करवा चौथ
करक चतुर्थी
चंद्रोदय19:30
चंद्रोदय पर चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है।
विवाहित स्त्रियाँ सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखकर पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। छलनी से चंद्र दर्शन के बाद व्रत पूर्ण होता है।
दैनिक पंचांग
सोमवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन करवा चौथ है। तृतीया तिथि शाम तक है, फिर चतुर्थी आरंभ होती है। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा कृत्तिका नक्षत्र में रात तक है, फिर रोहिणी में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:43 से 12:29 तक शुभ है; राहु काल 07:49 से 09:14 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
करक चतुर्थी
चंद्रोदय19:30
चंद्रोदय पर चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है।
विवाहित स्त्रियाँ सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखकर पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। छलनी से चंद्र दर्शन के बाद व्रत पूर्ण होता है।
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
कृष्ण तृतीया
पिछले दिन 18:43 से 17:51 तक
कृष्ण चतुर्थी
17:51 – अगले दिन 16:42
तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।
सोमवार
सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
कृत्तिका
00:03 से 23:48 तक
रोहिणी
23:48 – अगले दिन 23:15
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
सिद्धि
पिछले दिन 13:02 से 11:17 तक
व्यतीपात
11:17 – अगले दिन 09:17
शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
06:20 से 17:51 तक
बव
17:51 – अगले दिन 05:19
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण तृतीया · सोम
18 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 26 मि| 06:2307:49 | ||
| 07:4909:14 | ||
| 09:1410:40 | ||
| 10:4012:06 | ||
| 12:0613:31 | ||
| 13:3114:57 | ||
| 14:5716:23 | ||
| 16:2317:48 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 34 मि| 17:4819:23 | ||
| 19:2320:57 | ||
| 20:5722:32 | ||
| 22:3200:06 | ||
| 00:0601:40 | ||
| 01:4003:15 | ||
| 03:1504:49 | ||
| 04:4906:24 |
दिन का गौरी
8·1 घं 26 मि| 06:2307:49 | ||
| 07:4909:14 | ||
| 09:1410:40 | ||
| 10:4012:06 | ||
| 12:0613:31 | ||
| 13:3114:57 | ||
| 14:5716:23 | ||
| 16:2317:48 |
रात का गौरी
8·1 घं 34 मि| 17:4819:23 | ||
| 19:2320:57 | ||
| 20:5722:32 | ||
| 22:3200:06 | ||
| 00:0601:40 | ||
| 01:4003:15 | ||
| 03:1504:49 | ||
| 04:4906:24 |
| 04:42–05:33 | ||
| 11:43–12:29 | ||
| 21:25–23:00 | ||
| 07:49–09:14 | ||
| 10:40–12:06 | ||
| 13:31–14:57 | ||
| 11:56–13:30 |
दिन के होरा
12·57 मि| 06:2307:20 | ||
| 07:2008:17 | ||
| 08:1709:14 | ||
| 09:1410:11 | ||
| 10:1111:09 | ||
| 11:0912:06 | ||
| 12:0613:03 | ||
| 13:0314:00 | ||
| 14:0014:57 | ||
| 14:5715:54 | ||
| 15:5416:51 | ||
| 16:5117:48 |
रात के होरा
12·1 घं 3 मि| 17:4818:51 | ||
| 18:5119:54 | ||
| 19:5420:57 | ||
| 20:5722:00 | ||
| 22:0023:03 | ||
| 23:0300:06 | ||
| 00:0601:09 | ||
| 01:0902:12 | ||
| 02:1203:15 | ||
| 03:1504:18 | ||
| 04:1805:21 | ||
| 05:2106:24 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
KundliGPT का उपयोग कैसे होता है, यह समझने और इसे बेहतर बनाने के लिए हम कुकीज़ का उपयोग करते हैं। गोपनीयता नीति ·