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शुक्रवार, 20 सितंबर 2024

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। तृतीया तिथि रात तक है, फिर चतुर्थी आरंभ होती है। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा अश्विनी नक्षत्र में अगले दिन तड़के तक है, फिर भरणी में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:49 से 12:38 तक शुभ है; राहु काल 10:42 से 12:14 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण तृतीया

      00:40 से 21:15 तक

    • फिर

      कृष्ण चतुर्थी

      21:15 – अगले दिन 18:14

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तभाद्रपद
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी · पाद 1

      05:15 से अगले दिन 02:42 तक

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • ध्रुव

      पिछले दिन 19:18 से 15:18 तक

    • फिर

      व्याघात

      15:18 – अगले दिन 11:36

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      00:40 से 10:55 तक

    • फिर

      विष्टि

      10:55 – 21:15

    • फिर

      बव

      21:15 – अगले दिन 07:41

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण तृतीया · शुक्र

00061218चल · 06:08 – 07:40लाभ · 07:40 – 09:11अमृत · 09:11 – 10:42काल · 10:42 – 12:14शुभ · 12:14 – 13:45रोग · 13:45 – 15:17उद्वेग · 15:17 – 16:48चल · 16:48 – 18:19रोग · 18:19 – 19:48काल · 19:48 – 21:17लाभ · 21:17 – 22:45उद्वेग · 22:45 – 00:14शुभ · 00:14 – 01:43अमृत · 01:43 – 03:11चल · 03:11 – 04:40रोग · 04:40 – 06:09सुख · 06:08 – 07:40चोर · 07:40 – 09:11उद्योग · 09:11 – 10:42विष · 10:42 – 12:14अमृत · 12:14 – 13:45रोग · 13:45 – 15:17लाभ · 15:17 – 16:48धन · 16:48 – 18:19रोग · 18:19 – 19:48लाभ · 19:48 – 21:17धन · 21:17 – 22:45सुख · 22:45 – 00:14चोर · 00:14 – 01:43उद्योग · 01:43 – 03:11विष · 03:11 – 04:40अमृत · 04:40 – 06:09ब्रह्म मुहूर्त · 04:34 – 05:21अभिजित मुहूर्त · 11:49 – 12:38अमृत काल · 20:16 – 21:42राहु काल · 10:42 – 12:14यमगण्ड काल · 15:17 – 16:48गुलिक काल · 07:40 – 09:11वर्ज्यम् · 23:08 – 00:34शुक्र · 06:08 – 07:09बुध · 07:09 – 08:10चंद्र · 08:10 – 09:11शनि · 09:11 – 10:12गुरु · 10:12 – 11:13मंगल · 11:13 – 12:14सूर्य · 12:14 – 13:15शुक्र · 13:15 – 14:16बुध · 14:16 – 15:17चंद्र · 15:17 – 16:17शनि · 16:17 – 17:18गुरु · 17:18 – 18:19मंगल · 18:19 – 19:18सूर्य · 19:18 – 20:18शुक्र · 20:18 – 21:17बुध · 21:17 – 22:16चंद्र · 22:16 – 23:15शनि · 23:15 – 00:14गुरु · 00:14 – 01:13मंगल · 01:13 – 02:12सूर्य · 02:12 – 03:11शुक्र · 03:11 – 04:10बुध · 04:10 – 05:10चंद्र · 05:10 – 06:09

20 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 31 मि
06:08
07:40
09:11
10:42
12:14
13:45
15:17
16:48

रात का चौघड़िया

8·1 घं 29 मि
18:19
19:48
21:17
22:45
00:14
01:43
03:11
04:40

दिन का गौरी

8·1 घं 31 मि
06:08
07:40
09:11
10:42
12:14
13:45
15:17
16:48

रात का गौरी

8·1 घं 29 मि
18:19
19:48
21:17
22:45
00:14
01:43
03:11
04:40
04:34–05:21
11:49–12:38
20:16–21:42
10:42–12:14
15:17–16:48
07:40–09:11
23:08–00:34

दिन के होरा

12·1 घं 1 मि
06:08
07:09
08:10
09:11
10:12
11:13
12:14
13:15
14:16
15:17
16:17
17:18

रात के होरा

12·59 मि
18:19
19:18
20:18
21:17
22:16
23:15
00:14
01:13
02:12
03:11
04:10
05:10

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 सितंबर 2024 की तिथि क्या है?
20 सितंबर 2024 को कृष्ण तृतीया तिथि 21:15 तक है, फिर कृष्ण चतुर्थी आरंभ होती है।
20 सितंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
20 सितंबर 2024 को नक्षत्र अश्विनी और योग ध्रुव है।
20 सितंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:19 पर है।
20 सितंबर 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:42 से 12:14 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।