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मंगलवार, 10 सितंबर 2024

दैनिक पंचांग

शुक्ल पक्ष

मंगलवार, शुक्ल पक्ष। सप्तमी तिथि रात तक है, फिर अष्टमी आरंभ होती है। सप्तमी सहज तिथि है, रोज़ के काम और यात्रा के लिए अच्छी। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में रात तक है, फिर ज्येष्ठा में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:52 से 12:42 तक शुभ है; राहु काल 15:24 से 16:58 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल सप्तमी

      पिछले दिन 21:53 से 23:12 तक

    • फिर

      शुक्ल अष्टमी

      23:12 – अगले दिन 23:46

    सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।

  • मंगलवार

    मंगलवार (स्वामी मंगल) — ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तभाद्रपद
    पूर्णिमान्तभाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • अनुराधा

      पिछले दिन 18:04 से 20:04 तक

    • फिर

      ज्येष्ठा

      20:04 – अगले दिन 21:21

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • विष्कुम्भ

      00:32 से अगले दिन 00:30 तक

    अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।

    • गर

      पिछले दिन 21:53 से 10:38 तक

    • फिर

      वणिज

      10:38 – 23:12

    • फिर

      विष्टि

      23:12 – अगले दिन 11:35

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल सप्तमी · मंगल

00061218रोग · 06:03 – 07:37उद्वेग · 07:37 – 09:10चल · 09:10 – 10:44लाभ · 10:44 – 12:17अमृत · 12:17 – 13:51काल · 13:51 – 15:24शुभ · 15:24 – 16:58रोग · 16:58 – 18:31काल · 18:31 – 19:58लाभ · 19:58 – 21:24उद्वेग · 21:24 – 22:51शुभ · 22:51 – 00:18अमृत · 00:18 – 01:44चल · 01:44 – 03:11रोग · 03:11 – 04:37काल · 04:37 – 06:04रोग · 06:03 – 07:37लाभ · 07:37 – 09:10धन · 09:10 – 10:44सुख · 10:44 – 12:17चोर · 12:17 – 13:51उद्योग · 13:51 – 15:24विष · 15:24 – 16:58अमृत · 16:58 – 18:31चोर · 18:31 – 19:58उद्योग · 19:58 – 21:24विष · 21:24 – 22:51अमृत · 22:51 – 00:18रोग · 00:18 – 01:44लाभ · 01:44 – 03:11धन · 03:11 – 04:37सुख · 04:37 – 06:04ब्रह्म मुहूर्त · 04:31 – 05:17अभिजित मुहूर्त · 11:52 – 12:42अमृत काल · 08:48 – 10:32राहु काल · 15:24 – 16:58यमगण्ड काल · 09:10 – 10:44गुलिक काल · 12:17 – 13:51वर्ज्यम् · 01:58 – 03:39मंगल · 06:03 – 07:06सूर्य · 07:06 – 08:08शुक्र · 08:08 – 09:10बुध · 09:10 – 10:13चंद्र · 10:13 – 11:15शनि · 11:15 – 12:17गुरु · 12:17 – 13:20मंगल · 13:20 – 14:22सूर्य · 14:22 – 15:24शुक्र · 15:24 – 16:27बुध · 16:27 – 17:29चंद्र · 17:29 – 18:31शनि · 18:31 – 19:29गुरु · 19:29 – 20:27मंगल · 20:27 – 21:24सूर्य · 21:24 – 22:22शुक्र · 22:22 – 23:20बुध · 23:20 – 00:18चंद्र · 00:18 – 01:15शनि · 01:15 – 02:13गुरु · 02:13 – 03:11मंगल · 03:11 – 04:08सूर्य · 04:08 – 05:06शुक्र · 05:06 – 06:04

10 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 34 मि
06:03
07:37
09:10
10:44
12:17
13:51
15:24
16:58

रात का चौघड़िया

8·1 घं 27 मि
18:31
19:58
21:24
22:51
00:18
01:44
03:11
04:37

दिन का गौरी

8·1 घं 34 मि
06:03
07:37
09:10
10:44
12:17
13:51
15:24
16:58

रात का गौरी

8·1 घं 27 मि
18:31
19:58
21:24
22:51
00:18
01:44
03:11
04:37
04:31–05:17
11:52–12:42
08:48–10:32
15:24–16:58
09:10–10:44
12:17–13:51
01:58–03:39

दिन के होरा

12·1 घं 2 मि
06:03
07:06
08:08
09:10
10:13
11:15
12:17
13:20
14:22
15:24
16:27
17:29

रात के होरा

12·58 मि
18:31
19:29
20:27
21:24
22:22
23:20
00:18
01:15
02:13
03:11
04:08
05:06

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

10 सितंबर 2024 की तिथि क्या है?
10 सितंबर 2024 को शुक्ल सप्तमी तिथि 23:12 तक है, फिर शुक्ल अष्टमी आरंभ होती है।
10 सितंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
10 सितंबर 2024 को नक्षत्र अनुराधा और योग विष्कुम्भ है।
10 सितंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है।
10 सितंबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:24 से 16:58 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।