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मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा तिथि सुबह तक है, फिर प्रतिपदा आरंभ होती है। पूर्णिमा पूर्ण चंद्र की तिथि है, भक्ति और काम पूरे करने का दिन। चन्द्रमा रेवती नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर अश्विनी में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:45 से 12:32 तक शुभ है; राहु काल 15:04 से 16:32 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 12:24 से 09:17 तक

    • फिर

      कृष्ण प्रतिपदा

      09:17 – अगले दिन 05:53

    पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि। भक्ति, व्रत और आरंभ किए काम पूरे करने का दिन।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • रेवती · पाद 1

      04:01 से अगले दिन 01:28 तक

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • ध्रुव

      पिछले दिन 13:13 से 09:31 तक

    • फिर

      व्याघात

      09:31 – अगले दिन 05:35

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      पिछले दिन 22:53 से 09:17 तक

    • फिर

      बालव

      09:17 – 19:37

    • फिर

      कौलव

      19:37 – अगले दिन 05:53

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · मंगल

00061218रोग · 06:17 – 07:45उद्वेग · 07:45 – 09:13चल · 09:13 – 10:40लाभ · 10:40 – 12:08अमृत · 12:08 – 13:36काल · 13:36 – 15:04शुभ · 15:04 – 16:32रोग · 16:32 – 18:00काल · 18:00 – 19:32लाभ · 19:32 – 21:04उद्वेग · 21:04 – 22:36शुभ · 22:36 – 00:09अमृत · 00:09 – 01:41चल · 01:41 – 03:13रोग · 03:13 – 04:45काल · 04:45 – 06:17रोग · 06:17 – 07:45लाभ · 07:45 – 09:13धन · 09:13 – 10:40सुख · 10:40 – 12:08चोर · 12:08 – 13:36उद्योग · 13:36 – 15:04विष · 15:04 – 16:32अमृत · 16:32 – 18:00चोर · 18:00 – 19:32उद्योग · 19:32 – 21:04विष · 21:04 – 22:36अमृत · 22:36 – 00:09रोग · 00:09 – 01:41लाभ · 01:41 – 03:13धन · 03:13 – 04:45सुख · 04:45 – 06:17ब्रह्म मुहूर्त · 04:39 – 05:28अभिजित मुहूर्त · 11:45 – 12:32अमृत काल · 23:19 – 00:45राहु काल · 15:04 – 16:32यमगण्ड काल · 09:13 – 10:40गुलिक काल · 12:08 – 13:36वर्ज्यम् · 14:45 – 16:10मंगल · 06:17 – 07:15सूर्य · 07:15 – 08:14शुक्र · 08:14 – 09:13बुध · 09:13 – 10:11चंद्र · 10:11 – 11:10शनि · 11:10 – 12:08गुरु · 12:08 – 13:07मंगल · 13:07 – 14:05सूर्य · 14:05 – 15:04शुक्र · 15:04 – 16:03बुध · 16:03 – 17:01चंद्र · 17:01 – 18:00शनि · 18:00 – 19:01गुरु · 19:01 – 20:03मंगल · 20:03 – 21:04सूर्य · 21:04 – 22:06शुक्र · 22:06 – 23:07बुध · 23:07 – 00:09चंद्र · 00:09 – 01:10शनि · 01:10 – 02:12गुरु · 02:12 – 03:13मंगल · 03:13 – 04:14सूर्य · 04:14 – 05:16शुक्र · 05:16 – 06:17

7 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 28 मि
06:17
07:45
09:13
10:40
12:08
13:36
15:04
16:32

रात का चौघड़िया

8·1 घं 32 मि
18:00
19:32
21:04
22:36
00:09
01:41
03:13
04:45

दिन का गौरी

8·1 घं 28 मि
06:17
07:45
09:13
10:40
12:08
13:36
15:04
16:32

रात का गौरी

8·1 घं 32 मि
18:00
19:32
21:04
22:36
00:09
01:41
03:13
04:45
04:39–05:28
11:45–12:32
23:19–00:45
15:04–16:32
09:13–10:40
12:08–13:36
14:45–16:10

दिन के होरा

12·59 मि
06:17
07:15
08:14
09:13
10:11
11:10
12:08
13:07
14:05
15:04
16:03
17:01

रात के होरा

12·1 घं 1 मि
18:00
19:01
20:03
21:04
22:06
23:07
00:09
01:10
02:12
03:13
04:14
05:16

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 अक्टूबर 2025 की तिथि क्या है?
7 अक्टूबर 2025 को पूर्णिमा तिथि 09:17 तक है, फिर कृष्ण प्रतिपदा आरंभ होती है।
7 अक्टूबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
7 अक्टूबर 2025 को नक्षत्र रेवती और योग ध्रुव है।
7 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है।
7 अक्टूबर 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:04 से 16:32 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।