 से 11:17 तक

    • फिर

      व्यतीपात

      11:17 – अगले दिन 09:17

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      06:20 से 17:51 तक

    • फिर

      बव

      17:51 – अगले दिन 05:19

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण तृतीया · सोम

00061218अमृत · 06:23 – 07:49काल · 07:49 – 09:14शुभ · 09:14 – 10:40रोग · 10:40 – 12:06उद्वेग · 12:06 – 13:31चल · 13:31 – 14:57लाभ · 14:57 – 16:23अमृत · 16:23 – 17:48चल · 17:48 – 19:23रोग · 19:23 – 20:57काल · 20:57 – 22:32लाभ · 22:32 – 00:06उद्वेग · 00:06 – 01:40शुभ · 01:40 – 03:15अमृत · 03:15 – 04:49चल · 04:49 – 06:24अमृत · 06:23 – 07:49विष · 07:49 – 09:14रोग · 09:14 – 10:40लाभ · 10:40 – 12:06धन · 12:06 – 13:31सुख · 13:31 – 14:57चोर · 14:57 – 16:23उद्योग · 16:23 – 17:48सुख · 17:48 – 19:23चोर · 19:23 – 20:57उद्योग · 20:57 – 22:32अमृत · 22:32 – 00:06विष · 00:06 – 01:40रोग · 01:40 – 03:15लाभ · 03:15 – 04:49धन · 04:49 – 06:24ब्रह्म मुहूर्त · 04:42 – 05:33अभिजित मुहूर्त · 11:43 – 12:29अमृत काल · 21:25 – 23:00राहु काल · 07:49 – 09:14यमगण्ड काल · 10:40 – 12:06गुलिक काल · 13:31 – 14:57वर्ज्यम् · 11:56 – 13:30चंद्र · 06:23 – 07:20शनि · 07:20 – 08:17गुरु · 08:17 – 09:14मंगल · 09:14 – 10:11सूर्य · 10:11 – 11:09शुक्र · 11:09 – 12:06बुध · 12:06 – 13:03चंद्र · 13:03 – 14:00शनि · 14:00 – 14:57गुरु · 14:57 – 15:54मंगल · 15:54 – 16:51सूर्य · 16:51 – 17:48शुक्र · 17:48 – 18:51बुध · 18:51 – 19:54चंद्र · 19:54 – 20:57शनि · 20:57 – 22:00गुरु · 22:00 – 23:03मंगल · 23:03 – 00:06सूर्य · 00:06 – 01:09शुक्र · 01:09 – 02:12बुध · 02:12 – 03:15चंद्र · 03:15 – 04:18शनि · 04:18 – 05:21गुरु · 05:21 – 06:24

18 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 26 मि
06:23
07:49
09:14
10:40
12:06
13:31
14:57
16:23

रात का चौघड़िया

8·1 घं 34 मि
17:48
19:23
20:57
22:32
00:06
01:40
03:15
04:49

दिन का गौरी

8·1 घं 26 मि
06:23
07:49
09:14
10:40
12:06
13:31
14:57
16:23

रात का गौरी

8·1 घं 34 मि
17:48
19:23
20:57
22:32
00:06
01:40
03:15
04:49
04:42–05:33
11:43–12:29
21:25–23:00
07:49–09:14
10:40–12:06
13:31–14:57
11:56–13:30

दिन के होरा

12·57 मि
06:23
07:20
08:17
09:14
10:11
11:09
12:06
13:03
14:00
14:57
15:54
16:51

रात के होरा

12·1 घं 3 मि
17:48
18:51
19:54
20:57
22:00
23:03
00:06
01:09
02:12
03:15
04:18
05:21

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 अक्टूबर 2027 की तिथि क्या है?
18 अक्टूबर 2027 को कृष्ण तृतीया तिथि 17:51 तक है, फिर कृष्ण चतुर्थी आरंभ होती है।
18 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
18 अक्टूबर 2027 को नक्षत्र कृत्तिका और योग सिद्धि है।
18 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है।
18 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 07:49 से 09:14 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।