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गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

गुरुवार, कृष्ण पक्ष। इस दिन नरक चतुर्दशी है। चतुर्दशी तिथि रात तक है, फिर अमावस्या आरंभ होती है। चन्द्रमा हस्त नक्षत्र में सुबह तक है, फिर चित्रा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:42 से 12:27 तक शुभ है; राहु काल 13:28 से 14:52 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

इस दिन के पर्व

गुरुवार, 28 अक्टूबर

नरक चतुर्दशी

अरुणोदय05:01 – 06:29

अभ्यंग स्नान अरुणोदय काल में चंद्रोदय के बाद और सूर्योदय से पहले, चतुर्दशी रहते किया जाता है।

अन्य नाम: छोटी दिवाली · रूप चौदस

प्रायः दीपावली से एक दिन पहले (कुछ वर्षों में उसी दिन)। सूर्योदय से पूर्व अभ्यंग स्नान (तेल स्नान) नरकासुर पर श्रीकृष्ण की विजय का प्रतीक है। उत्तर भारत में इसे छोटी दिवाली और राजस्थान में रूप चौदस कहते हैं।

काली पूजा

निशीथ काल23:39 – 00:30, 29 अक्टूबर

काली पूजा निशीथ काल — मध्यरात्रि — में की जाती है।

बंगालअन्य नाम: श्यामा पूजा

बंगाल में दीपावली की अमावस्या काली पूजा के रूप में मनाई जाती है: निशीथ काल में घरों और पंडालों में दीप, जवा पुष्प और मिठाई के साथ देवी की पूजा होती है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्दशी

      पिछले दिन 22:50 से 20:48 तक

    • फिर

      अमावस्या

      20:48 – अगले दिन 19:06

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • गुरुवार

    गुरुवार (स्वामी गुरु/बृहस्पति) — सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तकार्तिक

नक्षत्र · योग · करण

    • हस्त

      पिछले दिन 13:00 से 11:36 तक

    • फिर

      चित्रा

      11:36 – अगले दिन 10:27

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • विष्कुम्भ

      05:45 से अगले दिन 03:01 तक

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      पिछले दिन 22:50 से 09:47 तक

    • फिर

      शकुनि

      09:47 – 20:48

    • फिर

      चतुष्पाद

      20:48 – अगले दिन 07:54

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्दशी · गुरु

00061218शुभ · 06:29 – 07:53रोग · 07:53 – 09:17उद्वेग · 09:17 – 10:41चल · 10:41 – 12:04लाभ · 12:04 – 13:28अमृत · 13:28 – 14:52काल · 14:52 – 16:15शुभ · 16:15 – 17:39अमृत · 17:39 – 19:16चल · 19:16 – 20:52रोग · 20:52 – 22:28काल · 22:28 – 00:05लाभ · 00:05 – 01:41उद्वेग · 01:41 – 03:17शुभ · 03:17 – 04:54अमृत · 04:54 – 06:30धन · 06:29 – 07:53सुख · 07:53 – 09:17चोर · 09:17 – 10:41उद्योग · 10:41 – 12:04अमृत · 12:04 – 13:28विष · 13:28 – 14:52रोग · 14:52 – 16:15लाभ · 16:15 – 17:39अमृत · 17:39 – 19:16विष · 19:16 – 20:52रोग · 20:52 – 22:28लाभ · 22:28 – 00:05धन · 00:05 – 01:41सुख · 01:41 – 03:17चोर · 03:17 – 04:54उद्योग · 04:54 – 06:30ब्रह्म मुहूर्त · 04:47 – 05:38अभिजित मुहूर्त · 11:42 – 12:27अमृत काल · 05:57 – 07:27राहु काल · 13:28 – 14:52यमगण्ड काल · 06:29 – 07:53गुलिक काल · 09:17 – 10:41वर्ज्यम् · 19:13 – 20:44गुरु · 06:29 – 07:25मंगल · 07:25 – 08:21सूर्य · 08:21 – 09:17शुक्र · 09:17 – 10:13बुध · 10:13 – 11:08चंद्र · 11:08 – 12:04शनि · 12:04 – 13:00गुरु · 13:00 – 13:56मंगल · 13:56 – 14:52सूर्य · 14:52 – 15:48शुक्र · 15:48 – 16:43बुध · 16:43 – 17:39चंद्र · 17:39 – 18:43शनि · 18:43 – 19:48गुरु · 19:48 – 20:52मंगल · 20:52 – 21:56सूर्य · 21:56 – 23:00शुक्र · 23:00 – 00:05बुध · 00:05 – 01:09चंद्र · 01:09 – 02:13शनि · 02:13 – 03:17गुरु · 03:17 – 04:22मंगल · 04:22 – 05:26सूर्य · 05:26 – 06:30

28 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 24 मि
06:29
07:53
09:17
10:41
12:04
13:28
14:52
16:15

रात का चौघड़िया

8·1 घं 36 मि
17:39
19:16
20:52
22:28
00:05
01:41
03:17
04:54

दिन का गौरी

8·1 घं 24 मि
06:29
07:53
09:17
10:41
12:04
13:28
14:52
16:15

रात का गौरी

8·1 घं 36 मि
17:39
19:16
20:52
22:28
00:05
01:41
03:17
04:54
04:47–05:38
11:42–12:27
05:57–07:27
13:28–14:52
06:29–07:53
09:17–10:41
19:13–20:44

दिन के होरा

12·56 मि
06:29
07:25
08:21
09:17
10:13
11:08
12:04
13:00
13:56
14:52
15:48
16:43

रात के होरा

12·1 घं 4 मि
17:39
18:43
19:48
20:52
21:56
23:00
00:05
01:09
02:13
03:17
04:22
05:26

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

28 अक्टूबर 2027 की तिथि क्या है?
28 अक्टूबर 2027 को कृष्ण चतुर्दशी तिथि 20:48 तक है, फिर अमावस्या आरंभ होती है।
28 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
28 अक्टूबर 2027 को नक्षत्र हस्त और योग विष्कुम्भ है।
28 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है।
28 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:28 से 14:52 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।