मुख्य सामग्री पर जाएँ

शुक्रवार, 24 सितंबर 2027

दैनिक पंचांग

कृष्ण पक्ष

शुक्रवार, कृष्ण पक्ष। नवमी तिथि अगले दिन तड़के तक है, फिर दशमी आरंभ होती है। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा आर्द्रा नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर पुनर्वसु में। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, नए कार्य के लिए शुभ। नए कार्य के लिए अभिजित मुहूर्त 11:48 से 12:37 तक शुभ है; राहु काल 10:42 से 12:13 तक है, इसमें नया कार्य न करें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य कन्या राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण नवमी

      02:57 से अगले दिन 00:54 तक

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार (स्वामी शुक्र) — सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तभाद्रपद
    पूर्णिमान्तआश्विन

नक्षत्र · योग · करण

    • आर्द्रा

      पिछले दिन 17:07 से 15:58 तक

    • फिर

      पुनर्वसु

      15:58 – अगले दिन 14:27

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • वरीयान्

      पिछले दिन 23:35 से 20:52 तक

    • फिर

      परिघ

      20:52 – अगले दिन 17:51

    शुभ योग — सूर्य और चन्द्रमा का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      02:57 से 13:59 तक

    • फिर

      गर

      13:59 – अगले दिन 00:54

    चर करण — महीने भर दोहराए जाने वाले सात करणों में से एक; सामान्य कार्यों के लिए ठीक।

एक नज़र में दिन

मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत में प्रचलित समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के सात सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और चार अशुभ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, वर्ज्यम्)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण नवमी · शुक्र

00061218चल · 06:10 – 07:40लाभ · 07:40 – 09:11अमृत · 09:11 – 10:42काल · 10:42 – 12:13शुभ · 12:13 – 13:43रोग · 13:43 – 15:14उद्वेग · 15:14 – 16:45चल · 16:45 – 18:15रोग · 18:15 – 19:45काल · 19:45 – 21:14लाभ · 21:14 – 22:44उद्वेग · 22:44 – 00:13शुभ · 00:13 – 01:42अमृत · 01:42 – 03:12चल · 03:12 – 04:41रोग · 04:41 – 06:10सुख · 06:10 – 07:40चोर · 07:40 – 09:11उद्योग · 09:11 – 10:42विष · 10:42 – 12:13अमृत · 12:13 – 13:43रोग · 13:43 – 15:14लाभ · 15:14 – 16:45धन · 16:45 – 18:15रोग · 18:15 – 19:45लाभ · 19:45 – 21:14धन · 21:14 – 22:44सुख · 22:44 – 00:13चोर · 00:13 – 01:42उद्योग · 01:42 – 03:12विष · 03:12 – 04:41अमृत · 04:41 – 06:10ब्रह्म मुहूर्त · 04:35 – 05:22अभिजित मुहूर्त · 11:48 – 12:37अमृत काल · 06:27 – 07:58राहु काल · 10:42 – 12:13यमगण्ड काल · 15:14 – 16:45गुलिक काल · 07:40 – 09:11वर्ज्यम् · 03:13 – 04:43शुक्र · 06:10 – 07:10बुध · 07:10 – 08:11चंद्र · 08:11 – 09:11शनि · 09:11 – 10:12गुरु · 10:12 – 11:12मंगल · 11:12 – 12:13सूर्य · 12:13 – 13:13शुक्र · 13:13 – 14:14बुध · 14:14 – 15:14चंद्र · 15:14 – 16:14शनि · 16:14 – 17:15गुरु · 17:15 – 18:15मंगल · 18:15 – 19:15सूर्य · 19:15 – 20:15शुक्र · 20:15 – 21:14बुध · 21:14 – 22:14चंद्र · 22:14 – 23:13शनि · 23:13 – 00:13गुरु · 00:13 – 01:12मंगल · 01:12 – 02:12सूर्य · 02:12 – 03:12शुक्र · 03:12 – 04:11बुध · 04:11 – 05:11चंद्र · 05:11 – 06:10

24 सित॰

दैनिक पंचांग

दिन का चौघड़िया

8·1 घं 31 मि
06:10
07:40
09:11
10:42
12:13
13:43
15:14
16:45

रात का चौघड़िया

8·1 घं 29 मि
18:15
19:45
21:14
22:44
00:13
01:42
03:12
04:41

दिन का गौरी

8·1 घं 31 मि
06:10
07:40
09:11
10:42
12:13
13:43
15:14
16:45

रात का गौरी

8·1 घं 29 मि
18:15
19:45
21:14
22:44
00:13
01:42
03:12
04:41
04:35–05:22
11:48–12:37
06:27–07:58
10:42–12:13
15:14–16:45
07:40–09:11
03:13–04:43

दिन के होरा

12·1 घं
06:10
07:10
08:11
09:11
10:12
11:12
12:13
13:13
14:14
15:14
16:14
17:15

रात के होरा

12·1 घं
18:15
19:15
20:15
21:14
22:14
23:13
00:13
01:12
02:12
03:12
04:11
05:11

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

24 सितंबर 2027 की तिथि क्या है?
24 सितंबर 2027 को कृष्ण नवमी तिथि 25 सितंबर 00:54 तक है, फिर कृष्ण दशमी आरंभ होती है।
24 सितंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
24 सितंबर 2027 को नक्षत्र आर्द्रा और योग वरीयान् है।
24 सितंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है।
24 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 10:42 से 12:13 तक है। इस समय नए महत्त्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं किए जाते।