सोमवार, 20 सितंबर 2027
दैनिक पंचांग
सोमवार, कृष्ण पक्ष। चतुर्थी तिथि सुबह तक है, फिर पंचमी आरंभ होती है। चतुर्थी गणेश जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, बड़े नए काम के लिए नहीं। चन्द्रमा भरणी नक्षत्र में शाम तक है, फिर कृत्तिका में। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:38 तक शुभ है; राहु काल 07:39 से 09:11 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक भाद्रपद
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण चतुर्थी
पिछले दिन 07:09 से 07:08 तक
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फिर
कृष्ण पंचमी
07:08 – अगले दिन 06:43
चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।
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सोमवार
सोमवार (स्वामी चन्द्रमा) — शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तभाद्रपदपूर्णिमान्तआश्विन
नक्षत्र · योग · करण
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भरणी
पिछले दिन 17:41 से 18:09 तक
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फिर
कृत्तिका
18:09 – अगले दिन 18:12
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
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व्याघात
पिछले दिन 08:18 से 07:14 तक
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फिर
हर्षण
07:14 – अगले दिन 05:49
अशुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग प्रतिकूल है। परंपरा में बड़े नए काम टाले जाते हैं।
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बालव
पिछले दिन 19:12 से 07:08 तक
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फिर
कौलव
07:08 – 18:59
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फिर
तैतिल
18:59 – अगले दिन 06:43
चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चौघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तारीख़ के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्थी · सोम
20 सित॰
दैनिक पंचांग
दिन का चौघड़िया
8·1 घं 32 मि| 06:0807:39 | ||
| 07:3909:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:14 | ||
| 12:1413:46 | ||
| 13:4615:17 | ||
| 15:1716:49 | ||
| 16:4918:20 |
रात का चौघड़िया
8·1 घं 29 मि| 18:2019:49 | ||
| 19:4921:17 | ||
| 21:1722:46 | ||
| 22:4600:14 | ||
| 00:1401:43 | ||
| 01:4303:11 | ||
| 03:1104:40 | ||
| 04:4006:08 |
दिन का गौरी
8·1 घं 32 मि| 06:0807:39 | ||
| 07:3909:11 | ||
| 09:1110:42 | ||
| 10:4212:14 | ||
| 12:1413:46 | ||
| 13:4615:17 | ||
| 15:1716:49 | ||
| 16:4918:20 |
रात का गौरी
8·1 घं 29 मि| 18:2019:49 | ||
| 19:4921:17 | ||
| 21:1722:46 | ||
| 22:4600:14 | ||
| 00:1401:43 | ||
| 01:4303:11 | ||
| 03:1104:40 | ||
| 04:4006:08 |
| 04:34–05:21 | ||
| 11:50–12:38 | ||
| 13:15–14:53 | ||
| 07:39–09:11 | ||
| 10:42–12:14 | ||
| 13:46–15:17 |
दिन के होरा
12·1 घं 1 मि| 06:0807:09 | ||
| 07:0908:10 | ||
| 08:1009:11 | ||
| 09:1110:12 | ||
| 10:1211:13 | ||
| 11:1312:14 | ||
| 12:1413:15 | ||
| 13:1514:16 | ||
| 14:1615:17 | ||
| 15:1716:18 | ||
| 16:1817:19 | ||
| 17:1918:20 |
रात के होरा
12·59 मि| 18:2019:19 | ||
| 19:1920:18 | ||
| 20:1821:17 | ||
| 21:1722:16 | ||
| 22:1623:15 | ||
| 23:1500:14 | ||
| 00:1401:13 | ||
| 01:1302:12 | ||
| 02:1203:11 | ||
| 03:1104:10 | ||
| 04:1005:09 | ||
| 05:0906:08 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 20 सितंबर 2027 की तिथि क्या है?
- 20 सितंबर 2027 को कृष्ण चतुर्थी तिथि 07:08 तक है, फिर कृष्ण पंचमी आरंभ होती है।
- 20 सितंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 20 सितंबर 2027 को नक्षत्र भरणी और योग व्याघात है।
- 20 सितंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है।
- 20 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 07:39 से 09:11 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।



