मुख्य सामग्री पर जाएँ

शनिवार, 13 सितंबर 2025

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शनिवार, कृष्ण पक्ष। षष्ठी तिथि सुबह तक है, फिर सप्तमी आरंभ होती है। षष्ठी बल की तिथि है, कठिन काम पूरे करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा कृत्तिका नक्षत्र में सुबह तक है, फिर रोहिणी में। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:52 से 12:41 तक शुभ है; राहु काल 09:11 से 10:43 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य सिंह राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण षष्ठी

      पिछले दिन 09:59 से 07:23 तक

    • फिर

      कृष्ण सप्तमी

      07:23 – अगले दिन 05:04

    षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

  • शनिवार

    शनिवार (स्वामी शनि) — अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तभाद्रपद
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • कृत्तिका

      पिछले दिन 11:58 से 10:11 तक

    • फिर

      रोहिणी

      10:11 – अगले दिन 08:41

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • हर्षण

      पिछले दिन 13:43 से 10:32 तक

    • फिर

      वज्र

      10:32 – अगले दिन 07:35

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 20:39 से 07:23 तक

    • फिर

      विष्टि

      07:23 – 18:11

    • फिर

      बव

      18:11 – अगले दिन 05:04

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण षष्ठी · शनि

00061218काल · 06:05 – 07:38शुभ · 07:38 – 09:11रोग · 09:11 – 10:43उद्वेग · 10:43 – 12:16चल · 12:16 – 13:49लाभ · 13:49 – 15:22अमृत · 15:22 – 16:55काल · 16:55 – 18:28लाभ · 18:28 – 19:55उद्वेग · 19:55 – 21:22शुभ · 21:22 – 22:49अमृत · 22:49 – 00:17चल · 00:17 – 01:44रोग · 01:44 – 03:11काल · 03:11 – 04:38लाभ · 04:38 – 06:05चोर · 06:05 – 07:38उद्योग · 07:38 – 09:11विष · 09:11 – 10:43अमृत · 10:43 – 12:16रोग · 12:16 – 13:49लाभ · 13:49 – 15:22धन · 15:22 – 16:55सुख · 16:55 – 18:28लाभ · 18:28 – 19:55धन · 19:55 – 21:22सुख · 21:22 – 22:49चोर · 22:49 – 00:17उद्योग · 00:17 – 01:44विष · 01:44 – 03:11अमृत · 03:11 – 04:38रोग · 04:38 – 06:05ब्रह्म मुहूर्त · 04:32 – 05:18अभिजित मुहूर्त · 11:52 – 12:41अमृत काल · 07:58 – 09:26राहु काल · 09:11 – 10:43यमगण्ड काल · 13:49 – 15:22गुलिक काल · 06:05 – 07:38वर्ज्यम् · 01:11 – 02:41शनि · 06:05 – 07:07गुरु · 07:07 – 08:09मंगल · 08:09 – 09:11सूर्य · 09:11 – 10:12शुक्र · 10:12 – 11:14बुध · 11:14 – 12:16चंद्र · 12:16 – 13:18शनि · 13:18 – 14:20गुरु · 14:20 – 15:22मंगल · 15:22 – 16:24सूर्य · 16:24 – 17:26शुक्र · 17:26 – 18:28बुध · 18:28 – 19:26चंद्र · 19:26 – 20:24शनि · 20:24 – 21:22गुरु · 21:22 – 22:20मंगल · 22:20 – 23:19सूर्य · 23:19 – 00:17शुक्र · 00:17 – 01:15बुध · 01:15 – 02:13चंद्र · 02:13 – 03:11शनि · 03:11 – 04:09गुरु · 04:09 – 05:07मंगल · 05:07 – 06:05

13 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 33 मि
06:05
07:38
09:11
10:43
12:16
13:49
15:22
16:55

रात का चौघड़िया

8·1 घं 27 मि
18:28
19:55
21:22
22:49
00:17
01:44
03:11
04:38

दिन का गौरी

8·1 घं 33 मि
06:05
07:38
09:11
10:43
12:16
13:49
15:22
16:55

रात का गौरी

8·1 घं 27 मि
18:28
19:55
21:22
22:49
00:17
01:44
03:11
04:38
04:32–05:18
11:52–12:41
07:58–09:26
09:11–10:43
13:49–15:22
06:05–07:38
01:11–02:41

दिन के होरा

12·1 घं 2 मि
06:05
07:07
08:09
09:11
10:12
11:14
12:16
13:18
14:20
15:22
16:24
17:26

रात के होरा

12·58 मि
18:28
19:26
20:24
21:22
22:20
23:19
00:17
01:15
02:13
03:11
04:09
05:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

13 सितंबर 2025 की तिथि क्या है?
13 सितंबर 2025 को कृष्ण षष्ठी तिथि 07:23 तक है, फिर कृष्ण सप्तमी आरंभ होती है।
13 सितंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
13 सितंबर 2025 को नक्षत्र कृत्तिका और योग हर्षण है।
13 सितंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है।
13 सितंबर 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 09:11 से 10:43 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।