मुख्य सामग्री पर जाएँ

शनिवार, 9 अक्टूबर 2027

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

शनिवार, शुक्ल पक्ष। इस दिन दशहरा है। नवमी तिथि सुबह तक है, फिर दशमी आरंभ होती है। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर श्रवण में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:45 से 12:31 तक शुभ है; राहु काल 09:13 से 10:40 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

इस दिन के पर्व

शनिवार, 9 अक्टूबर

दशहरा

विजयादशमी

अपराह्न13:18 – 15:38

शमी पूजन, अपराजिता पूजन और रावण दहन अपराह्न में होते हैं; विजय मुहूर्त इसी में आता है।

रावण पर श्रीराम की विजय का उत्सव — असत्य पर सत्य की जीत। अनेक नगरों में रावण के पुतले का दहन होता है; अन्य स्थानों पर यह नवरात्रि की पूर्णाहुति का दिन है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल नवमी

      पिछले दिन 06:27 से 09:02 तक

    • फिर

      शुक्ल दशमी

      09:02 – अगले दिन 11:41

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तआश्विन
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर आषाढ़ा

      पिछले दिन 07:14 से 10:18 तक

    • फिर

      श्रवण

      10:18 – अगले दिन 13:25

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • सुकर्मा

      पिछले दिन 12:52 से 13:52 तक

    • फिर

      धृति

      13:52 – अगले दिन 14:53

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      पिछले दिन 19:43 से 09:02 तक

    • फिर

      तैतिल

      09:02 – 22:22

    • फिर

      गर

      22:22 – अगले दिन 11:41

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल नवमी · शनि

00061218काल · 06:18 – 07:45शुभ · 07:45 – 09:13रोग · 09:13 – 10:40उद्वेग · 10:40 – 12:08चल · 12:08 – 13:35लाभ · 13:35 – 15:03अमृत · 15:03 – 16:30काल · 16:30 – 17:58लाभ · 17:58 – 19:31उद्वेग · 19:31 – 21:03शुभ · 21:03 – 22:36अमृत · 22:36 – 00:08चल · 00:08 – 01:41रोग · 01:41 – 03:13काल · 03:13 – 04:46लाभ · 04:46 – 06:18चोर · 06:18 – 07:45उद्योग · 07:45 – 09:13विष · 09:13 – 10:40अमृत · 10:40 – 12:08रोग · 12:08 – 13:35लाभ · 13:35 – 15:03धन · 15:03 – 16:30सुख · 16:30 – 17:58लाभ · 17:58 – 19:31धन · 19:31 – 21:03सुख · 21:03 – 22:36चोर · 22:36 – 00:08उद्योग · 00:08 – 01:41विष · 01:41 – 03:13अमृत · 03:13 – 04:46रोग · 04:46 – 06:18ब्रह्म मुहूर्त · 04:39 – 05:28अभिजित मुहूर्त · 11:45 – 12:31अमृत काल · 01:40 – 03:28राहु काल · 09:13 – 10:40यमगण्ड काल · 13:35 – 15:03गुलिक काल · 06:18 – 07:45वर्ज्यम् · 14:49 – 16:37शनि · 06:18 – 07:16गुरु · 07:16 – 08:14मंगल · 08:14 – 09:13सूर्य · 09:13 – 10:11शुक्र · 10:11 – 11:09बुध · 11:09 – 12:08चंद्र · 12:08 – 13:06शनि · 13:06 – 14:05गुरु · 14:05 – 15:03मंगल · 15:03 – 16:01सूर्य · 16:01 – 17:00शुक्र · 17:00 – 17:58बुध · 17:58 – 19:00चंद्र · 19:00 – 20:01शनि · 20:01 – 21:03गुरु · 21:03 – 22:05मंगल · 22:05 – 23:06सूर्य · 23:06 – 00:08शुक्र · 00:08 – 01:10बुध · 01:10 – 02:12चंद्र · 02:12 – 03:13शनि · 03:13 – 04:15गुरु · 04:15 – 05:17मंगल · 05:17 – 06:18

9 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 28 मि
06:18
07:45
09:13
10:40
12:08
13:35
15:03
16:30

रात का चौघड़िया

8·1 घं 33 मि
17:58
19:31
21:03
22:36
00:08
01:41
03:13
04:46

दिन का गौरी

8·1 घं 28 मि
06:18
07:45
09:13
10:40
12:08
13:35
15:03
16:30

रात का गौरी

8·1 घं 33 मि
17:58
19:31
21:03
22:36
00:08
01:41
03:13
04:46
04:39–05:28
11:45–12:31
01:40–03:28
09:13–10:40
13:35–15:03
06:18–07:45
14:49–16:37

दिन के होरा

12·58 मि
06:18
07:16
08:14
09:13
10:11
11:09
12:08
13:06
14:05
15:03
16:01
17:00

रात के होरा

12·1 घं 2 मि
17:58
19:00
20:01
21:03
22:05
23:06
00:08
01:10
02:12
03:13
04:15
05:17

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

9 अक्टूबर 2027 की तिथि क्या है?
9 अक्टूबर 2027 को शुक्ल नवमी तिथि 09:02 तक है, फिर शुक्ल दशमी आरंभ होती है।
9 अक्टूबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
9 अक्टूबर 2027 को नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग सुकर्मा है।
9 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है।
9 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:13 से 10:40 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।