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गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

गुरुवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन भाई दूज है। द्वितीया तिथि रात तक है, फिर तृतीया आरंभ होती है। चन्द्रमा विशाखा नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर अनुराधा में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:42 से 12:27 तक शुभ है; राहु काल 13:29 से 14:54 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा और सूर्य दोनों तुला राशि में हैं।

इस दिन के पर्व

गुरुवार, 23 अक्टूबर

भाई दूज

यम द्वितीया

अपराह्न13:12 – 15:28

तिलक अपराह्न में, द्वितीया रहते किया जाता है।

अन्य नाम: भैया दूज

दीपावली का समापन दिवस — गोवर्धन पूजा के अगले दिन, कार्तिक शुक्ल द्वितीया के अपराह्न में बहनें भाइयों को तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु की कामना करती हैं और भाई उपहार देते हैं। इसी दिन यम अपनी बहन यमुना के घर भोजन करने गए थे।

इस दिन के अन्य पर्व

  • चित्रगुप्त पूजा

    अन्य नाम: कलम दवात पूजा

    भाई दूज के दिन कायस्थ समाज कर्मों के लेखक चित्रगुप्त की कलम-दवात सहित पूजा करता है; पूजा पूरी होने तक लेखन नहीं किया जाता।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वितीया

      पिछले दिन 20:17 से 22:47 तक

    • फिर

      शुक्ल तृतीया

      22:47 – अगले दिन 01:19

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तकार्तिक
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • विशाखा · पाद 1

      01:51 से अगले दिन 04:51 तक

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • आयुष्मान्

      04:05 से अगले दिन 04:59 तक

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      पिछले दिन 20:17 से 09:31 तक

    • फिर

      कौलव

      09:31 – 22:47

    • फिर

      तैतिल

      22:47 – अगले दिन 12:03

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वितीया · गुरु

00061218शुभ · 06:26 – 07:51रोग · 07:51 – 09:16उद्वेग · 09:16 – 10:40चल · 10:40 – 12:05लाभ · 12:05 – 13:29अमृत · 13:29 – 14:54काल · 14:54 – 16:19शुभ · 16:19 – 17:43अमृत · 17:43 – 19:19चल · 19:19 – 20:54रोग · 20:54 – 22:30काल · 22:30 – 00:05लाभ · 00:05 – 01:41उद्वेग · 01:41 – 03:16शुभ · 03:16 – 04:52अमृत · 04:52 – 06:27धन · 06:26 – 07:51सुख · 07:51 – 09:16चोर · 09:16 – 10:40उद्योग · 10:40 – 12:05अमृत · 12:05 – 13:29विष · 13:29 – 14:54रोग · 14:54 – 16:19लाभ · 16:19 – 17:43अमृत · 17:43 – 19:19विष · 19:19 – 20:54रोग · 20:54 – 22:30लाभ · 22:30 – 00:05धन · 00:05 – 01:41सुख · 01:41 – 03:16चोर · 03:16 – 04:52उद्योग · 04:52 – 06:27ब्रह्म मुहूर्त · 04:45 – 05:36अभिजित मुहूर्त · 11:42 – 12:27अमृत काल · 18:57 – 20:45राहु काल · 13:29 – 14:54यमगण्ड काल · 06:26 – 07:51गुलिक काल · 09:16 – 10:40वर्ज्यम् · 08:09 – 09:57गुरु · 06:26 – 07:23मंगल · 07:23 – 08:19सूर्य · 08:19 – 09:16शुक्र · 09:16 – 10:12बुध · 10:12 – 11:08चंद्र · 11:08 – 12:05शनि · 12:05 – 13:01गुरु · 13:01 – 13:58मंगल · 13:58 – 14:54सूर्य · 14:54 – 15:50शुक्र · 15:50 – 16:47बुध · 16:47 – 17:43चंद्र · 17:43 – 18:47शनि · 18:47 – 19:50गुरु · 19:50 – 20:54मंगल · 20:54 – 21:58सूर्य · 21:58 – 23:01शुक्र · 23:01 – 00:05बुध · 00:05 – 01:09चंद्र · 01:09 – 02:12शनि · 02:12 – 03:16गुरु · 03:16 – 04:20मंगल · 04:20 – 05:23सूर्य · 05:23 – 06:27

23 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 25 मि
06:26
07:51
09:16
10:40
12:05
13:29
14:54
16:19

रात का चौघड़िया

8·1 घं 35 मि
17:43
19:19
20:54
22:30
00:05
01:41
03:16
04:52

दिन का गौरी

8·1 घं 25 मि
06:26
07:51
09:16
10:40
12:05
13:29
14:54
16:19

रात का गौरी

8·1 घं 35 मि
17:43
19:19
20:54
22:30
00:05
01:41
03:16
04:52
04:45–05:36
11:42–12:27
18:57–20:45
13:29–14:54
06:26–07:51
09:16–10:40
08:09–09:57

दिन के होरा

12·56 मि
06:26
07:23
08:19
09:16
10:12
11:08
12:05
13:01
13:58
14:54
15:50
16:47

रात के होरा

12·1 घं 4 मि
17:43
18:47
19:50
20:54
21:58
23:01
00:05
01:09
02:12
03:16
04:20
05:23

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

23 अक्टूबर 2025 की तिथि क्या है?
23 अक्टूबर 2025 को शुक्ल द्वितीया तिथि 22:47 तक है, फिर शुक्ल तृतीया आरंभ होती है।
23 अक्टूबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
23 अक्टूबर 2025 को नक्षत्र विशाखा और योग आयुष्मान् है।
23 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है।
23 अक्टूबर 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:29 से 14:54 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।