मंगलवार, 22 अक्टूबर 2024
दैनिक पंचांग
मंगलवार, कृष्ण पक्ष। षष्ठी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर सप्तमी आरंभ होती है। षष्ठी बल की तिथि है, कठिन काम पूरे करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा आर्द्रा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर पुनर्वसु में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:42 से 12:27 तक शुभ है; राहु काल 14:54 से 16:19 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण षष्ठी
02:29 से अगले दिन 01:29 तक
षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
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मंगलवार
मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तकार्तिक
नक्षत्र · योग · करण
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आर्द्रा · पाद 1
05:51 से अगले दिन 05:38 तक
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
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परिघ
पिछले दिन 11:11 से 08:45 तक
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फिर
शिव
08:45 – अगले दिन 06:59
अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।
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गर
02:29 से 13:53 तक
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फिर
वणिज
13:53 – अगले दिन 01:29
चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण षष्ठी · मंगल
22 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 25 मि| 06:2607:51 | ||
| 07:5109:15 | ||
| 09:1510:40 | ||
| 10:4012:05 | ||
| 12:0513:30 | ||
| 13:3014:54 | ||
| 14:5416:19 | ||
| 16:1917:44 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 35 मि| 17:4419:19 | ||
| 19:1920:55 | ||
| 20:5522:30 | ||
| 22:3000:05 | ||
| 00:0501:41 | ||
| 01:4103:16 | ||
| 03:1604:51 | ||
| 04:5106:27 |
दिन का गौरी
8·1 घं 25 मि| 06:2607:51 | ||
| 07:5109:15 | ||
| 09:1510:40 | ||
| 10:4012:05 | ||
| 12:0513:30 | ||
| 13:3014:54 | ||
| 14:5416:19 | ||
| 16:1917:44 |
रात का गौरी
8·1 घं 35 मि| 17:4419:19 | ||
| 19:1920:55 | ||
| 20:5522:30 | ||
| 22:3000:05 | ||
| 00:0501:41 | ||
| 01:4103:16 | ||
| 03:1604:51 | ||
| 04:5106:27 |
| 04:44–05:35 | ||
| 11:42–12:27 | ||
| 19:43–21:19 | ||
| 14:54–16:19 | ||
| 09:15–10:40 | ||
| 12:05–13:30 | ||
| 14:10–15:45 |
दिन के होरा
12·56 मि| 06:2607:22 | ||
| 07:2208:19 | ||
| 08:1909:15 | ||
| 09:1510:12 | ||
| 10:1211:08 | ||
| 11:0812:05 | ||
| 12:0513:01 | ||
| 13:0113:58 | ||
| 13:5814:54 | ||
| 14:5415:51 | ||
| 15:5116:47 | ||
| 16:4717:44 |
रात के होरा
12·1 घं 4 मि| 17:4418:47 | ||
| 18:4719:51 | ||
| 19:5120:55 | ||
| 20:5521:58 | ||
| 21:5823:02 | ||
| 23:0200:05 | ||
| 00:0501:09 | ||
| 01:0902:12 | ||
| 02:1203:16 | ||
| 03:1604:19 | ||
| 04:1905:23 | ||
| 05:2306:27 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 22 अक्टूबर 2024 की तिथि क्या है?
- 22 अक्टूबर 2024 को कृष्ण षष्ठी तिथि 23 अक्टूबर 01:29 तक है, फिर कृष्ण सप्तमी आरंभ होती है।
- 22 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 22 अक्टूबर 2024 को नक्षत्र आर्द्रा और योग परिघ है।
- 22 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है।
- 22 अक्टूबर 2024 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 14:54 से 16:19 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



